मायावती 'ब्रह्मास्त्र' हैं, सपा उनसे दूर रहे — ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 22 सितंबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर कड़ा प्रहार किया और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर सपा को कड़े शब्दों में आड़े हाथ लिया। राजभर ने मायावती को 'ब्रह्मास्त्र' करार देते हुए कहा कि उनकी ओर देखना भी सपा के लिए गले का फंदा बन जाएगा।
मायावती को लेकर राजभर की चेतावनी
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को 2 जून की गेस्ट हाउस घटना की याद दिलाते हुए कहा, 'आप (अखिलेश यादव) 2 जून की घटना के बारे में बात क्यों नहीं करते? अखिलेश यादव को खुलकर कहना चाहिए कि हम चाहते थे कि 2 जून को गेस्ट हाउस वाली घटना हो, लेकिन भाजपा नेताओं ने आपको (मायावती) बचा लिया; वरना आप मारी जातीं। अखिलेश को यह बात खुलकर कहनी चाहिए।'
राजभर ने आगे कहा, 'मायावती एक ब्रह्मास्त्र हैं और उनकी तरफ जाना आपके (सपा) गले का फंदा बन जाएगा; उस तरफ देखिए भी मत।' उन्होंने सपा पर जातीय विद्वेष फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा के नेता ब्राह्मणों को अपशब्द कह रहे हैं और माइक पर यह भाषण दे रहे हैं कि अगर सपा की सरकार बनी तो ऊंची जातियों को देश से बाहर निकाल दिया जाएगा।
शिवपाल यादव पर निशाना
शिवपाल यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोगों ने ही उन्हें फंसाया था और उनके खिलाफ दर्ज मामले केवल सपा के कार्यकाल में नहीं हुए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी ज़मीन पर इमारत बनाई जा रही है तो उसे स्कूल के नाम ट्रांसफर क्यों नहीं किया गया।
राजभर ने सपा के शासनकाल पर तंज कसते हुए कहा, 'जब आप (शिवपाल) मंत्री थे, तब राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए बोली लगती थी। वह भी एक पाप है और वह आपको ले डूबेगा। आज योगी सरकार है, जहाँ लोगों को बिना पैसे दिए नौकरियाँ मिल रही हैं।'
उत्तर प्रदेश विभाजन और आरक्षण विमर्श
उत्तर प्रदेश को चार भागों में बाँटने के प्रस्ताव पर राजभर ने कहा कि यह माँग मुलायम सिंह यादव के समय से उठती रही है और मायावती भी इसकी पक्षधर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की माँग 24 वर्षों से उठाती आ रही है।
राजभर ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के उप-वर्गीकरण को लेकर चर्चा की। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया कि कुछ जातियाँ इसका विरोध कर रही हैं और एक बार जातिगत जनगणना पूरी हो जाने के बाद 27 प्रतिशत आरक्षण बाँटने में कोई अड़चन नहीं रहेगी।
सपा पर जातीय राजनीति का आरोप
राजभर के बयान यह दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जातीय समीकरण और ओबीसी आरक्षण पर बहस तेज़ होती जा रही है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे बयान चुनावी ध्रुवीकरण की ओर इशारा करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सपा और बसपा के बीच भी खींचतान बढ़ी है और राजभर का सुभासपा-भाजपा गठबंधन दलित-पिछड़ा वोट को साधने की कोशिश में है।
आने वाले दिनों में जातिगत जनगणना के नतीजे और ओबीसी आरक्षण के उप-वर्गीकरण पर केंद्र का रुख यूपी की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।