दिल्ली SIR नोटिस: 33 लाख में से 20 लाख मामले सुलझे, 4 नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को बताया कि नई दिल्ली में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के तहत जिन 33 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे, उनमें से लगभग 20 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है। यह अभियान दिल्ली की 97 लाख से अधिक मतदाताओं वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में पाई गई तकनीकी और तथ्यात्मक गड़बड़ियों को दूर करने के लिए चलाया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
सीईओ ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'दिल्ली की वोटर लिस्ट में लगभग 33 लाख एंट्रीज में लॉजिकल गड़बड़ी या अनमैप्ड होने की समस्या थी। हमने इन समस्याओं को सुलझाने के लिए एक प्रोएक्टिव कैंपेन शुरू किया था। अब तक 33 लाख में से लगभग 20 लाख मामलों को सुलझा लिया गया है।' यानी अभी भी करीब 13 लाख मामले लंबित हैं।
सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि 'यदि किसी व्यक्ति को कोई शिकायत है, तो कृपया 14,947 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), 902 AERO, 70 ERO, 13 DEO या मुख्य निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करें। किसी भी पात्र मतदाता को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाएगा।'
नोटिस किन्हें भेजे गए
गौरतलब है कि इन नोटिसों की सूची में केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि कई著名 हस्तियाँ भी शामिल हैं। पूर्व उपप्रधानमंत्री एल.के. आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को भी SIR प्रक्रिया के दौरान एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी में गड़बड़ी के कारण नोटिस भेजे गए थे।
अधिकारियों के अनुसार, इनमें से अधिकतर नोटिस इसलिए जारी हुए क्योंकि मतदाताओं की दी गई जानकारी 2002 में हुए पिछले 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी। हालाँकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटाया जा चुका है।
प्रक्रिया और समयसीमा
SIR प्रक्रिया मतदाताओं को दावों और आपत्तियों के चरण में अपनी जानकारी स्पष्ट करने और ज़रूरी सहायक दस्तावेज़ जमा करने का अवसर देती है। नोटिस का जवाब देने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 थी। अब दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को जारी की जानी है।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में विधानसभा चुनावों की दृष्टि से मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर राजनीतिक दलों में पहले से ही चिंता जताई जा रही है।
आम मतदाता पर असर
जिन मतदाताओं के मामले अभी लंबित हैं, उनके लिए सीईओ कार्यालय ने संपर्क के कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं। मतदाता अपने नजदीकी BLO से सीधे संपर्क कर सकते हैं या जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि प्रक्रिया का पालन करने वाले किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।
क्या होगा आगे
4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ यह स्पष्ट हो जाएगा कि शेष 13 लाख लंबित मामलों का क्या हुआ। चुनाव आयोग का जोर है कि सूची अधिकतम सटीक और समावेशी हो, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।