29 सितंबर 2026
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सपा नेता रविदास मेहरोत्रा का दावा: BJP में असंतोष, राज्यसभा की तीनों सीटें जीतेंगे

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सपा नेता रविदास मेहरोत्रा का दावा: BJP में असंतोष, राज्यसभा की तीनों सीटें जीतेंगे

सारांश

सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने BJP में 'काफी असंतोष' का दावा करते हुए राज्यसभा की तीनों सीटें जीतने का भरोसा जताया। तीसरा उम्मीदवार BJP विधायकों को लुभाने की रणनीति के तहत चुना जाएगा। उम्मीदवारों के नाम अखिलेश यादव तय करेंगे।

मुख्य बातें

सपा नेता रविदास मेहरोत्रा ने 29 सितंबर 2026 को दावा किया कि BJP में 'काफी असंतोष और नाराज़गी' है।
सपा ने राज्यसभा की तीनों सीटों के लिए नामांकन फॉर्म लिए; नामांकन प्रक्रिया 30 सितंबर से शुरू होनी थी।
उम्मीदवारों के नाम तय करने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास; तीसरा उम्मीदवार BJP विधायकों को आकर्षित करने की रणनीति के तहत चुना जाएगा।
कांग्रेस नेता इमरान मसूद से 'सब्र' रखने का अनुरोध; सपा-कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व में बातचीत जारी।
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री पर सपा का स्वागत भरा रुख।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रविदास मेहरोत्रा ने 29 सितंबर 2026 को लखनऊ में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर 'काफी असंतोष और नाराज़गी' है, और इसी कारण समाजवादी पार्टी (सपा) राज्यसभा की तीनों सीटें जीत सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि नामांकन फॉर्म ले लिए गए हैं और नामांकन प्रक्रिया अगले दिन से शुरू होगी।

नामांकन प्रक्रिया और तैयारी

मेहरोत्रा ने कहा, 'नामांकन फॉर्म ले लिए गए हैं और विधायक आ गए हैं। उनके हस्ताक्षर पूरे किए जा रहे हैं और नामांकन प्रक्रिया कल शुरू होगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि तीनों सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए फॉर्म लिए जा चुके हैं और उन्हें भरने का काम जारी है।

उन्होंने यह भी कहा कि सपा विधायकों ने पार्टी नेतृत्व से तीनों सीटों पर चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है। 'भारतीय जनता पार्टी के भीतर काफी असंतोष और नाराज़गी है, और अगर हम चुनाव लड़ते हैं तो तीनों सीटें जीत सकते हैं' — यह उनका स्पष्ट दावा था।

उम्मीदवारों के नाम का फैसला अखिलेश यादव करेंगे

मेहरोत्रा ने कहा कि प्रत्याशियों के नाम तय करने का अधिकार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को है और उनकी ओर से ही ऐलान किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि तीसरा उम्मीदवार ऐसा होगा जिसके पक्ष में BJP के कई विधायक मतदान कर सकते हैं।

गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव में इस तरह की क्रॉस-वोटिंग की रणनीति असामान्य नहीं है — यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधायकों की निष्ठा और गठबंधन की समीकरण लगातार बदलते रहे हैं।

इमरान मसूद और गठबंधन पर प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता इमरान मसूद के बयान पर मेहरोत्रा ने संयमित लहजे में कहा, 'इमरान मसूद से अनुरोध है कि वे थोड़ा सब्र करें। जहाँ से वे सांसद हैं, वहाँ किसी भी विधानसभा में कांग्रेस लड़ाई में नहीं थी। सपा के सहयोग से वे सांसद हुए हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि सपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत जारी है और गठबंधन का निर्णय होगा।

मेहरोत्रा ने जोड़ा, 'गठबंधन होना है और गठबंधन की ही सरकार बनेगी।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडिया गठबंधन के भीतर सीट-बँटवारे और समन्वय को लेकर तनाव की खबरें आती रही हैं।

पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री पर सपा का रुख

पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल की राजनीति में संभावित एंट्री पर मेहरोत्रा ने खुले दरवाज़े की नीति का संकेत दिया। उन्होंने कहा, 'हर किसी को राजनीति में आने का अधिकार है। जो जुर्म और अन्याय के खिलाफ संघर्ष करना चाहता है, जनता की सेवा करना जिसका उद्देश्य है, उसे राजनीति में आना चाहिए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी लोगों का समाजवादी पार्टी में स्वागत है।

पार्टी की एकजुटता पर ब्रजेश यादव का बयान

सपा नेता ब्रजेश यादव ने पार्टी की एकता को रेखांकित करते हुए कहा, 'पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का जो भी निर्णय है, वो सभी को मान्य है। पार्टी की ओर से जो भी निर्णय लिया जाएगा, सभी विधायक उनके साथ हैं।' यह बयान इस संकेत के बीच आया है कि सपा BJP के असंतुष्ट विधायकों को अपनी ओर खींचने की रणनीति पर काम कर रही है।

आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा और नामांकन की प्रक्रिया यह तय करेगी कि सपा की यह रणनीति कितनी कारगर साबित होती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और तीसरी सीट पर जीत के लिए सपा को वास्तव में BJP विधायकों का समर्थन चाहिए होगा — जो कि कहने में जितना आसान है, करने में उतना कठिन। इमरान मसूद को 'सब्र' की नसीहत यह भी बताती है कि इंडिया गठबंधन के भीतर सब कुछ उतना सहज नहीं है जितना सार्वजनिक मंचों पर दिखाया जाता है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा राज्यसभा की तीनों सीटें जीतने का दावा क्यों कर रही है?
सपा नेता रविदास मेहरोत्रा के अनुसार BJP के भीतर काफी असंतोष और नाराज़गी है, जिसके चलते BJP के कुछ विधायक सपा के तीसरे उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं। यह दावा एक रणनीतिक संकेत भी माना जा रहा है।
सपा के राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम कौन तय करेगा?
उम्मीदवारों के नाम तय करने का अधिकार सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास है। मेहरोत्रा ने कहा कि जब तक नाम तय न हो जाएं, तब तक कुछ कहना उचित नहीं।
इमरान मसूद के बयान पर सपा का क्या कहना है?
मेहरोत्रा ने कांग्रेस नेता इमरान मसूद से 'सब्र' रखने का अनुरोध करते हुए कहा कि वे सपा के सहयोग से सांसद बने हैं। उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच बातचीत जारी है और गठबंधन होगा।
पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री पर सपा का क्या रुख है?
सपा नेता मेहरोत्रा ने कहा कि जो भी जुर्म और अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहता है और जनता की सेवा करना चाहता है, उसका समाजवादी पार्टी में स्वागत है। उन्होंने दिव्या मित्तल की राजनीति में एंट्री को लेकर खुले दरवाज़े का संकेत दिया।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया कब शुरू होगी?
मेहरोत्रा के अनुसार नामांकन प्रक्रिया 30 सितंबर 2026 से शुरू होनी थी। सपा के विधायकों के हस्ताक्षर की प्रक्रिया 29 सितंबर को पूरी की जा रही थी।
राष्ट्र प्रेस
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