राज्यसभा चुनाव: सलीम शेरवानी ने अखिलेश यादव से की मुलाकात, 4 अक्टूबर को होगा प्रत्याशी का फैसला
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम शेरवानी ने 29 सितंबर को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की, जब राज्यसभा सीट के लिए उनके नाम की चर्चाएँ तेज़ हो रही थीं। शेरवानी के अनुसार, अखिलेश यादव ने उन्हें 3-4 अक्टूबर को पुनः बुलाया है, जिसके बाद प्रत्याशी के नाम पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
शेरवानी ने क्या कहा
सलीम शेरवानी ने बताया, 'अभी कोई नामांकन नहीं कर रहा है। अखिलेश यादव की ओर से 2 और 3 अक्टूबर को बैठक की जाएगी और 4 अक्टूबर को फैसला लिया जाएगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका नाम चर्चा में है, लेकिन जब तक अखिलेश यादव की स्वीकृति नहीं मिलती, किसी भी नाम का कोई महत्व नहीं। शेरवानी ने यह भी कहा कि उन्होंने अखिलेश यादव से आग्रह किया है और उन्हें अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है।
पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया
सपा नेता हसन रूमी ने कहा कि पार्टी की ओर से अखिलेश यादव से तीन राज्यसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने की माँग की गई है। उन्हें उम्मीद है कि तीनों सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा होगी और तीनों पर जीत मिलेगी। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीटों पर चुनाव को लेकर सपा के भीतर सक्रियता बढ़ गई है।
सपा विधायक संदीप पटेल ने दावा किया कि भाजपा की आंतरिक स्थिति कमज़ोर है और सपा के तीनों प्रत्याशी जीतेंगे। उन्होंने कहा कि 'उत्तर प्रदेश की जनता अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए बेताब है।' हालाँकि, यह राजनीतिक दावा है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तीसरे प्रत्याशी पर रहस्य बरकरार
सपा विधायक समर पाल ने बताया कि दो नाम लगभग तय हैं — 'प्रोफेसर साहब और आलोक जी' — जबकि तीसरे उम्मीदवार के नाम को लेकर उन्होंने कहा कि यह 'इतना बेहतरीन होगा कि प्रेस और राजनीतिक दलों के नेता भी इसकी कल्पना नहीं कर सकते।' समर पाल के अनुसार, इस नाम की घोषणा स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे।
नई विधायक का पहला अनुभव
सपा विधायक नसीम सोलंकी ने कहा कि यह उनका पहला राज्यसभा चुनाव अनुभव है और राजनीति में उन्हें केवल दो वर्ष हुए हैं। उन्होंने कहा, 'देखते हैं कि आगे क्या होता है। मुझे नहीं पता कि यह सब कैसे काम करता है।' यह टिप्पणी पार्टी के भीतर नए चेहरों की उपस्थिति और उनकी सीखने की प्रक्रिया को दर्शाती है।
आगे क्या होगा
सपा के भीतर 2 और 3 अक्टूबर को होने वाली बैठकें निर्णायक मानी जा रही हैं। 4 अक्टूबर तक प्रत्याशियों के नामों की आधिकारिक घोषणा अपेक्षित है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सपा तीनों सीटों पर उम्मीदवार उतारती है और तीसरे प्रत्याशी की पहचान क्या होगी, जिसे लेकर पार्टी के भीतर उत्सुकता बनी हुई है।