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भाजपा में होगी बड़ी टूट, सपा नहीं — ओपी राजभर के दावे पर सपा सांसद रामाशंकर का पलटवार

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भाजपा में होगी बड़ी टूट, सपा नहीं — ओपी राजभर के दावे पर सपा सांसद रामाशंकर का पलटवार

सारांश

ओपी राजभर के 'सपा के 20-25 सांसद भाजपा में जाएंगे' वाले दावे पर सपा सांसद रामाशंकर राजभर ने पलटवार किया — कहा, टूट सपा में नहीं, भाजपा में होगी। साथ ही सुभासपा के तीन विधायकों के छोड़ने का दावा करते हुए 2027 में पीडीए सरकार की भविष्यवाणी की।

मुख्य बातें

सपा सांसद रामाशंकर राजभर ने 19 जून को बलिया में ओमप्रकाश राजभर के सपा-टूट के दावे को पूरी तरह निराधार बताया।
रामाशंकर ने दावा किया कि सुभासपा के पाँच में से तीन विधायक पहले ही पार्टी छोड़ चुके हैं।
उन्होंने कहा — आचार संहिता लागू होते ही भाजपा के कई सांसद और विधायक सपा में शामिल होंगे।
2027 में उत्तर प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की सरकार बनने का दावा किया।
महिला आरक्षण विधेयक के बहाने भाजपा पर मनमाना परिसीमन लागू करने का आरोप लगाया।

सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामाशंकर राजभर ने 19 जून 2026 को बलिया में सुभासपा अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा के 20-25 सांसद टूटकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होंगे। रामाशंकर राजभर ने न केवल इन दावों को निराधार बताया, बल्कि पलटवार करते हुए कहा कि यदि कोई राजनीतिक टूट होगी तो वह भाजपा के भीतर होगी।

ओपी राजभर के दावों पर सीधा हमला

रामाशंकर राजभर ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर के पूर्व के दावे झूठे साबित हो चुके हैं। उन्होंने कहा, 'इन्होंने दावा किया था कि योगी आदित्यनाथ भीख मांगेंगे, क्या वह सच हुआ? उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से बड़ा झूठा कोई नहीं है, क्या उसका कोई परिणाम निकला? उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी की वजह से समाजवादी पार्टी चुनाव जीती, जबकि हकीकत यह है कि वे खुद समाजवादी पार्टी के सहारे जीते थे।'

सपा सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि ओमप्रकाश राजभर भाजपा के इशारे पर काम करते हैं और उनके बयानों का कोई ठोस राजनीतिक महत्व नहीं है।

सुभासपा में आंतरिक संकट का दावा

रामाशंकर राजभर ने दावा किया कि सुभासपा के पाँच में से तीन विधायक पहले ही ओमप्रकाश राजभर का साथ छोड़ चुके हैं और शेष दो विधायक भी जल्द अलग हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'जो व्यक्ति अपनी पार्टी नहीं बचा पाया, वह समाजवादी पार्टी पर सवाल उठा रहा है। समाजवादी पार्टी कोई टूटने वाली पार्टी नहीं है।'

गौरतलब है कि सुभासपा उत्तर प्रदेश में भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में विपक्षी दल के सांसद द्वारा सुभासपा की आंतरिक स्थिति पर उठाए गए सवाल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

2027 में पीडीए सरकार का दावा

सपा सांसद ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की सरकार बनने जा रही है और समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आचार संहिता लागू होते ही भाजपा के कई सांसद और विधायक सपा में शामिल होंगे।

संविधान संशोधन और महिला आरक्षण पर आरोप

मानसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा संविधान संशोधन विधेयक लाए जाने की चर्चाओं पर भी रामाशंकर राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने अपने अनुकूल परिसीमन लागू करना चाहती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा सांसदों को दबाव में लेने, खरीदने और जाँच एजेंसियों का भय दिखाने की राजनीति कर रही है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की राजनीतिक सक्रियता तेज हो गई है और बयानबाजी का दौर जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ राजभर समुदाय के वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। दोनों नेता एक ही जाति से आते हैं और उसी वोट-बैंक पर दावेदारी जता रहे हैं — यह वास्तविक वैचारिक टकराव कम, चुनावी स्थान-निर्धारण अधिक है। सुभासपा की आंतरिक स्थिति पर रामाशंकर के दावे सत्यापन की माँग करते हैं, लेकिन यदि सच हैं तो भाजपा गठबंधन के लिए पिछड़ा-वर्ग की राजनीति में एक चेतावनी भी हैं। मुख्यधारा की कवरेज इसे महज़ 'बयानबाजी' मान कर छोड़ देती है, पर असली सवाल यह है कि पीडीए फॉर्मूले को ज़मीन पर कितनी एकजुटता मिलती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओमप्रकाश राजभर ने सपा को लेकर क्या दावा किया था?
सुभासपा अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया था कि समाजवादी पार्टी के 20-25 सांसद टूटकर भाजपा में शामिल होंगे। इस दावे को सपा सांसद रामाशंकर राजभर ने पूरी तरह निराधार बताया।
रामाशंकर राजभर ने भाजपा में टूट का दावा क्यों किया?
सपा सांसद रामाशंकर राजभर ने कहा कि ओपी राजभर के पिछले दावे झूठे साबित हो चुके हैं और असली टूट भाजपा में होगी। उन्होंने कहा कि आचार संहिता लागू होते ही भाजपा के कई सांसद और विधायक सपा में शामिल होंगे।
सुभासपा के विधायकों की स्थिति क्या है?
रामाशंकर राजभर के दावे के अनुसार सुभासपा के पाँच में से तीन विधायक पहले ही ओमप्रकाश राजभर का साथ छोड़ चुके हैं और दो अन्य भी जल्द अलग हो सकते हैं। यह दावा अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है।
2027 उत्तर प्रदेश चुनाव में पीडीए फॉर्मूला क्या है?
पीडीए का अर्थ है पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक — यह समाजवादी पार्टी का चुनावी गठजोड़ का सामाजिक आधार है। सपा सांसद रामाशंकर राजभर ने दावा किया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में इसी फॉर्मूले के आधार पर सपा सत्ता में वापसी करेगी।
महिला आरक्षण विधेयक पर सपा सांसद का क्या आरोप है?
रामाशंकर राजभर ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में अपने अनुकूल परिसीमन लागू करना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष इस प्रयास को सफल नहीं होने देगा।
राष्ट्र प्रेस
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