यूपी राज्यसभा चुनाव 2026: BJP के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, बसपा का सफाया
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनावी तस्वीर 9 अक्टूबर 2026 को पूरी तरह स्पष्ट हो गई, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आठ और समाजवादी पार्टी (सपा) के दो उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। नामांकन जाँच में दो निर्दलीय प्रत्याशियों के पर्चे रद्द होने और नाम वापसी की समयसीमा तक कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में न रहने से 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मतदान की आवश्यकता स्वतः समाप्त हो गई।
निर्वाचन की औपचारिकताएं और प्रमाणपत्र वितरण
निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार वर्मा ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को लखनऊ स्थित विधानसभा परिसर में निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिकताएं पूरी कीं और नवनिर्वाचित सदस्यों को प्रमाणपत्र जारी किए। BJP के अधिकांश उम्मीदवार स्वयं उपस्थित होकर प्रमाणपत्र प्राप्त किए। राधाकांत ओझा की ओर से उनके प्रतिनिधि और राम गोपाल यादव की ओर से पूर्व एमएलसी राकेश यादव ने प्रमाणपत्र ग्रहण किया।
BJP के नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य
BJP की ओर से उच्च सदन में जगह बनाने वालों में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री धर्मपाल सिंह, प्रदेश OBC मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्यासागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडेय और राम प्रताप सिंह चौहान शामिल हैं। नवनिर्वाचित सांसद प्रकाश पाल ने कहा कि वह पिछले 36 वर्षों से पार्टी में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते आए हैं और अब सदन में प्रदेश व देश की जनता से जुड़े मुद्दे उठाएंगे।
प्रियंका सिंह रावत ने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, और यह BJP की कार्यकर्ता-आधारित व्यवस्था का प्रमाण है। उन्होंने 2027 में उत्तर प्रदेश में BJP की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने का विश्वास जताया। प्रकाश पाल ने BJP की आठ सीटों पर जीत को आगामी विधानसभा चुनाव का संकेत बताते हुए दावा किया कि 2027 के चुनाव में BJP 80 प्रतिशत सीटें जीतेगी।
सपा के नवनिर्वाचित सदस्य और बदला समीकरण
सपा की ओर से वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय महासचिव राम गोपाल यादव दोबारा निर्वाचित हुए, जबकि उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं। इन दोनों के निर्वाचन से उच्च सदन में सपा की कुल संख्या बढ़कर पाँच हो गई है। पार्टी के मौजूदा अन्य सदस्यों में जावेद अली, रामजी लाल सुमन और जया बच्चन शामिल हैं।
नथवानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वह उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधुनिक बुनियादी ढाँचे तथा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जुड़े दृष्टिकोण को संसद में आगे बढ़ाने के लिए समर्पित रहेंगे।
बसपा का प्रतिनिधित्व समाप्त
इस चुनाव का सबसे उल्लेखनीय राजनीतिक परिणाम यह रहा कि उत्तर प्रदेश से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का राज्यसभा प्रतिनिधित्व पूरी तरह समाप्त हो गया। पहले इन 10 सीटों में BJP के पास आठ, सपा के पास एक और बसपा के पास एक सीट थी। गौरतलब है कि बसपा, जो कभी दलित राजनीति की सबसे बड़ी आवाज़ मानी जाती थी, अब उत्तर प्रदेश की इकलौती राज्यसभा उपस्थिति भी खो चुकी है — यह पार्टी के विधायी प्रतिनिधित्व में आ रही गिरावट का स्पष्ट संकेत है।
आगे क्या
वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को पूरा होगा, जिसके बाद ये नवनिर्वाचित सदस्य औपचारिक रूप से उच्च सदन में अपनी भूमिका ग्रहण करेंगे। उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के नए राजनीतिक समीकरण — BJP गठबंधन की 8 और सपा की 2 सीटें — केंद्र सरकार की विधायी स्थिति को और मजबूत करते हैं। 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले यह परिणाम BJP और सपा दोनों के लिए राज्य में अपनी-अपनी ताक़त को रेखांकित करने का अवसर बन गया है।