'बाबर जनता पार्टी' टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार, उद्धव ठाकरे को 'औरंगजेब जनता पार्टी' का जवाब
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 'बाबर जनता पार्टी' कहे जाने के बाद महाराष्ट्र की सियासत में तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। 29 जून को सामने आई इस टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कड़ा पलटवार करते हुए उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व से दूरी बनाने का आरोप लगाया।
भातखलकर का पलटवार
भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने उद्धव ठाकरे की टिप्पणी को सीधे खारिज करते हुए कहा, 'उद्धव ठाकरे की खुद की पार्टी 'औरंगजेब जनता पार्टी' है, क्योंकि औरंगजेब की कब्र पर जाकर फूल चढ़ाने वाले प्रकाश अंबेडकर के साथ उन्होंने गठबंधन किया था। अब औरंगजेब का नाम देने वाले कांग्रेस पार्टी के साथ उनका गठबंधन है — इसलिए मैं उद्धव ठाकरे को इतना ही कहूँगा कि वो बाबर की उठापटक न करें।'
भातखलकर ने इसी अवसर पर महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की भी वकालत की। उन्होंने बताया कि उन्होंने विधानसभा में इस संबंध में एक प्राइवेट मेंबर बिल प्रस्तुत किया है और उम्मीद जताई कि मौजूदा विधानसभा सत्र में इस पर चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह राज्य सरकार ने एंटी कन्वर्जन बिल लाने की घोषणा की है, उसी प्रकार आने वाले समय में UCC बिल भी लाया जाएगा।
संजय उपाध्याय की तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने भी उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'स्वर्गीय हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के विचार छोड़ने के बाद उद्धव ठाकरे को बाबर नहीं याद आएगा तो और कौन याद आएगा? भारतीय जनता पार्टी को बदनाम करने से अच्छा वो अपने दामन को देखें। जब से उन्होंने हिंदुत्व छोड़ा है, महाराष्ट्र की जनता ने उनका साथ छोड़ दिया है। अब उनके पास बाबर के सिवाय कोई पर्याय नहीं है।'
TET पेपर लीक पर भाजपा का रुख
उपाध्याय ने इसी दौरान शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले पर भी सरकार का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यदि जाँच में परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी या घोटाले की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में पहले से ही सक्रिय है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ती तल्खी
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब महाराष्ट्र में महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच वैचारिक टकराव पहले से ही तेज है। उद्धव ठाकरे की 'बाबर जनता पार्टी' वाली टिप्पणी को भाजपा ने न केवल अपमानजनक बताया, बल्कि इसे उद्धव के हिंदुत्व से दूरी का प्रमाण भी करार दिया। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब दोनों पक्षों के बीच ऐतिहासिक प्रतीकों को लेकर इस तरह की राजनीतिक जुबानी जंग देखी गई हो। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आने की संभावना है।