समाजवादी पार्टी में टूट तय: ओमप्रकाश राजभर का दावा, 'बागी बलिया' का लाल संभालेगा बागियों की कमान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 19 जून 2025 को दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) में जल्द बड़ी टूट होगी और बागी सांसदों के गुट की कमान उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल संभालेगा। राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सलाह दी कि वे अब 'सांसद बचाओ अभियान' शुरू करें।
राजभर ने एक्स पर क्या लिखा
ओमप्रकाश राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "बुधवार से सब पूछ रहे हो कि सपा में क्या टूट होने वाली है? तो सुनो, सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल करेगा।" उन्होंने टूट का कारण बताते हुए यह भी लिखा, "बुधवार को जिस तरह से सपा कार्यालय में सम्मेलन के नाम पर ब्राह्मणों को तिरस्कृत किया गया, उससे 'बागी बलिया' का लाल बहुत आहत है। योजना पहले से थी, लेकिन कल की घटना ने आग में घी डालने का काम कर दिया है। टूट होकर रहेगी।"
अखिलेश यादव और सैफई खानदान पर निशाना
राजभर ने अखिलेश यादव और उनके परिवार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "मेरी एक प्रतिक्रिया पर जिस तरह से पूरा सैफई खानदान मुझे गाली देने और सफाई देने में जुट गया, उससे ज्यादा बेहतर है कि अखिलेश बाबू ट्विटर, ऐसी और पीसी वाली नेतागिरी छोड़कर अब सांसद बचाओ अभियान शुरू कर दें।" उन्होंने यह भी माँग की कि अखिलेश दुखी व निराश सांसदों के घर जाकर उनसे माफी माँगें।
बुधवार का दावा और राम गोपाल यादव का पत्र
गौरतलब है कि एक दिन पहले बुधवार को भी राजभर ने यह दावा किया था कि उत्तर प्रदेश में जल्द ही पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसी राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिलेगी और सपा के कई सांसद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो जाएंगे। उन्होंने सपा के वरिष्ठ सांसद राम गोपाल यादव द्वारा गृह मंत्री अमित शाह को लिखे गए एक पत्र का हवाला देते हुए इसे आने वाले दिनों में संभावित पाला-बदल की 'पुष्टि' बताया।
पीडीए पर सवाल और जिलेवार आँकड़े
राजभर ने सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर भी हमला बोला और दावा किया कि यादवों व मुसलमानों ने दलितों पर अत्याचार किए हैं। उन्होंने कुछ जिलों के आँकड़े सार्वजनिक किए और कहा, "यूपी पुलिस सबका कायदे से उपचार भी कर रही है।" यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरणों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो रही है।
आगे क्या
राजभर के दावों पर समाजवादी पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन दावों की सत्यता तब स्पष्ट होगी जब कोई नामी सांसद खुलकर सामने आए। फिलहाल, राजभर के बयान को उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े उलटफेर की आहट के रूप में देखा जा रहा है।