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राजभर का दावा: 'टूटेगी समाजवादी पार्टी', शिवपाल यादव बनेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष; सांसद रुचि वीरा पर भी निशाना

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राजभर का दावा: 'टूटेगी समाजवादी पार्टी', शिवपाल यादव बनेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष; सांसद रुचि वीरा पर भी निशाना

सारांश

सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर पोस्ट कर सपा में टूट का दावा दोहराया — इस बार मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा की पीडीए समारोह से अनुपस्थिति और शिवपाल यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की भविष्यवाणी के साथ। रामगोपाल यादव पर जातीय भेदभाव का आरोप भी लगाया।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 19 जून 2026 को एक्स पर पोस्ट कर समाजवादी पार्टी में टूट का दावा दोहराया।
मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा की पीडीए समारोह से अनुपस्थिति को राजभर ने असंतोष का संकेत बताया।
राजभर ने दावा किया कि शिवपाल सिंह यादव सपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे।
सपा नेता रामगोपाल यादव पर राजभर और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को नीचा दिखाने का आरोप लगाया।
' बागी बलिया ' की भूमि को बगावत के नेतृत्व का केंद्र बताया; सपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने 19 जून 2026 को एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) में टूट का दावा दोहराया। इस बार उन्होंने मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा और सपा नेता शिवपाल सिंह यादव का नाम लेते हुए कहा कि बची हुई पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 'असली चाचा' शिवपाल यादव ही बनेंगे, क्योंकि वही दोबारा पार्टी खड़ी कर सकते हैं।

एक्स पर राजभर का पोस्ट और रुचि वीरा पर सवाल

राजभर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पीडीए समारोह में मुरादाबाद वाली सांसद नहीं पहुंची न? 'पीट देगा अहीर', 'पीट देगा अल्पसंख्यक' (सपाई) से अब हर कोई दूर है। सांसद ने मना कर दिया न? बाद में कह रही होंगी कि बताया नहीं गया, सूचना नहीं मिली या छुपाया गया। क्या सच में यही हुआ है?' यह टिप्पणी सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समारोह में रुचि वीरा की अनुपस्थिति को लेकर की गई, जिसे राजभर ने असंतोष का संकेत बताया।

'बागी बलिया' और बगावत का नेतृत्व

सुभासपा प्रमुख ने अपने पोस्ट में दावा किया, 'जो कह रहा हूं मान लो। बगावत और बागियों का नेतृत्व तो 'बागी बलिया' की भूमि ही करेगी, क्योंकि ब्राह्मण सब भूल सकता है, पर अपमान नहीं।' उन्होंने इससे पहले भी दावा किया था कि सपा के बागी सांसदों के गुट का नेतृत्व उत्तर प्रदेश की 'बागी भूमि' का एक लाल करेगा। राजभर के अनुसार, सपा कार्यालय में सम्मेलन के दौरान ब्राह्मणों के साथ जो व्यवहार हुआ, उससे 'बागी बलिया' का प्रतिनिधि आहत है।

रामगोपाल यादव पर तीखा हमला

राजभर ने सपा नेता रामगोपाल यादव पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'घमंडी रामगोपाल यादव ने मेरे और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया है, उसे पूरे बहुजन समाज ने देखा और सुना है। रामगोपाल यादव हमेशा से राजभर और मौर्य को यादवों से नीचा समझता है। इसके घर में हमारे लिए अलग बर्तन रखा रहता है।' यह आरोप सपा के भीतर जातीय तनाव को उजागर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

शिवपाल यादव को लेकर बड़ा दावा

राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा, 'बाकी बची हुई पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष असली चाचा ही बनेगा क्योंकि वही दोबारा पार्टी खड़ा कर सकता है। दूसरा घमंडी चाचा (रामगोपाल यादव) प्रोफेसर से प्राइमरी का मास्टर बनेगा और इसे अखिलेश के 'शिव' चाचा (शिवपाल यादव) हकीकत बनाएंगे।' गौरतलब है कि शिवपाल सिंह यादव और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच पुरानी अंदरूनी खींचतान जगज़ाहिर रही है, और राजभर इसी दरार को बड़ा करने की कोशिश करते दिख रहे हैं।

सपा की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

राजभर ने यह भी कहा, 'पार्टी तो टूटेगी, क्योंकि एक इंटरव्यू में 'सनातन ने कहा है कि सनातन, सनातन है, था और सनातन के साथ ही जाएगा।' सनातनी होने का दावा कौन लोग करते हैं?' यह टिप्पणी सपा के धार्मिक रुख पर परोक्ष हमले के रूप में देखी जा रही है। समाजवादी पार्टी की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राजभर के ये बयान उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अब तक साकार नहीं हुई। असली सवाल यह है कि क्या ये दावे रणनीतिक दबाव की राजनीति हैं या वाकई सपा के भीतर कोई बड़ी हलचल है। शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच की पुरानी खींचतान को हवा देना भाजपा गठबंधन के लिए 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा को कमज़ोर करने की सुनियोजित कोशिश लगती है। रुचि वीरा की अनुपस्थिति को लेकर राजभर का सार्वजनिक सवाल — जिसका जवाब सांसद ने नहीं दिया — इस पूरी कहानी का सबसे महत्वपूर्ण और अभी तक अनुत्तरित पहलू है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी टूटने का दावा क्यों किया?
राजभर ने सपा के पीडीए समारोह में मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा की अनुपस्थिति और सपा नेताओं के बीच आंतरिक मतभेदों को आधार बनाकर यह दावा किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पार्टी में बगावत तय है और 'बागी बलिया' इसका नेतृत्व करेगी।
शिवपाल यादव को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष क्यों बताया राजभर ने?
राजभर ने दावा किया कि शिवपाल सिंह यादव ही एकमात्र नेता हैं जो सपा को दोबारा खड़ा कर सकते हैं, इसलिए टूट के बाद बची हुई पार्टी की कमान उन्हें मिलेगी। यह दावा अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के बीच की पुरानी अंदरूनी खींचतान के संदर्भ में किया गया।
रुचि वीरा कौन हैं और उनका सपा से विवाद क्या है?
रुचि वीरा मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं। राजभर ने उनकी सपा के पीडीए समारोह से अनुपस्थिति को असंतोष का संकेत बताते हुए सवाल उठाया कि क्या उन्हें जानबूझकर सूचना नहीं दी गई या उन्होंने खुद मना किया।
राजभर ने रामगोपाल यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने आरोप लगाया कि रामगोपाल यादव ने उनके और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और हमेशा से राजभर व मौर्य समुदाय को यादवों से नीचा समझते हैं। उन्होंने इसे पूरे बहुजन समाज के सामने उजागर करने की बात कही।
क्या समाजवादी पार्टी ने राजभर के दावों पर कोई प्रतिक्रिया दी?
रिपोर्टों के अनुसार, 19 जून 2026 तक समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के इन दावों पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक विश्लेषक इन बयानों को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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