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यूपी 2027: सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का दावा — सत्ता परिवर्तन तय, बनेगी समाजवादी सरकार

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यूपी 2027: सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का दावा — सत्ता परिवर्तन तय, बनेगी समाजवादी सरकार

सारांश

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा का बड़ा दावा — 2027 में यूपी की जनता ने सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया है। AAP सहित विपक्षी दलों से गठबंधन की बातचीत जारी, अंतिम फैसला अखिलेश यादव करेंगे। दलित आरक्षण और युवा प्रदर्शन पर भाजपा को घेरा।

मुख्य बातें

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 24 अगस्त को दावा किया कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी।
सपा AAP सहित अन्य विपक्षी दलों से गठबंधन पर बातचीत कर रही है; अंतिम निर्णय अखिलेश यादव लेंगे।
पार्टी ने प्रदेश में हर पोलिंग बूथ पर कमेटियाँ गठित कर ली हैं।
अयोध्या मछली भोज विवाद पर मेहरोत्रा ने कहा — नॉनवेज पर बात करें तो शराब पर भी प्रतिबंध लगाए भाजपा।
20 जुलाई के कथित लाठीचार्ज के विरोध में 5 सितंबर को दिल्ली में पुलिस मुख्यालय मार्च प्रस्तावित।
दलितों का संवैधानिक आरक्षण छीनने के किसी भी प्रयास पर देशव्यापी जनआंदोलन की चेतावनी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने 24 अगस्त को लखनऊ में दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन का मन बना चुकी है और अगली सरकार समाजवादी पार्टी की होगी। उनके अनुसार, प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विरुद्ध जनभावना स्पष्ट रूप से करवट ले रही है।

गठबंधन और चुनावी रणनीति

मेहरोत्रा ने कहा कि सपा अकेले दम पर भी सरकार बनाने में सक्षम है, लेकिन गैर-भाजपा मतों के विभाजन को रोकने के लिए पार्टी अन्य विपक्षी दलों से तालमेल की संभावनाएं तलाश रही है। उन्होंने बताया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ भी बातचीत जारी है। हालाँकि, गठबंधन से जुड़े अंतिम निर्णय का अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास सुरक्षित है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2027 का चुनाव इंडिया गठबंधन मिलकर लड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन अभी तक सीटों का कोई अंतिम बँटवारा नहीं हुआ है।

संगठनात्मक तैयारी

मेहरोत्रा के अनुसार, समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में हर पोलिंग बूथ पर कमेटियाँ गठित कर ली हैं और पार्टी जमीनी स्तर पर सक्रिय है। उन्होंने कहा कि पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समाज को जब तक उसका हक, अधिकार, न्याय और सम्मान नहीं मिलता, तब तक पार्टी का संघर्ष जारी रहेगा।

अयोध्या मछली भोज विवाद पर प्रतिक्रिया

अयोध्या में कथित मछली भोज को लेकर चल रहे विवाद पर मेहरोत्रा ने कहा कि यह निषाद समाज का कार्यक्रम था और निषाद समाज मछली खाता है। साथ ही उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भगवान राम के दर्शन के लिए अयोध्या आए श्रद्धालुओं को उस समय नॉनवेज खाने से परहेज करना चाहिए था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि भाजपा सरकार नॉनवेज पर प्रतिबंध लगाने की बात करती है, तो उसे शराब पर भी प्रतिबंध लगाना चाहिए।

युवा प्रदर्शन और दलित आरक्षण पर हमला

5 सितंबर को दिल्ली में पुलिस मुख्यालय तक प्रस्तावित मार्च के संदर्भ में मेहरोत्रा ने कहा कि 20 जुलाई को छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बार-बार लाठीचार्ज हुआ और प्रदर्शनकारियों के साथ अत्याचार हुआ। उन्होंने माँग की कि सरकार युवाओं को बातचीत के लिए बुलाए और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई हो।

BJP MLC डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने अखिलेश यादव पर मुख्यमंत्री रहते दलितों को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया था — मेहरोत्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव का बढ़ता जनाधार देखकर भाजपा घबरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दलितों के संवैधानिक आरक्षण को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुँचाने जैसी घटनाएँ प्रदेश में लगातार सामने आ रही हैं।

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान पर मेहरोत्रा ने कहा कि दलितों का आरक्षण उनका संवैधानिक अधिकार है और इसे छीनने का कोई भी प्रयास देशव्यापी जनआंदोलन को जन्म देगा। यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए सभी दलों की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और दलित-पिछड़ा समीकरण एक निर्णायक राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो आंतरिक असमंजस को उजागर करता है। 2022 में सपा को 111 सीटें मिली थीं और भाजपा ने 255 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी — इस अंतर को पाटने के लिए महज बूथ कमेटियाँ पर्याप्त नहीं होंगी। AAP के साथ बातचीत का उल्लेख दिलचस्प है, क्योंकि AAP का यूपी में जनाधार अभी भी सीमित है। असली परीक्षा यह होगी कि क्या इंडिया गठबंधन सीट-बँटवारे पर सहमति बना पाता है — जो 2024 के लोकसभा चुनाव में भी अधूरा रहा था।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने यूपी 2027 चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
रविदास मेहरोत्रा ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता सत्ता परिवर्तन का मन बना चुकी है और समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि सपा अकेले भी सरकार बनाने में सक्षम है।
सपा किन दलों के साथ गठबंधन पर विचार कर रही है?
सपा आम आदमी पार्टी (AAP) सहित अन्य विपक्षी दलों के साथ तालमेल की संभावनाओं पर बातचीत कर रही है। गठबंधन और सीट-बँटवारे का अंतिम निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लेंगे।
अयोध्या मछली भोज विवाद पर सपा विधायक का क्या कहना है?
मेहरोत्रा ने कहा कि अयोध्या में निषाद समाज का कार्यक्रम था और निषाद समाज मछली खाता है, लेकिन भगवान राम के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं को उस समय नॉनवेज से परहेज करना चाहिए था। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि नॉनवेज पर पाबंदी की बात करें तो शराब पर भी प्रतिबंध लगाएँ।
5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित मार्च क्यों हो रहा है?
20 जुलाई को छात्रों और युवाओं के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बार-बार लाठीचार्ज और अत्याचार की घटनाओं के विरोध में 5 सितंबर को दिल्ली के पुलिस मुख्यालय तक मार्च प्रस्तावित है। मेहरोत्रा ने माँग की है कि सरकार युवाओं को बातचीत के लिए बुलाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।
दलित आरक्षण पर सपा का क्या रुख है?
सपा विधायक मेहरोत्रा ने कहा कि दलितों का आरक्षण उनका संवैधानिक अधिकार है और इसे समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आरक्षण खत्म करने की दिशा में काम कर रही है और यदि ऐसा प्रयास हुआ तो देशभर में बड़ा जनआंदोलन खड़ा होगा।
राष्ट्र प्रेस
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