30 सितंबर 2026
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UP राज्यसभा चुनाव: सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी को उतारा, 16 अक्टूबर को मतदान

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UP राज्यसभा चुनाव: सपा ने रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी को उतारा, 16 अक्टूबर को मतदान

सारांश

सपा ने राज्यसभा चुनाव में अनुभव और कॉरपोरेट ताकत का मेल चुना — रामगोपाल यादव संसदीय अनुभव लाते हैं, तो धनराज नाथवानी रिलायंस और खेल प्रशासन की साख। असली दांव तीसरी सीट पर है, जिसके लिए सपा को बागी विधायकों को वापस लाना होगा।

मुख्य बातें

समाजवादी पार्टी ने 30 सितंबर को प्रो.
रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी को UP राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया।
दोनों प्रत्याशियों ने अखिलेश यादव की मौजूदगी में लखनऊ के विधानसभा परिसर में नामांकन दाखिल किया।
धनराज नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष हैं।
UP में 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान व मतगणना; नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर ।
एक सीट जीतने के लिए 37 प्रथम वरीयता मत आवश्यक; सपा के पास दो सीटों का संख्या बल, तीसरी के लिए अतिरिक्त समर्थन ज़रूरी।
सपा तीसरा उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है, जिसके लिए BJP के पक्ष में मत देने वाले पूर्व सपा विधायकों को वापस लाने की कोशिश होगी।

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) ने 30 सितंबर को अपने दो प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए — अनुभवी संसदीय नेता प्रो. रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट धनराज परिमल नाथवानी। दोनों प्रत्याशियों ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में लखनऊ स्थित विधानसभा परिसर के निर्वाचन कार्यालय में नामांकन दाखिल किया।

नामांकन का घटनाक्रम

बुधवार को अखिलेश यादव स्वयं धनराज नाथवानी के साथ निर्वाचन कार्यालय पहुँचे। इस अवसर पर सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक भी उपस्थित रहे। पार्टी ने दोनों उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा अपने सोशल मीडिया मंच एक्स के ज़रिए की।

गौरतलब है कि नाथवानी का नाम सामने आते ही राज्यसभा चुनाव की सियासत में नया मोड़ आ गया, क्योंकि वह कॉरपोरेट और खेल प्रशासन दोनों क्षेत्रों में सक्रिय हैं — राजनीतिक पृष्ठभूमि से इतर एक अलग प्रोफाइल।

धनराज नाथवानी: कौन हैं सपा के नए चेहरे

धनराज नाथवानी वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट के पद पर हैं। उनकी प्रोफाइल के अनुसार, वह 2010 से रिलायंस समूह से जुड़े हैं और वित्त, लेखा, खरीद, मानव संसाधन, कॉरपोरेट अफेयर्स तथा सुरक्षा सहित कई गैर-तकनीकी विभागों की ज़िम्मेदारियाँ संभाल चुके हैं। वह रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक भी हैं।

खेल प्रशासन में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय है। वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष हैं और इससे पहले उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनकी प्रोफाइल के अनुसार, अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट में भी उनकी भूमिका रही है। इसके अतिरिक्त, वह गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके हैं और द्वारका देवस्थान समिति के उपाध्यक्ष भी हैं।

शैक्षिक पृष्ठभूमि की बात करें तो नाथवानी ने लंदन के रीजेंट्स बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की है और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से कॉरपोरेट लॉ एवं पब्लिक रिलेशंस मैनेजमेंट में विशेषज्ञता के साथ MBA किया है। उनके पिता परिमल नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े रहे हैं और स्वयं राज्यसभा सदस्य भी हैं।

रामगोपाल यादव: सपा का संसदीय स्तंभ

प्रो. रामगोपाल यादव सपा के प्रमुख संसदीय चेहरों में गिने जाते हैं। वह लंबे समय से राज्यसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं और संसदीय मामलों में उनकी भूमिका को पार्टी के भीतर महत्वपूर्ण माना जाता है। इस प्रकार सपा ने एक ओर अनुभवी संसदीय चेहरे को दोबारा मैदान में उतारा है, वहीं दूसरी ओर उद्योग व खेल प्रशासन से जुड़े नए चेहरे को अवसर दिया है।

चुनावी गणित और सपा की चुनौती

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान और मतगणना दोनों एक ही दिन होने हैं। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है। विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर एक राज्यसभा सदस्य के निर्वाचन के लिए 37 प्रथम वरीयता मत आवश्यक होंगे।

सपा के पास दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या बल है, लेकिन तीसरे उम्मीदवार के लिए उसे अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। सपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारने की संभावना पर विचार कर रही है। इसके लिए पिछले राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में मतदान करने वाले सपा के कुछ विधायकों को वापस अपने पाले में लाने की कोशिश भी पार्टी की रणनीति में शामिल बताई जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब BJP और उसके सहयोगी दलों के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के कारण 8 सीटों के लिए मुकाबले का गणित उनके पक्ष में माना जा रहा है। यदि सपा तीसरा उम्मीदवार उतारती है, तो अतिरिक्त मतों को लेकर दोनों खेमों में राजनीतिक सक्रियता और तेज़ होना तय है।

आगे क्या होगा

नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर के बाद ही राजनीतिक दलों की पूरी रणनीति स्पष्ट होगी। तीसरे उम्मीदवार को लेकर सपा का सस्पेंस अभी बरकरार है। राज्यसभा चुनाव में प्रथम वरीयता के साथ-साथ दूसरी और तीसरी वरीयता के मत भी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं, इसलिए विधायकों के मतदान की रणनीति पर सभी दलों की कड़ी नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उन्हें वापस लाना सपा के लिए उतना ही कठिन है जितना उसे ज़रूरी है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि नाथवानी परिवार का रिलायंस से गहरा जुड़ाव और GCA अध्यक्ष पद — जो परंपरागत रूप से BJP के करीबी माने जाते हैं — यह सवाल उठाता है कि सपा इस साझेदारी से किस राजनीतिक संदेश को साधना चाहती है। संख्या बल की सीमाओं को देखते हुए, तीसरे उम्मीदवार का फैसला ही बताएगा कि सपा की महत्वाकांक्षा यथार्थवादी है या सिर्फ सियासी दबाव बनाने की कवायद।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

UP राज्यसभा चुनाव 2024 में सपा के उम्मीदवार कौन हैं?
समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को उम्मीदवार घोषित किया है। दोनों ने 30 सितंबर को लखनऊ में नामांकन दाखिल किया।
धनराज नाथवानी कौन हैं और सपा ने उन्हें क्यों चुना?
धनराज नाथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के ग्रुप प्रेसिडेंट और गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। उनके पिता परिमल नाथवानी भी रिलायंस से जुड़े रहे हैं और राज्यसभा सदस्य हैं। सपा ने उन्हें उद्योग और खेल प्रशासन में उनके अनुभव के आधार पर मैदान में उतारा है।
UP राज्यसभा चुनाव 2024 में मतदान कब होगा?
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है।
एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए कितने मत चाहिए?
विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के आधार पर एक राज्यसभा सदस्य के निर्वाचन के लिए 37 प्रथम वरीयता मत आवश्यक होंगे। सपा के पास दो सीटों के लिए पर्याप्त संख्या बल है, लेकिन तीसरी सीट के लिए उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा।
क्या सपा UP राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार उतारेगी?
सपा सूत्रों के मुताबिक पार्टी तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारने की संभावना पर विचार कर रही है, लेकिन इसके लिए उसे अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए होगा। अंतिम तस्वीर 6 अक्टूबर की नामांकन समयसीमा के बाद स्पष्ट होगी।
राष्ट्र प्रेस
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