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दिल्ली एसआईआर: 30 सितंबर तक दाखिल करें दावे, नोटिस का मतलब नाम कटना नहीं — CEO अशोक कुमार

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दिल्ली एसआईआर: 30 सितंबर तक दाखिल करें दावे, नोटिस का मतलब नाम कटना नहीं — CEO अशोक कुमार

सारांश

दिल्ली में 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस से उपजी चिंताओं के बीच CEO अशोक कुमार ने साफ किया — नोटिस मतलब नाम कटना नहीं। 30 सितंबर तक फॉर्म-6 दाखिल कर नाम जुड़वाएँ; अंतिम सूची 4 नवंबर को।

मुख्य बातें

दिल्ली CEO अशोक कुमार ने स्पष्ट किया कि एसआईआर नोटिस का मतलब मतदाता सूची से नाम हटाना नहीं है।
करीब 31.63 लाख मतदाताओं को ईसीआईनेट रिकॉर्ड सुधार के लिए सिस्टम जनरेटेड नोटिस भेजे गए हैं।
पात्र मतदाता 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 दाखिल कर अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल करा सकते हैं।
27 सितंबर को सभी मतदान केंद्रों पर और 23-24 सितंबर को DUSIB नाइट शेल्टर पर विशेष शिविर लगेंगे।
नोटिस निस्तारण की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर 2026 ; अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी।
नोटिस पाने वालों में CM रेखा गुप्ता , विदेश मंत्री जयशंकर , अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ भी शामिल हैं।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अशोक कुमार ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत भेजे गए नोटिस का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची से काट दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन पात्र मतदाताओं का नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, वे 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 और आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपना नाम शामिल करा सकते हैं।

मुख्य घटनाक्रम

दिल्ली में चल रहे एसआईआर के दौरान करीब 31.63 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने से व्यापक चिंता उत्पन्न हुई थी। CEO अशोक कुमार ने सार्वजनिक बयान जारी कर इन आशंकाओं को निराधार बताया और कहा कि ये नोटिस केवल ईसीआईनेट में मतदाता रिकॉर्ड दुरुस्त करने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि नोटिस केवल दो श्रेणियों के मतदाताओं को भेजे गए हैं — पहले, वे जिनका रिकॉर्ड पिछली गहन पुनरीक्षण की सूची से लिंक नहीं हो पाया; और दूसरे, वे जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियाँ पाई गई हैं। दोनों ही श्रेणियों के मतदाताओं के नाम फिलहाल ड्राफ्ट मतदाता सूची में मौजूद हैं।

दावे दाखिल करने की प्रक्रिया

CEO के अनुसार, पात्र मतदाता फॉर्म-6 के साथ दस्तावेज निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के पास ऑफलाइन जमा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, voters.eci.gov.in वेबसाइट और ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा उपलब्ध है।

नोटिस प्राप्त मतदाता संबंधित ERO या AERO को जवाब और दस्तावेज जमा कर अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। CEO ने यह भी रेखांकित किया कि चुनाव आयोग द्वारा जारी दस्तावेजों की सूची केवल संकेतात्मक है — अंतिम निर्णय उपलब्ध दस्तावेजों और BLO की रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

विशेष शिविर और समावेशी पहल

27 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक दिल्ली के सभी मतदान केंद्रों पर विशेष सहायता शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा, 23 और 24 सितंबर को शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक सभी DUSIB नाइट शेल्टर और बेघर लोगों के ठिकानों पर विशेष शिविर आयोजित होंगे, जिनमें बेघर, ट्रांसजेंडर और सेक्स वर्कर्स को पंजीकरण सुविधा दी जाएगी।

प्रमुख हस्तियाँ भी नोटिस की सूची में

गौरतलब है कि नोटिस पाने वालों में अनेक著名 राजनीतिक और सामाजिक हस्तियाँ शामिल हैं। इनमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उपप्रधानमंत्री एल.के. आडवाणी, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज, आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, कांग्रेस सांसद अभिषेक सिंघवी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नाम शामिल हैं।

यह तथ्य इस बात का प्रमाण माना जा रहा है कि नोटिस प्रक्रिया तकनीकी-प्रशासनिक है, न कि किसी विशेष समूह को लक्षित करने वाली।

आगे की समयसीमा

नोटिसों के निस्तारण की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। पात्र पाए गए मतदाताओं के नाम 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। CEO ने दोहराया कि किसी भी मतदाता का नाम सुनवाई का अवसर दिए बिना और विधिवत आदेश पारित किए बिना सूची से नहीं हटाया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक असाधारण स्थिति है जो मतदाता पंजीकरण प्रणाली की बुनियादी खामियों को उजागर करती है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में हाल ही में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं और राजनीतिक तापमान ऊँचा है — ऐसे में नोटिस को लेकर जनमानस में भय स्वाभाविक था। CEO की सफाई समय पर आई, लेकिन असली सवाल यह है कि इतनी बड़ी संख्या में रिकॉर्ड विसंगतियाँ क्यों जमा होने दी गईं। मुख्यमंत्री से लेकर पूर्व उपराष्ट्रपति तक को नोटिस मिलना यह तो साबित करता है कि प्रक्रिया सार्वभौमिक है — लेकिन यह उस डेटाबेस की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाता है जिस पर लोकतंत्र का आधार टिका है।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली एसआईआर नोटिस मिलने का क्या मतलब है?
दिल्ली CEO अशोक कुमार के अनुसार, एसआईआर नोटिस मिलने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम अंतिम सूची से हटा दिया जाएगा। ये नोटिस केवल ईसीआईनेट में रिकॉर्ड सुधार के लिए तकनीकी कारणों से जारी किए गए हैं और संबंधित मतदाता के नाम अभी ड्राफ्ट सूची में मौजूद हैं।
दिल्ली मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की अंतिम तिथि क्या है?
पात्र मतदाता 30 सितंबर 2026 तक फॉर्म-6 और आवश्यक दस्तावेज जमा कर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी।
फॉर्म-6 कहाँ और कैसे जमा किया जा सकता है?
फॉर्म-6 ERO, AERO या BLO के पास ऑफलाइन जमा किया जा सकता है। इसके अलावा voters.eci.gov.in वेबसाइट और ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा है।
किन मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं?
नोटिस दो श्रेणियों में भेजे गए हैं — पहली, जिनका रिकॉर्ड पिछली गहन पुनरीक्षण की सूची से लिंक नहीं हो पाया; दूसरी, जिनके रिकॉर्ड में तार्किक विसंगतियाँ पाई गई हैं। दोनों श्रेणियों के मतदाताओं के नाम फिलहाल ड्राफ्ट सूची में मौजूद हैं।
क्या बिना सुनवाई के मतदाता का नाम सूची से हटाया जा सकता है?
नहीं। CEO अशोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम सुनवाई का अवसर दिए बिना और विधिवत आदेश जारी किए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता। नोटिस निस्तारण की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर 2026 है।
राष्ट्र प्रेस
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