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दिल्ली SIR नोटिस: 33 लाख में से 20 लाख मामले सुलझे, 4 नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

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दिल्ली SIR नोटिस: 33 लाख में से 20 लाख मामले सुलझे, 4 नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

सारांश

दिल्ली में SIR के तहत भेजे गए 33 लाख नोटिसों में से 20 लाख मामले सुलझा लिए गए हैं। विदेश मंत्री जयशंकर और पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ समेत कई हस्तियाँ भी नोटिस पाने वालों में शामिल थीं। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी होगी।

मुख्य बातें

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने 12 अक्टूबर 2026 को बताया कि SIR के तहत 33 लाख में से 20 लाख मामले सुलझाए जा चुके हैं।
नोटिस 97 लाख से अधिक मतदाताओं वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में तकनीकी और तथ्यात्मक गड़बड़ियों के कारण भेजे गए थे।
पूर्व उपप्रधानमंत्री एल.के.
आडवाणी , विदेश मंत्री एस.
जयशंकर , पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एस.एस.
संधू को भी नोटिस मिले थे।
नोटिस का जवाब देने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 थी; अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को जारी होगी।
सीईओ ने स्पष्ट किया कि नोटिस मिलने का अर्थ नाम हटाया जाना नहीं है; 14,947 BLO और अन्य अधिकारी संपर्क के लिए उपलब्ध हैं।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को बताया कि नई दिल्ली में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) के तहत जिन 33 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे, उनमें से लगभग 20 लाख मामलों का समाधान कर लिया गया है। यह अभियान दिल्ली की 97 लाख से अधिक मतदाताओं वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में पाई गई तकनीकी और तथ्यात्मक गड़बड़ियों को दूर करने के लिए चलाया जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

सीईओ ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'दिल्ली की वोटर लिस्ट में लगभग 33 लाख एंट्रीज में लॉजिकल गड़बड़ी या अनमैप्ड होने की समस्या थी। हमने इन समस्याओं को सुलझाने के लिए एक प्रोएक्टिव कैंपेन शुरू किया था। अब तक 33 लाख में से लगभग 20 लाख मामलों को सुलझा लिया गया है।' यानी अभी भी करीब 13 लाख मामले लंबित हैं।

सीईओ ने यह भी स्पष्ट किया कि 'यदि किसी व्यक्ति को कोई शिकायत है, तो कृपया 14,947 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), 902 AERO, 70 ERO, 13 DEO या मुख्य निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करें। किसी भी पात्र मतदाता को मतदाता सूची से बाहर नहीं किया जाएगा।'

नोटिस किन्हें भेजे गए

गौरतलब है कि इन नोटिसों की सूची में केवल आम नागरिक ही नहीं, बल्कि कई著名 हस्तियाँ भी शामिल हैं। पूर्व उपप्रधानमंत्री एल.के. आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को भी SIR प्रक्रिया के दौरान एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी में गड़बड़ी के कारण नोटिस भेजे गए थे।

अधिकारियों के अनुसार, इनमें से अधिकतर नोटिस इसलिए जारी हुए क्योंकि मतदाताओं की दी गई जानकारी 2002 में हुए पिछले 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' के रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही थी। हालाँकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हटाया जा चुका है।

प्रक्रिया और समयसीमा

SIR प्रक्रिया मतदाताओं को दावों और आपत्तियों के चरण में अपनी जानकारी स्पष्ट करने और ज़रूरी सहायक दस्तावेज़ जमा करने का अवसर देती है। नोटिस का जवाब देने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 थी। अब दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को जारी की जानी है।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में विधानसभा चुनावों की दृष्टि से मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर राजनीतिक दलों में पहले से ही चिंता जताई जा रही है।

आम मतदाता पर असर

जिन मतदाताओं के मामले अभी लंबित हैं, उनके लिए सीईओ कार्यालय ने संपर्क के कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं। मतदाता अपने नजदीकी BLO से सीधे संपर्क कर सकते हैं या जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि प्रक्रिया का पालन करने वाले किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।

क्या होगा आगे

4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ यह स्पष्ट हो जाएगा कि शेष 13 लाख लंबित मामलों का क्या हुआ। चुनाव आयोग का जोर है कि सूची अधिकतम सटीक और समावेशी हो, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो मतदाता सूची प्रबंधन की दीर्घकालिक कमज़ोरियों को उजागर करती है। यह विडंबना ही है कि जिन संस्थाओं पर चुनाव की निगरानी का ज़िम्मा है, उनसे जुड़े अधिकारी भी नोटिस सूची में शामिल हैं। असली सवाल यह है कि शेष 13 लाख लंबित मामलों में से कितने वास्तविक गड़बड़ी के हैं और कितने सिस्टम की तकनीकी चूक — और क्या 4 नवंबर की समयसीमा तक इनका न्यायसंगत निपटारा संभव है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में SIR नोटिस क्या है और किसे भेजा गया?
SIR यानी 'विशेष गहन पुनरीक्षण' एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजा जाता है। दिल्ली में 97 लाख से अधिक मतदाताओं वाली ड्राफ्ट सूची में 33.13 लाख एंट्रीज में तकनीकी या तथ्यात्मक गड़बड़ी पाई गई, जिन्हें नोटिस जारी किए गए।
क्या नोटिस मिलने पर मतदाता का नाम वोटर लिस्ट से हट जाता है?
नहीं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने का अर्थ नाम हटाया जाना नहीं है। यह प्रक्रिया मतदाताओं को अपनी जानकारी सुधारने और ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने का अवसर देती है।
दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी?
दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को जारी की जानी है। नोटिस का जवाब देने और सहायक दस्तावेज़ जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 थी।
SIR नोटिस मिले तो मतदाता क्या करें?
मतदाता अपने नजदीकी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), AERO, ERO, DEO या सीधे मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। दिल्ली में 14,947 BLO, 902 AERO, 70 ERO और 13 DEO उपलब्ध हैं।
किन प्रमुख हस्तियों को SIR नोटिस मिले थे?
पूर्व उपप्रधानमंत्री एल.के. आडवाणी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को SIR प्रक्रिया के दौरान एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी में गड़बड़ी के कारण नोटिस भेजे गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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