6 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केजीएमयू ने एसटीएफ रिपोर्ट जाँच के लिए धारा 11.11 के तहत अनुशासनात्मक कमेटी गठित की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केजीएमयू ने एसटीएफ रिपोर्ट जाँच के लिए धारा 11.11 के तहत अनुशासनात्मक कमेटी गठित की

सारांश

केजीएमयू की कार्य परिषद ने एसटीएफ रिपोर्ट पर सर्वसम्मत निर्णय लेते हुए धारा 11.11 के तहत अनुशासनात्मक कमेटी बनाई है। कमेटी में रिटायर्ड आईपीएस अधिकारियों की भागीदारी, यह संकेत देती है कि विश्वविद्यालय इस मामले में बाहरी जवाबदेही सुनिश्चित करना चाहता है।

मुख्य बातें

केजीएमयू कार्य परिषद ने 6 नवंबर 2026 को विशेष बैठक में एसटीएफ रिपोर्ट पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया।
विश्वविद्यालय परिनियमावली की धारा 11.11 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति गठित करने का फैसला।
एसटीएफ रिपोर्ट शासन के माध्यम से 30 अक्टूबर 2026 को केजीएमयू को प्राप्त हुई थी।
समिति में कुलपति व कुलसचिव के अलावा 4 सदस्य — 2 वरिष्ठ शिक्षक और 2 स्वतंत्र सदस्य (रिटायर्ड आईपीएस को प्राथमिकता)।
कुछ सदस्यों ने रिपोर्ट में अपना नाम गलत और अनुचित रूप से सम्मिलित होने की आपत्ति दर्ज कराई।
समिति सभी संबंधित पक्षों का परीक्षण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ की कार्य परिषद ने 6 नवंबर 2026 को आयोजित विशेष बैठक में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की रिपोर्ट की जाँच के लिए विश्वविद्यालय की परिनियमावली की धारा 11.11 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी) गठित करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया। यह रिपोर्ट शासन के माध्यम से 30 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय को प्राप्त हुई थी।

बैठक का एजेंडा और कार्यवाही

कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष बैठक में कार्य परिषद के अधिकांश सदस्य उपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत में कुलसचिव द्वारा एसटीएफ की संपूर्ण रिपोर्ट को बिंदुवार प्रस्तुत कर विस्तृत रूप से पढ़कर सुनाया गया। साथ ही विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा इस विषय में प्रस्तुत प्रत्यावेदन भी सभी सदस्यों के समक्ष पढ़े गए।

सदस्यों की आपत्तियाँ

बैठक के दौरान कुछ सदस्यों ने अवगत कराया कि एसटीएफ की रिपोर्ट एवं संबंधित समिति में उनका नाम गलत और अनुचित रूप से सम्मिलित किया गया है। कार्य परिषद ने निर्णय लिया कि इन प्रत्यावेदनों को संबंधित विभागीय समितियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाए और उनमें उल्लिखित तथ्यों व आपत्तियों पर नियमानुसार विचार किया जाए।

कमेटी की संरचना

गठित अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति में कुलपति और कुलसचिव के अतिरिक्त चार अन्य सदस्य होंगे। इनमें से दो सदस्य विश्वविद्यालय के वर्तमान वरिष्ठ शिक्षकों में से संबंधित श्रेणियों के अनुसार नामित किए जाएंगे। शेष दो स्वतंत्र सदस्यों के रूप में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी होंगे, जिनमें वरिष्ठतम पदों से सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

समिति का दायित्व

यह समिति एसटीएफ की संपूर्ण रिपोर्ट, उससे जुड़े तथ्यों एवं अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण करेगी। सभी संबंधित शिक्षकों और व्यक्तियों का पक्ष सुनने के बाद विश्वविद्यालय की परिनियमावली तथा लागू नियमों के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि शासन से प्राप्त निर्देशों में केजीएमयू अधिनियम एवं परिनियमावली की धारा 11.11 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई किए जाने की स्पष्ट अपेक्षा की गई थी।

आगे की राह

समिति के गठन की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब केजीएमयू प्रशासनिक पारदर्शिता के सवालों के बीच संस्थागत जवाबदेही को मज़बूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों के विरुद्ध अथवा उनके पक्ष में आगे की कार्यवाही तय होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन सदस्यों ने रिपोर्ट में अपना नाम गलत तरीके से शामिल होने की आपत्ति जताई है, उनके दावों की स्वतंत्र जाँच ज़रूरी होगी — अन्यथा समिति की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। असली परीक्षा यह है कि यह समिति कितनी समयबद्धता और पारदर्शिता से काम करती है, क्योंकि ऐसी जाँच समितियाँ अक्सर नतीजे देने में महीनों लग जाते हैं।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केजीएमयू में एसटीएफ रिपोर्ट क्या है और यह क्यों बनी?
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने केजीएमयू से संबंधित एक जाँच रिपोर्ट तैयार की, जो शासन के माध्यम से 30 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय को प्राप्त हुई। रिपोर्ट में विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों और कर्मचारियों पर टिप्पणियाँ की गई हैं, जिन पर अब विधिवत कार्रवाई के लिए अनुशासनात्मक कमेटी गठित की गई है।
धारा 11.11 के तहत गठित कमेटी में कौन-कौन होंगे?
कमेटी में कुलपति और कुलसचिव के अलावा 4 अन्य सदस्य होंगे — 2 विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक और 2 स्वतंत्र सदस्य। स्वतंत्र सदस्यों में वरिष्ठतम पदों से सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
कमेटी का काम क्या होगा?
यह अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति एसटीएफ की संपूर्ण रिपोर्ट और संबंधित अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण करेगी। सभी संबंधित शिक्षकों और व्यक्तियों का पक्ष सुनकर विश्वविद्यालय की परिनियमावली तथा लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कुछ सदस्यों ने किस बात पर आपत्ति जताई?
बैठक में कुछ सदस्यों ने बताया कि एसटीएफ रिपोर्ट और संबंधित समिति में उनका नाम गलत और अनुचित रूप से सम्मिलित किया गया है। कार्य परिषद ने निर्णय लिया कि इन प्रत्यावेदनों को भी संबंधित विभागीय समितियों के समक्ष प्रस्तुत कर नियमानुसार विचार किया जाए।
केजीएमयू कार्य परिषद की यह बैठक क्यों बुलाई गई थी?
6 नवंबर 2026 को कुलपति की अध्यक्षता में कार्य परिषद की यह विशेष बैठक विशेष रूप से 30 अक्टूबर 2026 को शासन से प्राप्त एसटीएफ रिपोर्ट पर विचार-विमर्श के लिए बुलाई गई थी। बैठक का एकमात्र मुख्य एजेंडा इसी रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई तय करना था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले