29 जून 2026
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उद्धव ठाकरे के 'बाबर जनता पार्टी' बयान पर BJP-शिवसेना का पलटवार, कहा- राजनीतिक हताशा में अप्रासंगिक

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उद्धव ठाकरे के 'बाबर जनता पार्टी' बयान पर BJP-शिवसेना का पलटवार, कहा- राजनीतिक हताशा में अप्रासंगिक

सारांश

उद्धव ठाकरे के 'बाबर जनता पार्टी' वाले बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई आग लगा दी। BJP और शिवसेना के चार बड़े नेताओं ने एकजुट होकर जवाब दिया — और हिंदुत्व की असली विरासत को लेकर यह लड़ाई अब और तीखी होती दिख रही है।

मुख्य बातें

उद्धव ठाकरे ने BJP को 'बाबर जनता पार्टी' कहा और राम मंदिर पर विवादित बयान दिया।
BJP विधायक राम कदम ने कहा — ठाकरे ने उन्हीं दलों से गठबंधन किया जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में अड़चनें डालीं।
BJP सांसद संजय जायसवाल ने ठाकरे को राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक करार दिया।
शिवसेना विधान परिषद सदस्य मनीषा कायंदे ने कहा — पूर्व मुख्यमंत्री को ऐसी टिप्पणी शोभा नहीं देती।
राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने 2007 में कांग्रेस के राम-अस्तित्व वाले विवाद का हवाला देते हुए ठाकरे के नैतिक अधिकार पर सवाल उठाया।

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 'बाबर जनता पार्टी' कहने और राम मंदिर को लेकर दिए गए बयान पर 29 जून को BJP और शिवसेना नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। BJP विधायक राम कदम, राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश, सांसद संजय जायसवाल और शिवसेना की विधान परिषद सदस्य मनीषा कायंदे ने एकजुट होकर ठाकरे के बयान को राजनीतिक हताशा और नैतिक दोहरेपन का प्रतीक बताया।

राम कदम का पलटवार

मुंबई में BJP विधायक राम कदम ने कहा कि उद्धव ठाकरे को पहले यह स्मरण करना चाहिए कि वे किन राजनीतिक दलों के साथ सत्ता में रहे। कदम के अनुसार, ठाकरे ने उन दलों के साथ गठबंधन किया जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में कानूनी अड़चनें खड़ी करने की कोशिश की और भगवान राम के अस्तित्व को काल्पनिक बताया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ठाकरे के मुख्यमंत्रित्व काल में मंदिर बंद रखे गए जबकि अन्य गतिविधियों को अनुमति मिलती रही। कदम ने कहा, 'जब राजनीतिक रूप से सब कुछ समाप्त हो गया, तब उन्हें हिंदुत्व की याद आई है।'

संजय जायसवाल की प्रतिक्रिया

BJP सांसद संजय जायसवाल ने उद्धव ठाकरे के बयान को गंभीरता से लेने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ठाकरे आज की राजनीति में पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुके हैं और उनके अधिकांश सहयोगी नेता एवं जनप्रतिनिधि उनका साथ छोड़ चुके हैं। जायसवाल के अनुसार, राजनीतिक हताशा ही इस प्रकार के बयानों की असली वजह है।

मनीषा कायंदे और गुरु प्रकाश की टिप्पणी

शिवसेना विधान परिषद सदस्य मनीषा कायंदे ने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री जैसे वरिष्ठ नेता को इस तरह की टिप्पणी शोभा नहीं देती। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि ठाकरे को BJP के वैचारिक आधार पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि वे सत्ता के लिए कांग्रेस के साथ सरकार बनाने को तैयार हो गए थे — वही कांग्रेस जिसने 2007 में भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाया था।

हिंदुत्व की विरासत पर BJP का दावा

गुरु प्रकाश ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद और BJP की कई पीढ़ियों ने राम मंदिर आंदोलन और हिंदुत्व के लिए दशकों तक त्याग और बलिदान दिया है। उनके अनुसार, BJP को अपनी आस्था और प्रतिबद्धता का प्रमाण किसी से लेने की आवश्यकता नहीं। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) पहले से ही संगठनात्मक बिखराव और चुनावी पराजय की चुनौतियों से जूझ रही है।

आगे क्या

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयानबाजी महाराष्ट्र में हिंदुत्व की राजनीतिक जमीन पर दावेदारी की व्यापक लड़ाई का हिस्सा है। गौरतलब है कि शिवसेना के विभाजन के बाद से दोनों खेमे हिंदुत्व की असली विरासत को लेकर आमने-सामने हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद के और तीखा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीति है। लेकिन जो बात मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर छूट जाती है, वह यह है कि हिंदुत्व की 'असली विरासत' का यह दावा दोनों तरफ से चुनावी गणित से प्रेरित है, न कि केवल वैचारिक प्रतिबद्धता से। शिवसेना (यूबीटी) के लिए असली खतरा बयानबाजी नहीं, बल्कि संगठनात्मक क्षरण है — और BJP इसी कमज़ोरी को भुनाने में लगी है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उद्धव ठाकरे ने BJP को 'बाबर जनता पार्टी' क्यों कहा?
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने BJP को 'बाबर जनता पार्टी' कहा और राम मंदिर को लेकर एक विवादित बयान दिया, जिसे BJP नेताओं ने राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताया। ठाकरे के इस बयान का संदर्भ महाराष्ट्र की हिंदुत्व राजनीति और शिवसेना विभाजन के बाद की गहरी प्रतिद्वंद्विता से जुड़ा है।
BJP ने उद्धव ठाकरे के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP विधायक राम कदम, सांसद संजय जायसवाल, राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश और शिवसेना की मनीषा कायंदे ने ठाकरे के बयान को अनुचित और राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताया। नेताओं ने कहा कि ठाकरे ने खुद उन दलों से गठबंधन किया जो राम मंदिर के विरोधी रहे हैं।
राम कदम ने उद्धव ठाकरे पर क्या आरोप लगाए?
BJP विधायक राम कदम ने आरोप लगाया कि ठाकरे उन दलों के साथ सत्ता में रहे जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में कानूनी अड़चनें डालीं और भगवान राम के अस्तित्व को काल्पनिक बताया। उन्होंने यह भी कहा कि ठाकरे के मुख्यमंत्रित्व काल में मंदिर बंद रखे गए।
गुरु प्रकाश ने कांग्रेस और 2007 का संदर्भ क्यों दिया?
BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने कहा कि ठाकरे ने सत्ता के लिए उसी कांग्रेस से गठबंधन किया जिसने 2007 में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाया था। इससे उनका तर्क था कि ठाकरे को BJP की हिंदुत्व प्रतिबद्धता पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
शिवसेना (यूबीटी) की मौजूदा राजनीतिक स्थिति क्या है?
शिवसेना के विभाजन के बाद से उद्धव ठाकरे की पार्टी संगठनात्मक बिखराव और चुनावी पराजय की चुनौतियों से जूझ रही है। BJP सांसद संजय जायसवाल के अनुसार, ठाकरे के अधिकांश सहयोगी नेता और जनप्रतिनिधि उनका साथ छोड़ चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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