यूपी राज्यसभा चुनाव: भाजपा के 8 उम्मीदवार घोषित, प्रकाश पाल और रामप्रताप चौहान ने जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 6 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश से होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए अपने 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। इनमें रामप्रताप सिंह चौहान, विद्यासागर सोनकर और प्रकाश पाल प्रमुख हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद तीनों उम्मीदवारों ने पार्टी के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियाँ पूरी निष्ठा से निभाएँगे।
उम्मीदवारों की प्रतिक्रिया
भाजपा के ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष एवं राज्यसभा उम्मीदवार प्रकाश पाल ने कहा कि पार्टी ने उन जैसे 'आम कार्यकर्ता' को उच्च सदन भेजने का निर्णय लिया है, जिससे पिछड़े वर्गों में उत्साह का संचार हुआ है। उन्होंने कहा, 'पार्टी ने मुझ जैसे आम कार्यकर्ता और ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष को राज्यसभा भेजा है। इससे पिछड़े वर्गों में उत्साह पैदा हुआ है।' पाल ने कहा कि यह निर्णय भाजपा के हर समर्पित कार्यकर्ता के लिए संदेश है कि लगन से काम करने पर महत्वपूर्ण पद तक पहुँचा जा सकता है।
रामप्रताप सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत भाजपा की युवा मोर्चा की मंडल इकाई से की थी। उन्होंने राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व का धन्यवाद करते हुए कहा, 'मैं एक पार्टी कार्यकर्ता हूँ और आज पार्टी ने मुझे यह अवसर दिया है। हम अपनी जिम्मेदारियों को निभाने और आगे के कामों को पूरा करने की पूरी कोशिश करेंगे।'
विद्यासागर सोनकर ने कहा कि उन्होंने बूथ स्तर से लेकर राज्य संगठन तक विभिन्न स्तरों पर काम किया है। सोनकर ने स्पष्ट किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर अंत्योदय, सामाजिक सद्भाव और कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए काम करते रहेंगे।
सपा पर निशाना
भाजपा उम्मीदवार प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अपनी 'खराब छवि' से दूर जाने के लिए पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) की राजनीति की बात करती है, लेकिन राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा में पार्टी की 'असली प्राथमिकताएँ' सामने आ गई हैं। पाल ने आरोप लगाया कि सपा में परिवार, पैसा और अपराध से जुड़े लोगों को टिकट दिया जाता है। उन्होंने पीडीए का नया अर्थ 'पैसा देने वाले आओ' बताया — हालाँकि सपा ने इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
भाजपा की उम्मीदवारी की रणनीति
गौरतलब है कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में 8 राज्यसभा सीटों के लिए जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी ओबीसी और दलित मतदाताओं को अपने साथ बनाए रखने की कोशिश में है। पार्टी के तीनों घोषित उम्मीदवारों ने संगठन के निचले स्तर से काम किया है, जो भाजपा की 'बूथ-से-संसद' रणनीति के अनुरूप है।
आगे क्या होगा
उत्तर प्रदेश से भाजपा के सभी 8 उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं। राज्यसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की कई सीटें रिक्त हैं और विधानसभा में भाजपा की संख्या के आधार पर पार्टी के अधिकांश उम्मीदवारों की जीत निश्चित मानी जा रही है। चुनाव परिणाम के बाद ये उम्मीदवार उच्च सदन में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।