सपा नेता रविदास मेहरोत्रा का दावा: BJP में असंतोष, राज्यसभा की तीनों सीटें जीतेंगे
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रविदास मेहरोत्रा ने 29 सितंबर 2026 को लखनऊ में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर 'काफी असंतोष और नाराज़गी' है, और इसी कारण समाजवादी पार्टी (सपा) राज्यसभा की तीनों सीटें जीत सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि नामांकन फॉर्म ले लिए गए हैं और नामांकन प्रक्रिया अगले दिन से शुरू होगी।
नामांकन प्रक्रिया और तैयारी
मेहरोत्रा ने कहा, 'नामांकन फॉर्म ले लिए गए हैं और विधायक आ गए हैं। उनके हस्ताक्षर पूरे किए जा रहे हैं और नामांकन प्रक्रिया कल शुरू होगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि तीनों सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए फॉर्म लिए जा चुके हैं और उन्हें भरने का काम जारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि सपा विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से तीनों सीटों पर चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है। 'भारतीय जनता पार्टी के भीतर काफी असंतोष और नाराज़गी है, और अगर हम चुनाव लड़ते हैं तो तीनों सीटें जीत सकते हैं' — यह उनका स्पष्ट दावा था।
उम्मीदवारों के नाम का फैसला अखिलेश यादव करेंगे
मेहरोत्रा ने कहा कि प्रत्याशियों के नाम तय करने का अधिकार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को है और उनकी ओर से ही ऐलान किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि तीसरा उम्मीदवार ऐसा होगा जिसके पक्ष में BJP के कई विधायक मतदान कर सकते हैं।
गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में इस तरह की क्रॉस-वोटिंग की रणनीति असामान्य नहीं है — यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधायकों की निष्ठा और गठबंधन की समीकरण लगातार बदलते रहे हैं।
इमरान मसूद और गठबंधन पर प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता इमरान मसूद के बयान पर मेहरोत्रा ने संयमित लहजे में कहा, 'इमरान मसूद से अनुरोध है कि वे थोड़ा सब्र करें। जहाँ से वे सांसद हैं, वहाँ किसी भी विधानसभा में कांग्रेस लड़ाई में नहीं थी। सपा के सहयोग से वे सांसद हुए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि सपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत जारी है और गठबंधन का निर्णय होगा।
मेहरोत्रा ने जोड़ा, 'गठबंधन होना है और गठबंधन की ही सरकार बनेगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे और समन्वय को लेकर तनाव की खबरें आती रही हैं।
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री पर सपा का रुख
पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल की राजनीति में संभावित एंट्री पर मेहरोत्रा ने खुले दरवाज़े की नीति का संकेत दिया। उन्होंने कहा, 'हर किसी को राजनीति में आने का अधिकार है। जो जुर्म और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करना चाहता है, जनता की सेवा करना जिसका उद्देश्य है, उसे राजनीति में आना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी लोगों का समाजवादी पार्टी में स्वागत है।
पार्टी की एकजुटता पर ब्रजेश यादव का बयान
सपा नेता ब्रजेश यादव ने पार्टी की एकता को रेखांकित करते हुए कहा, 'पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का जो भी निर्णय है, वो सभी को मान्य है। पार्टी की ओर से जो भी निर्णय लिया जाएगा, सभी विधायक उनके साथ हैं।' यह बयान इस संकेत के बीच आया है कि सपा BJP के असंतुष्ट विधायकों को अपनी ओर खींचने की रणनीति पर काम कर रही है।
आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा और नामांकन की प्रक्रिया यह तय करेगी कि सपा की यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।