यूपी 2027: सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का दावा — सत्ता परिवर्तन तय, बनेगी समाजवादी सरकार
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 24 अगस्त को लखनऊ में दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का मन बना चुकी है और अगली सरकार समाजवादी पार्टी की होगी। उनके अनुसार, प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरुद्ध जनभावना स्पष्ट रूप से करवट ले रही है।
गठबंधन और चुनावी रणनीति
मेहरोत्रा ने कहा कि सपा अकेले दम पर भी सरकार बनाने में सक्षम है, लेकिन गैर-भाजपा मतों के विभाजन को रोकने के लिए पार्टी अन्य विपक्षी दलों से तालमेल की संभावनाएं तलाश रही है। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ भी बातचीत जारी है। हालाँकि, गठबंधन से जुड़े अंतिम निर्णय का अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास सुरक्षित है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2027 का चुनाव इंडिया गठबंधन मिलकर लड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन अभी तक सीटों का कोई अंतिम बँटवारा नहीं हुआ है।
संगठनात्मक तैयारी
मेहरोत्रा के अनुसार, समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में हर पोलिंग बूथ पर कमेटियाँ गठित कर ली हैं और पार्टी जमीनी स्तर पर सक्रिय है। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समाज को जब तक उसका हक, अधिकार, न्याय और सम्मान नहीं मिलता, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।
अयोध्या मछली भोज विवाद पर प्रतिक्रिया
अयोध्या में कथित मछली भोज को लेकर चल रहे विवाद पर मेहरोत्रा ने कहा कि यह निषाद समाज का कार्यक्रम था और निषाद समाज मछली खाता है। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या आए श्रद्धालुओं को उस समय नॉनवेज खाने से परहेज करना चाहिए था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार नॉनवेज पर प्रतिबंध लगाने की बात करती है, तो उसे शराब पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए।
युवा प्रदर्शन और दलित आरक्षण पर हमला
5 सितंबर को दिल्ली में पुलिस मुख्यालय तक प्रस्तावित मार्च के संदर्भ में मेहरोत्रा ने कहा कि 20 जुलाई को छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बार-बार लाठीचार्ज हुआ और प्रदर्शनकारियों के साथ अत्याचार हुआ। उन्होंने माँग की कि सरकार युवाओं को बातचीत के लिए बुलाए और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो।
BJP MLC डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने अखिलेश यादव पर मुख्यमंत्री रहते दलितों को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया था — मेहरोत्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव का बढ़ता जनाधार देखकर भाजपा घबरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दलितों के संवैधानिक आरक्षण को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुँचाने जैसी घटनाएँ प्रदेश में लगातार सामने आ रही हैं।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान पर मेहरोत्रा ने कहा कि दलितों का आरक्षण उनका संवैधानिक अधिकार है और इसे छीनने का कोई भी प्रयास देशव्यापी जनआंदोलन को जन्म देगा। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए सभी दलों की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और दलित-पिछड़ा समीकरण एक निर्णायक राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।