भाजपा में होगी बड़ी टूट, सपा नहीं — ओपी राजभर के दावे पर सपा सांसद रामाशंकर का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामाशंकर राजभर ने 19 जून 2026 को बलिया में सुभासपा अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सपा के 20-25 सांसद टूटकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होंगे। रामाशंकर राजभर ने न केवल इन दावों को निराधार बताया, बल्कि पलटवार करते हुए कहा कि यदि कोई राजनीतिक टूट होगी तो वह भाजपा के भीतर होगी।
ओपी राजभर के दावों पर सीधा हमला
रामाशंकर राजभर ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर के पूर्व के दावे झूठे साबित हो चुके हैं। उन्होंने कहा, 'इन्होंने दावा किया था कि योगी आदित्यनाथ भीख मांगेंगे, क्या वह सच हुआ? उन्होंने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से बड़ा झूठा कोई नहीं है, क्या उसका कोई परिणाम निकला? उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी की वजह से समाजवादी पार्टी चुनाव जीती, जबकि हकीकत यह है कि वे खुद समाजवादी पार्टी के सहारे जीते थे।'
सपा सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि ओमप्रकाश राजभर भाजपा के इशारे पर काम करते हैं और उनके बयानों का कोई ठोस राजनीतिक महत्व नहीं है।
सुभासपा में आंतरिक संकट का दावा
रामाशंकर राजभर ने दावा किया कि सुभासपा के पाँच में से तीन विधायक पहले ही ओमप्रकाश राजभर का साथ छोड़ चुके हैं और शेष दो विधायक भी जल्द अलग हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'जो व्यक्ति अपनी पार्टी नहीं बचा पाया, वह समाजवादी पार्टी पर सवाल उठा रहा है। समाजवादी पार्टी कोई टूटने वाली पार्टी नहीं है।'
गौरतलब है कि सुभासपा उत्तर प्रदेश में भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में विपक्षी दल के सांसद द्वारा सुभासपा की आंतरिक स्थिति पर उठाए गए सवाल राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
2027 में पीडीए सरकार का दावा
सपा सांसद ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की सरकार बनने जा रही है और समाजवादी पार्टी पूरी मजबूती के साथ सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि आचार संहिता लागू होते ही भाजपा के कई सांसद और विधायक सपा में शामिल होंगे।
संविधान संशोधन और महिला आरक्षण पर आरोप
मानसून सत्र में केंद्र सरकार द्वारा संविधान संशोधन विधेयक लाए जाने की चर्चाओं पर भी रामाशंकर राजभर ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने अपने अनुकूल परिसीमन लागू करना चाहती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा सांसदों को दबाव में लेने, खरीदने और जाँच एजेंसियों का भय दिखाने की राजनीति कर रही है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दलों की राजनीतिक सक्रियता तेज हो गई है और बयानबाजी का दौर जारी है।