हरदीप सिंह पुरी ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया, BJP की जीत लगभग तय
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर 2026 को भोपाल स्थित विधानसभा परिसर में मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें उस सीट के लिए उम्मीदवार बनाया है जो डॉ. एल. मुरुगन के केंद्रीय मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है। संख्या बल को देखते हुए पुरी का निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है।
नामांकन का घटनाक्रम
नामांकन दाखिल करने से पहले केंद्रीय मंत्री पुरी अरेरा कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा साहिब पहुँचे, जहाँ उन्होंने मत्था टेका और देशवासियों की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। इसके बाद वे विधानसभा पहुँचे और निर्वाचन कार्यालय में औपचारिक रूप से नामांकन पत्र जमा किया।
नामांकन के अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, BJP प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला, राष्ट्रीय प्रकोष्ठ संकुल संयोजक विष्णुदत्त शर्मा, तथा कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
यह उपचुनाव डॉ. एल. मुरुगन के केंद्रीय मंत्री पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफे के कारण आवश्यक हुआ। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं, जिनमें से 8 पर BJP और 2 पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के सदस्य हैं। यदि पुरी यह सीट जीतते हैं — जिसकी प्रबल संभावना है — तो राज्य में BJP के राज्यसभा सदस्यों की संख्या बढ़कर 9 हो जाएगी।
विधानसभा में संख्या बल के आधार पर BJP को इस उपचुनाव में कोई कठिनाई नहीं है। दूसरी ओर, कांग्रेस अब तक इस सीट के लिए अपने उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं कर पाई है, जिससे उसकी चुनौती और भी सीमित दिखती है।
कांग्रेस का विरोध और एपस्टीन प्रकरण का आरोप
कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पुरी की उम्मीदवारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि कथित तौर पर एपस्टीन प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों, ईमेल और मुलाकातों में पुरी का नाम सामने आया है। पटवारी के अनुसार, BJP को देश के सामने इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। BJP की ओर से इस आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह ऐसे समय में आया है जब एपस्टीन दस्तावेज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में हैं और विपक्ष इसे राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग कर रहा है।
आगे क्या होगा
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदान की तिथि निर्धारित होगी। संख्या बल के आधार पर विश्लेषकों का मानना है कि हरदीप सिंह पुरी आसानी से निर्वाचित होंगे और मध्य प्रदेश से राज्यसभा में BJP का प्रतिनिधित्व और मज़बूत होगा। कांग्रेस यदि उम्मीदवार उतारती भी है, तो उसके लिए संख्या जुटाना बड़ी चुनौती होगी।