हरदीप सिंह पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए 1 नवंबर को भरेंगे नामांकन, BJP की जीत तय
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी शनिवार, 1 नवंबर 2026 को भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 28 अक्टूबर को उन्हें आधिकारिक रूप से अपना उम्मीदवार घोषित किया था। यह सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई है।
नामांकन का कार्यक्रम
मध्य प्रदेश भाजपा के मीडिया विभाग के अनुसार, हरदीप सिंह पुरी शनिवार सुबह 10:30 बजे प्रदेश भाजपा मुख्यालय पहुँचेंगे, जहाँ वे मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे वे नामांकन दाखिल करने के लिए विधानसभा की ओर रवाना होंगे।
नामांकन प्रक्रिया में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तथा अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहेंगे।
सीट क्यों हुई रिक्त
यह राज्यसभा सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के कारण खाली हुई है। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। 12 नवंबर को होने वाले उपचुनाव में जो उम्मीदवार जीतेगा, वह इसी शेष अवधि तक सदन में रहेगा।
वर्तमान में पुरी उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं और उनका मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। मध्य प्रदेश से उनकी उम्मीदवारी इसी राजनीतिक संदर्भ में देखी जा रही है।
कांग्रेस की आपत्तियाँ
विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने भाजपा के इस फैसले पर दो मोर्चों पर सवाल उठाए हैं। पहला — पार्टी ने किसी स्थानीय मध्य प्रदेश नेता के बजाय राज्य के बाहर के नेता को उम्मीदवार बनाया है। दूसरा — कांग्रेस ने अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से पुरी की कथित मुलाकातों का भी मुद्दा उठाया है और पुरी तथा भाजपा दोनों से इस संबंध में स्पष्टीकरण माँगा है।
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव सीधे मतदाताओं द्वारा नहीं, बल्कि विधानसभा सदस्यों द्वारा होता है — ऐसे में कांग्रेस की आपत्तियाँ राजनीतिक दबाव के रूप में अधिक देखी जा रही हैं।
विधानसभा संख्या-बल और जीत की संभावना
230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 65 विधायक हैं। इस भारी बहुमत को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पुरी की जीत लगभग निश्चित है।
आगे क्या होगा
नामांकन दाखिल होने के बाद 12 नवंबर को मतदान होना तय है। यदि पुरी निर्विरोध निर्वाचित होते हैं, तो यह उनके राज्यसभा कार्यकाल की निर्बाध निरंतरता सुनिश्चित करेगा। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस इस सीट पर प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार खड़ा करती है या नहीं।