दिल्ली मतदाता सूची: 2.96 लाख फॉर्म-6 जमा, अंतिम सूची 22 दिसंबर को होगी प्रकाशित
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 6 नवंबर 2026 को बताया कि 31 अगस्त से 5 नवंबर के बीच राजधानी में पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए कुल 2.96 लाख फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं। अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी, और दावे व आपत्तियाँ दर्ज कराने की समयसीमा 25 नवंबर तक बढ़ा दी गई है।
मुख्य आँकड़े और जिलेवार स्थिति
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अवधि में मौजूदा मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 28,853 फॉर्म-7 दाखिल किए गए। इसके अतिरिक्त, निवास परिवर्तन या प्रविष्टि सुधार के लिए 1.1 लाख फॉर्म-8 भी जमा हुए। फॉर्म-6 की सर्वाधिक संख्या पश्चिमी जिले से आई जहाँ 36,306 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि दक्षिण-पूर्वी जिले से 28,688 आवेदन मिले।
समयसीमा और निपटान प्रक्रिया
दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराने की अंतिम तिथि 25 नवंबर 2026 निर्धारित है। सभी प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा 15 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा, उसके बाद 22 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। गौरतलब है कि मसौदा मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित की गई थी, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 97,53,577 मतदाताओं को शामिल किया गया था।
ASDD मतदाताओं को दूसरा अवसर
भारतीय चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिया है कि चल रहे SIR के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट (ASDD) के रूप में चिह्नित होने के कारण मसौदा सूची से बाहर हुए मतदाताओं को एक और अवसर दिया जाए। ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूचियाँ संबंधित मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड पर पुनः प्रदर्शित की जाएंगी। यह कदम उन 33,14,032 मतदाताओं के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें मानचित्रण और तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किए गए थे।
ASDD मतदाताओं के लिए प्रक्रिया में बदलाव
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि किसी ASDD-चिह्नित मतदाता ने राज्य के भीतर पता बदला है, तो उसे फॉर्म-8 जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मतदाताओं को संलग्नक-सी के साथ जनगणना फॉर्म जमा करना होगा, जिसमें नया पता और विधानसभा क्षेत्र का विवरण अंकित हो। जो मतदाता SIR के दौरान पहले ही फॉर्म-6 जमा कर चुके हैं, उन्हें दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं — उनके मामलों में 3 नवंबर को जारी आयोग के स्पष्टीकरण के अनुसार कार्रवाई होगी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ परिदृश्य पर हावी हैं। मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। 22 दिसंबर को अंतिम सूची प्रकाशन के बाद यह स्पष्ट होगा कि राजधानी में कुल मतदाताओं की संख्या में कितनी वृद्धि दर्ज हुई।