22 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मायावती 'ब्रह्मास्त्र' हैं, सपा उनसे दूर रहे — ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मायावती 'ब्रह्मास्त्र' हैं, सपा उनसे दूर रहे — ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश पर तीखा हमला

सारांश

यूपी के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने मायावती को 'ब्रह्मास्त्र' बताकर अखिलेश यादव को चेतावनी दी कि सपा उनकी ओर देखे भी नहीं। साथ ही 2 जून गेस्ट हाउस घटना उठाई, सपा के जातीय बयानों पर हमला बोला और 27% आरक्षण के उप-वर्गीकरण पर जातिगत जनगणना के बाद रास्ता खुलने का संकेत दिया।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 22 सितंबर 2026 को लखनऊ में सपा पर तीखा हमला बोला।
राजभर ने मायावती को 'ब्रह्मास्त्र' बताते हुए अखिलेश यादव को चेतावनी दी कि उनकी तरफ देखना सपा के लिए गले का फंदा बनेगा।
2 जून गेस्ट हाउस घटना का हवाला देते हुए कहा कि अखिलेश को खुलकर सच बोलना चाहिए।
शिवपाल यादव पर निशाना साधते हुए सपा शासनकाल में नौकरियों की बोली का आरोप लगाया।
राजभर ने बताया कि 27% ओबीसी आरक्षण के उप-वर्गीकरण पर जातिगत जनगणना के बाद आगे बढ़ा जा सकेगा।
पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की माँग पिछले 24 वर्षों से उठाने का उल्लेख किया।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 22 सितंबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) पर कड़ा प्रहार किया और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी को लेकर सपा को कड़े शब्दों में आड़े हाथ लिया। राजभर ने मायावती को 'ब्रह्मास्त्र' करार देते हुए कहा कि उनकी ओर देखना भी सपा के लिए गले का फंदा बन जाएगा।

मायावती को लेकर राजभर की चेतावनी

मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को 2 जून की गेस्ट हाउस घटना की याद दिलाते हुए कहा, 'आप (अखिलेश यादव) 2 जून की घटना के बारे में बात क्यों नहीं करते? अखिलेश यादव को खुलकर कहना चाहिए कि हम चाहते थे कि 2 जून को गेस्ट हाउस वाली घटना हो, लेकिन भाजपा नेताओं ने आपको (मायावती) बचा लिया; वरना आप मारी जातीं। अखिलेश को यह बात खुलकर कहनी चाहिए।'

राजभर ने आगे कहा, 'मायावती एक ब्रह्मास्त्र हैं और उनकी तरफ जाना आपके (सपा) गले का फंदा बन जाएगा; उस तरफ देखिए भी मत।' उन्होंने सपा पर जातीय विद्वेष फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सपा के नेता ब्राह्मणों को अपशब्द कह रहे हैं और माइक पर यह भाषण दे रहे हैं कि अगर सपा की सरकार बनी तो ऊंची जातियों को देश से बाहर निकाल दिया जाएगा।

शिवपाल यादव पर निशाना

शिवपाल यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोगों ने ही उन्हें फंसाया था और उनके खिलाफ दर्ज मामले केवल सपा के कार्यकाल में नहीं हुए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी ज़मीन पर इमारत बनाई जा रही है तो उसे स्कूल के नाम ट्रांसफर क्यों नहीं किया गया।

राजभर ने सपा के शासनकाल पर तंज कसते हुए कहा, 'जब आप (शिवपाल) मंत्री थे, तब राज्य में सरकारी नौकरियों के लिए बोली लगती थी। वह भी एक पाप है और वह आपको ले डूबेगा। आज योगी सरकार है, जहाँ लोगों को बिना पैसे दिए नौकरियाँ मिल रही हैं।'

उत्तर प्रदेश विभाजन और आरक्षण विमर्श

उत्तर प्रदेश को चार भागों में बाँटने के प्रस्ताव पर राजभर ने कहा कि यह माँग मुलायम सिंह यादव के समय से उठती रही है और मायावती भी इसकी पक्षधर रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की माँग 24 वर्षों से उठाती आ रही है।

राजभर ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के उप-वर्गीकरण को लेकर चर्चा की। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया कि कुछ जातियाँ इसका विरोध कर रही हैं और एक बार जातिगत जनगणना पूरी हो जाने के बाद 27 प्रतिशत आरक्षण बाँटने में कोई अड़चन नहीं रहेगी।

सपा पर जातीय राजनीति का आरोप

राजभर के बयान यह दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जातीय समीकरण और ओबीसी आरक्षण पर बहस तेज़ होती जा रही है। आलोचकों का कहना है कि ऐसे बयान चुनावी ध्रुवीकरण की ओर इशारा करते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सपा और बसपा के बीच भी खींचतान बढ़ी है और राजभर का सुभासपा-भाजपा गठबंधन दलित-पिछड़ा वोट को साधने की कोशिश में है।

आने वाले दिनों में जातिगत जनगणना के नतीजे और ओबीसी आरक्षण के उप-वर्गीकरण पर केंद्र का रुख यूपी की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 यूपी चुनाव से पहले दलित-पिछड़ा वोट-बैंक को साधने की सुनियोजित रणनीति है। 2 जून गेस्ट हाउस घटना को उठाकर वे सपा की उस पुरानी कमज़ोरी को कुरेद रहे हैं जो दलित मतदाताओं को सपा से दूर रखती है। विरोधाभास यह है कि खुद राजभर और उनकी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी वर्षों तक सपा के साथ भी रही है, और अब भाजपा के साथ। जातिगत जनगणना और 27% आरक्षण का मुद्दा उठाकर वे ओबीसी राजनीति में भाजपा को मज़बूत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसका ज़मीनी असर तभी दिखेगा जब जनगणना की तारीख और आरक्षण उप-वर्गीकरण की ठोस घोषणा सामने आए।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओमप्रकाश राजभर ने मायावती को 'ब्रह्मास्त्र' क्यों कहा?
राजभर ने सपा को चेतावनी देते हुए कहा कि मायावती एक 'ब्रह्मास्त्र' हैं और सपा यदि उनकी तरफ जाने की कोशिश करे तो यह उनके गले का फंदा बन जाएगा। यह बयान बसपा प्रमुख मायावती पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणी के जवाब में आया।
राजभर ने 2 जून गेस्ट हाउस घटना का ज़िक्र क्यों किया?
राजभर ने अखिलेश यादव को चुनौती दी कि वे 2 जून की गेस्ट हाउस घटना पर खुलकर बोलें, जब कथित तौर पर मायावती को खतरे में डाला गया था और भाजपा नेताओं ने उन्हें बचाया था। यह राजनीतिक रूप से संवेदनशील घटना उत्तर प्रदेश की सपा-बसपा के बीच ऐतिहासिक दुश्मनी का हिस्सा है।
राजभर ने शिवपाल यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने कहा कि सपा के लोगों ने खुद शिवपाल यादव को फंसाया था और सपा शासनकाल में सरकारी नौकरियों के लिए बोली लगती थी। उन्होंने सरकारी ज़मीन पर निर्माण और उसे स्कूल के नाम ट्रांसफर न करने पर भी सवाल उठाए।
उत्तर प्रदेश के विभाजन और पूर्वांचल की माँग पर राजभर का क्या कहना है?
राजभर ने बताया कि यूपी को चार भागों में बाँटने की बात मुलायम सिंह यादव के ज़माने से हो रही है और मायावती भी इसकी समर्थक रही हैं। उनकी पार्टी पूर्वांचल को अलग राज्य बनाने की माँग पिछले 24 वर्षों से उठाती आ रही है।
27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के उप-वर्गीकरण पर क्या स्थिति है?
राजभर के अनुसार, उन्होंने प्रधानमंत्री से 27% ओबीसी आरक्षण के उप-वर्गीकरण पर बात की। प्रधानमंत्री ने उन्हें बताया कि कुछ जातियाँ इसका विरोध कर रही हैं और जातिगत जनगणना पूरी होने के बाद इसे बाँटने में कोई अड़चन नहीं रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 4 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले