2 अक्टूबर 2026
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चुनाव आयोग का विशेष मतदाता नामांकन अभियान: छूटे हुए युवा व पहली बार वोट देने वालों को जोड़ने के निर्देश

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चुनाव आयोग का विशेष मतदाता नामांकन अभियान: छूटे हुए युवा व पहली बार वोट देने वालों को जोड़ने के निर्देश

सारांश

चुनाव आयोग ने 2 अक्टूबर को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को एक महीने का विशेष नामांकन अभियान चलाने का निर्देश दिया है। बीएलओ घर-घर जाकर छूटे हुए और युवा मतदाताओं को फॉर्म 6 से जोड़ेंगे — बेघर व हाशिए पर रहने वाले नागरिकों के लिए अलग शिविर भी होंगे।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग (ECI) ने 2 अक्टूबर 2026 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष मतदाता नामांकन अभियान के निर्देश जारी किए।
अभियान का फोकस मतदाता सूची से छूटे हुए, पहली बार वोट देने वाले और युवा मतदाताओं पर होगा।
बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे और प्रति सप्ताह कम से कम 20-25 मतदाताओं को कवर करेंगे ताकि अभियान एक महीने में पूरा हो।
पात्र मतदाताओं का नामांकन फॉर्म 6 के ज़रिए किया जाएगा; सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा होगी।
नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनी में रहने वाले, बेघर और हाशिए पर रहने वाले नागरिकों के लिए विशेष बूथ लेवल कैंप आयोजित किए जाएंगे।
यह निर्देश 29 सितंबर 2026 के आयोग पत्र और 1 अक्टूबर को हुई सीईओ बैठक के बाद जारी हुए।

भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने 2 अक्टूबर 2026 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को एक विशेष मतदाता नामांकन अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची से छूटे हुए पहली बार वोट देने वाले और युवा मतदाताओं को नामांकित करना है। यह निर्देश आयोग के 29 सितंबर 2026 के पत्र और 1 अक्टूबर को सभी सीईओ के साथ हुई बैठक के बाद जारी किए गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

आयोग ने स्पष्ट किया कि समेकित मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट श्रेणी के मतदाताओं की एक सूची तैयार की थी। इस सूची को पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित किया गया और बूथ लेवल एजेंटों (BLA) तथा राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया।

इसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई और दावों व आपत्तियों के निस्तारण के बाद इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) द्वारा अंतिम मतदाता सूची जारी की गई। आयोग ने रेखांकित किया कि अंतिम सूची में SIR-पूर्व सूची की तुलना में नाम जोड़ने व हटाने — दोनों — की जानकारी दर्ज है।

विशेष अभियान की कार्यप्रणाली

इस अभियान के तहत बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे मौजूदा मतदाता सूची की तुलना SIR-पूर्व सूची से करें और उन मतदाताओं की सूची तैयार करें जिनके नाम पुरानी सूची में थे लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं। बीएलओ घर-घर जाकर इन मतदाताओं की मौजूदा स्थिति की जाँच करेंगे और जो पात्र पाए जाएंगे, उनके फॉर्म 6 के माध्यम से नामांकन में सहायता करेंगे।

आयोग ने निर्धारित किया है कि प्रत्येक बीएलओ हर सप्ताह कम से कम 20-25 मतदाताओं को कवर करे ताकि यह प्रक्रिया लगभग एक महीने में पूरी हो सके। बीएलओ द्वारा तैयार सूची, भरे हुए फॉर्म 6 आवेदन और फील्ड सत्यापन रिपोर्ट संबंधित ईआरओ को सौंपी जाएगी। इसके बाद ईआरओ इन मामलों की जाँच कर 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' और 'मतदाता पंजीकरण नियम, 1960' के प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई करेंगे।

हाशिए पर रहने वालों के लिए विशेष प्रावधान

आयोग ने विशेष रूप से नाइट शेल्टर और लेबर कॉलोनी में रहने वाले, बेघर और हाशिए पर रहने वाले नागरिकों के लिए अलग शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, बूथ लेवल कैंप आयोजित करने का भी निर्देश दिया गया है ताकि नामांकन आवेदन जमा करने की प्रक्रिया सरल और सुलभ हो।

गौरतलब है कि यह प्रावधान उन वर्गों को लक्षित करता है जो प्रशासनिक जटिलताओं के कारण ऐतिहासिक रूप से मतदाता सूचियों से बाहर रह जाते हैं।

जागरूकता और निगरानी का ढाँचा

सीईओ, जिला चुनाव अधिकारियों (DEO) और ईआरओ को निर्देश दिया गया है कि वे शिक्षण संस्थानों, स्थानीय आउटरीच कार्यक्रमों, SVEEP (Systematic Voters' Education and Electoral Participation) गतिविधियों तथा नियमित प्रेस ब्रीफिंग के माध्यम से जागरूकता फैलाएँ। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता नामांकन एक सतत प्रक्रिया है और जो नागरिक अभी तक नामांकित नहीं हुए हैं या जिनके नाम सूची से हटाए गए हैं, वे किसी भी समय नामांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इस विशेष अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा सीईओ, डीईओ और ईआरओ के स्तर पर की जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने पर बूथ-वार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की जाएगी, जिससे उन्हें छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान करने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में चुनावी गतिविधियाँ सक्रिय हो रही हैं। आयोग का जोर इस बात पर है कि हर योग्य नागरिक को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अवसर मिले — विशेषकर वे युवा मतदाता जो पहली बार मतदान के योग्य हुए हैं। अभियान की समयसीमा लगभग एक महीने निर्धारित की गई है और इसके परिणाम की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को सौंपी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — विशेषकर उन राज्यों में जहाँ बीएलओ पर पहले से ही प्रशासनिक भार अधिक है। प्रति सप्ताह 20-25 मतदाताओं का लक्ष्य तभी यथार्थवादी है जब बीएलओ की संख्या पर्याप्त हो और उन्हें समय पर सूचियाँ मिलें। हाशिए पर रहने वाले और बेघर नागरिकों के लिए अलग शिविर का प्रावधान एक महत्वपूर्ण कदम है, किंतु इसकी पहुँच और गुणवत्ता पर नज़र रखना ज़रूरी होगा। बूथ-वार सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा करने की व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाती है, पर यह सुनिश्चित करना भी उतना ही ज़रूरी है कि इसका राजनीतिक दुरुपयोग न हो।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चुनाव आयोग का विशेष मतदाता नामांकन अभियान क्या है?
यह एक निर्देशित अभियान है जिसे चुनाव आयोग ने 2 अक्टूबर 2026 को जारी किया है। इसका उद्देश्य उन नागरिकों को मतदाता सूची में जोड़ना है जो SIR प्रक्रिया के बाद भी छूट गए हैं — विशेषकर पहली बार वोट देने वाले और युवा मतदाता।
इस अभियान में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की क्या भूमिका होगी?
बीएलओ घर-घर जाकर उन मतदाताओं की मौजूदा स्थिति की जाँच करेंगे जिनके नाम SIR-पूर्व सूची में थे लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं। पात्र पाए जाने पर वे फॉर्म 6 के माध्यम से नामांकन में सहायता करेंगे और प्रति सप्ताह कम से कम 20-25 मतदाताओं को कवर करेंगे।
छूटे हुए मतदाता अपना नाम सूची में कैसे जुड़वा सकते हैं?
छूटे हुए पात्र मतदाता किसी भी समय फॉर्म 6 भरकर नामांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। बीएलओ घर आकर सहायता करेंगे और बूथ लेवल कैंप में भी आवेदन जमा किए जा सकते हैं। नाइट शेल्टर व लेबर कॉलोनी में रहने वाले नागरिकों के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे।
यह अभियान कितने समय तक चलेगा?
आयोग के निर्देशानुसार यह प्रक्रिया लगभग एक महीने में पूरी होनी चाहिए। बीएलओ साप्ताहिक रूप से 20-25 मतदाताओं को कवर करते हुए यह लक्ष्य हासिल करेंगे और अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा सीईओ, डीईओ और ईआरओ के स्तर पर की जाएगी।
क्या राजनीतिक दल इस अभियान में शामिल होंगे?
हाँ, बीएलओ द्वारा तैयार की गई सूचियाँ मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ साझा की जाएंगी। अभियान पूरा होने पर बूथ-वार अंतिम सूची भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जाएगी ताकि वे भी छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान कर सकें।
राष्ट्र प्रेस
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