5 अक्टूबर 2026
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यूपी राज्यसभा चुनाव: BJP की 8 उम्मीदवारों की लिस्ट में हरदीप सिंह पुरी समेत 7 मौजूदा सांसद बाहर

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यूपी राज्यसभा चुनाव: BJP की 8 उम्मीदवारों की लिस्ट में हरदीप सिंह पुरी समेत 7 मौजूदा सांसद बाहर

सारांश

BJP ने यूपी राज्यसभा चुनाव के लिए 8 नए चेहरे उतारे — और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित 7 मौजूदा सांसदों को किनारे कर दिया। यह सूची महज एक नामांकन नहीं, बल्कि अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव की जातीय तैयारी का पहला बड़ा संकेत है।

मुख्य बातें

BJP ने 5 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश से 8 राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम घोषित किए।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा सहित 7 मौजूदा सांसदों को सूची में जगह नहीं मिली।
नई सूची में 3 ओबीसी , 2 SC और 3 सवर्ण उम्मीदवार; 2 महिला उम्मीदवार भी शामिल।
महिला उम्मीदवारों में झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की पुत्री श्रुति गंगवार और पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत हैं।
राज्यसभा चुनाव का मतदान 16 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
इस जातीय समीकरण को अगले वर्ष होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 5 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश की 8 राज्यसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसमें केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित सात मौजूदा राज्यसभा सांसदों को जगह नहीं मिली। 16 अक्टूबर को होने वाले द्विवार्षिक चुनावों के लिए जारी इस सूची में पार्टी ने जातिगत समीकरण और संगठनात्मक अनुभव के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है।

किन मौजूदा सांसदों को नहीं मिला टिकट

सबसे चर्चित नाम केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का है, जिनका राज्यसभा कार्यकाल अगले महीने समाप्त होने वाला है। उनके अलावा एक अन्य केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा का नाम भी सूची से बाहर है।

मौजूदा राज्यसभा सांसदों में अरुण सिंह, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, बृज लाल और गीता शाक्या को भी नॉमिनेशन नहीं मिला। गौरतलब है कि इन सभी का कार्यकाल भी निकट भविष्य में समाप्त होना था।

नए उम्मीदवारों की सूची

BJP ने 16 अक्टूबर के चुनाव के लिए जो आठ नाम घोषित किए हैं, वे हैं — धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडे, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार।

इस सूची में तीन ओबीसी उम्मीदवार, दो अनुसूचित जाति (SC) के उम्मीदवार और तीन सवर्ण उम्मीदवार शामिल हैं। ओबीसी प्रतिनिधित्व में लोधी, पाल और कुर्मी समुदाय शामिल हैं, जबकि सवर्ण उम्मीदवारों में दो ब्राह्मण और एक राजपूत हैं।

प्रमुख उम्मीदवारों का परिचय

धर्मपाल सिंह बरेली जिले की आंवला विधानसभा सीट से BJP विधायक हैं और बुंदेलखंड के प्रभावशाली लोध समुदाय में उनका बड़ा कद है। वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में दो बार मंत्री पद सँभाल चुके हैं।

राम प्रताप सिंह चौहान राज्य BJP के महासचिव हैं और पार्टी के कई महत्वपूर्ण चुनावी अभियानों की कमान सँभाल चुके हैं। उनका चयन संगठन की भीतरी ताकत को प्राथमिकता देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

दोनों महिला उम्मीदवारों में श्रुति गंगवार झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की पुत्री हैं, जबकि प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी की पूर्व लोकसभा सांसद हैं, जिन्होंने 2014 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया को पराजित किया था।

सोशल इंजीनियरिंग और राजनीतिक रणनीति

यह ऐसे समय में आया है जब अगले वर्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि BJP की यह 'सोशल इंजीनियरिंग' सीधे तौर पर उस चुनावी तैयारी का हिस्सा है, जिसमें ओबीसी और SC वर्गों को साधने की कोशिश की जा रही है।

गौरतलब है कि हरदीप सिंह पुरी और बीएल वर्मा जैसे कद्दावर केंद्रीय मंत्रियों को सूची से बाहर रखना पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन और नए चेहरों को आगे लाने की प्रवृत्ति का संकेत देता है। यह कोई पहली बार नहीं है जब BJP ने राज्यसभा नामांकन में मंत्री-स्तर के नेताओं की जगह जमीनी संगठन को तरजीह दी हो।

आगे क्या

नामांकन प्रक्रिया जारी है और 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। यह चुनाव BJP के लिए उत्तर प्रदेश में अपनी संगठनात्मक पकड़ और जातीय गठजोड़ को मजबूत करने का अवसर है। हरदीप सिंह पुरी के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें जारी हैं — पार्टी सूत्रों के अनुसार उन्हें किसी अन्य राज्य से राज्यसभा में भेजा जा सकता है या लोकसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश है — कि BJP अब यूपी में चेहरों से ज्यादा जातीय समीकरणों पर दांव लगा रही है। लेकिन यह रणनीति तब कितनी कारगर होगी, जब ओबीसी और SC मतदाताओं को लुभाने के लिए सिर्फ राज्यसभा नामांकन काफी नहीं होते — उनके लिए ज़मीनी नीतिगत परिणाम चाहिए। पुरी और वर्मा के भविष्य को लेकर पार्टी की चुप्पी भी सवाल उठाती है कि क्या यह सुनियोजित पुनर्वास है या केंद्रीय नेतृत्व के बदलते समीकरणों की झलक।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी राज्यसभा चुनाव 2026 में BJP ने किन्हें उम्मीदवार बनाया है?
BJP ने उत्तर प्रदेश से 8 राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किए हैं — धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडे, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार। इनमें 2 महिला, 3 ओबीसी, 2 SC और 3 सवर्ण उम्मीदवार शामिल हैं।
हरदीप सिंह पुरी को BJP की राज्यसभा सूची से क्यों हटाया गया?
पार्टी ने इस बारे में कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है। उनका राज्यसभा कार्यकाल अगले महीने समाप्त होने वाला है और उन्हें नई सूची में जगह नहीं मिली। सूत्रों के अनुसार उन्हें किसी अन्य राज्य से राज्यसभा भेजा जा सकता है या अन्य राजनीतिक भूमिका दी जा सकती है।
यूपी राज्यसभा चुनाव 2026 कब होंगे?
उत्तर प्रदेश की इन 8 राज्यसभा सीटों पर मतदान 16 अक्टूबर 2026 को होना है। यह द्विवार्षिक चुनाव उन सांसदों की सीटों पर हो रहे हैं जिनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
किन मौजूदा राज्यसभा सांसदों को BJP ने टिकट नहीं दिया?
BJP की नई सूची से हरदीप सिंह पुरी, बीएल वर्मा, अरुण सिंह, सीमा द्विवेदी, नीरज शेखर, बृज लाल और गीता शाक्या — कुल 7 मौजूदा राज्यसभा सांसदों को बाहर किया गया है।
BJP की यूपी राज्यसभा सूची में जातीय समीकरण क्या है?
सूची में 3 ओबीसी उम्मीदवार (लोधी, पाल और कुर्मी समुदाय से), 2 अनुसूचित जाति और 3 सवर्ण (2 ब्राह्मण, 1 राजपूत) शामिल हैं। इस संतुलन को अगले वर्ष होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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