दिल्ली एसआईआर: 30 सितंबर तक दाखिल करें दावे, नोटिस का मतलब नाम कटना नहीं — CEO अशोक कुमार
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत भेजे गए नोटिस का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची से काट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 और आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपना नाम शामिल करा सकते हैं।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली में चल रहे एसआईआर के दौरान करीब 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने से व्यापक चिंता उत्पन्न हुई थी। CEO अशोक कुमार ने सार्वजनिक बयान जारी कर इन आशंकाओं को निराधार बताया और कहा कि ये नोटिस केवल ईसीआईनेट में मतदाता रिकॉर्ड दुरुस्त करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नोटिस केवल दो श्रेणियों के मतदाताओं को भेजे गए हैं — पहले, वे जिनका रिकॉर्ड पिछली गहन पुनरीक्षण की सूची से लिंक नहीं हो पाया; और दूसरे, वे जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियाँ पाई गई हैं। दोनों ही श्रेणियों के मतदाताओं के नाम फिलहाल ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद हैं।
दावे दाखिल करने की प्रक्रिया
CEO के अनुसार, पात्र मतदाता फॉर्म-6 के साथ दस्तावेज निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास ऑफलाइन जमा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, voters.eci.gov.in वेबसाइट और ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा उपलब्ध है।
नोटिस प्राप्त मतदाता संबंधित ERO या AERO को जवाब और दस्तावेज जमा कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। CEO ने यह भी रेखांकित किया कि चुनाव आयोग द्वारा जारी दस्तावेजों की सूची केवल संकेतात्मक है — अंतिम निर्णय उपलब्ध दस्तावेजों और BLO की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।
विशेष शिविर और समावेशी पहल
27 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष सहायता शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, 23 और 24 सितंबर को शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक सभी DUSIB नाइट शेल्टर और बेघर लोगों के ठिकानों पर विशेष शिविर आयोजित होंगे, जिनमें बेघर, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्कर्स को पंजीकरण सुविधा दी जाएगी।
प्रमुख हस्तियाँ भी नोटिस की सूची में
गौरतलब है कि नोटिस पाने वालों में अनेक著名 राजनीतिक और सामाजिक हस्तियाँ शामिल हैं। इनमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपप्रधानमंत्री एल.के. आडवाणी, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज, आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कांग्रेस सांसद अभिषेक सिंघवी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नाम शामिल हैं।
यह तथ्य इस बात का प्रमाण माना जा रहा है कि नोटिस प्रक्रिया तकनीकी-प्रशासनिक है, न कि किसी विशेष समूह को लक्षित करने वाली।
आगे की समयसीमा
नोटिसों के निस्तारण की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। पात्र पाए गए मतदाताओं के नाम 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। CEO ने दोहराया कि किसी भी मतदाता का नाम सुनवाई का अवसर दिए बिना और विधिवत आदेश पारित किए बिना सूची से नहीं हटाया जा सकता।