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ईरान का दावा: केशम द्वीप पर 16वाँ अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराया, IRGC का नया एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय

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ईरान का दावा: केशम द्वीप पर 16वाँ अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराया, IRGC का नया एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय

सारांश

ईरान के IRGC ने केशम द्वीप के ऊपर 16वाँ अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। इसी हफ्ते मंगलवार को भी तीन अमेरिकी ड्रोन निशाना बनाए गए थे। खाड़ी क्षेत्र में ईरान-अमेरिका के बीच हवाई टकराव का यह सिलसिला बढ़ता जा रहा है।

मुख्य बातें

IRGC ने 6 नवंबर 2026 को केशम द्वीप के ऊपर 16वाँ अमेरिकी MQ-1 ड्रोन मार गिराने का दावा किया।
IRGC के नए उन्नत वायु रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल कर ड्रोन को नष्ट किया गया।
मंगलवार को भी IRGC ने तीन अमेरिकी ड्रोन — दो MQM-170 आउटलॉ और एक MQ-9 रीपर — पर कार्रवाई का दावा किया था।
MQ-9 रीपर को होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में मार गिराने का दावा किया गया।
अमेरिका की ओर से इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 6 नवंबर 2026 को दावा किया कि केशम द्वीप के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी MQ-1 टोही और लड़ाकू ड्रोन को उसके नवीनतम उन्नत वायु रक्षा प्रणाली की सहायता से रोककर नष्ट कर दिया गया। IRGC के जनसंपर्क विभाग के अनुसार यह क्रम में 16वाँ MQ-1 ड्रोन है जिसे ईरान ने मार गिराने का दावा किया है। अमेरिकी पक्ष की ओर से इस दावे की तत्काल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है।

मुख्य घटनाक्रम

IRGC के शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि केशम द्वीप के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी MQ-1 ड्रोन की पहचान खुफिया सूचनाओं और हवाई निगरानी के आधार पर की गई। इसके बाद IRGC की वायु रक्षा इकाइयों ने नए एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल कर इसे निशाना बनाया।

IRGC ने यह भी कहा कि उसकी सेनाएँ दुश्मन के हवाई मूवमेंट पर 'लगातार निगरानी' बनाए रखती हैं और ऐसे ड्रोन को ट्रैक करने में 'पूरी तरह सक्षम' हैं।

पिछली कार्रवाइयाँ: एक पैटर्न

गौरतलब है कि इससे महज कुछ दिन पहले, मंगलवार को भी IRGC ने दावा किया था कि उसने देश के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में तीन अमेरिकी ड्रोन पर कार्रवाई की। उस बार इनमें से दो MQM-170 आउटलॉ ड्रोन को केशम द्वीप के ऊपर और एक MQ-9 रीपर को होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में मार गिराने का दावा किया गया था।

यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी और ईरानी सैन्य गतिविधियाँ लगातार बढ़ रही हैं और हवाई निगरानी को लेकर दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है।

IRGC का नया एयर डिफेंस सिस्टम

IRGC के बयान में 'नए उन्नत वायु रक्षा तंत्र' का उल्लेख किया गया है, जिसे इस ड्रोन को मार गिराने का श्रेय दिया गया। हालाँकि, इस प्रणाली का तकनीकी विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान पिछले कुछ वर्षों में स्वदेशी वायु रक्षा क्षमताओं में उल्लेखनीय निवेश कर रहा है।

क्या होगा आगे

यह घटना होर्मुज स्ट्रेट और खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और गहरा कर सकती है, क्योंकि यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ईरान की ओर से लगातार इस प्रकार के दावों की आवृत्ति बढ़ रही है, जो क्षेत्रीय भू-राजनीतिक समीकरणों पर सीधा असर डालती है। भारत सहित कई देश इस क्षेत्र में अपने ऊर्जा हितों और नौवहन सुरक्षा की दृष्टि से इन घटनाओं पर करीबी नज़र रख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह सूचना युद्ध का हिस्सा है? होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा खामियाजा वे देश भुगतेंगे जो इस जलमार्ग पर ऊर्जा आपूर्ति के लिए निर्भर हैं — और इसमें भारत भी शामिल है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने केशम द्वीप पर किस ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है?
ईरान की IRGC ने केशम द्वीप के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी MQ-1 टोही और लड़ाकू ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। यह MQ-1 श्रेणी का 16वाँ ड्रोन है जिसे ईरान ने नष्ट करने का दावा किया है।
IRGC ने इस ड्रोन को कैसे मार गिराया?
IRGC के अनुसार, खुफिया सूचनाओं और लगातार हवाई निगरानी के आधार पर ड्रोन की पहचान की गई और उसे नए उन्नत वायु रक्षा प्रणाली द्वारा निशाना बनाकर नष्ट किया गया। इस प्रणाली का तकनीकी विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इससे पहले ईरान ने और कौन-से अमेरिकी ड्रोन मार गिराने का दावा किया था?
इसी सप्ताह मंगलवार को IRGC ने तीन अमेरिकी ड्रोन पर कार्रवाई का दावा किया था — दो MQM-170 आउटलॉ ड्रोन केशम द्वीप के ऊपर और एक MQ-9 रीपर होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में।
क्या अमेरिका ने ईरान के इन दावों की पुष्टि की है?
नहीं, अमेरिकी पक्ष की ओर से इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में अमेरिका प्रायः सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करता।
इन घटनाओं का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा करता है। इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव तेल आपूर्ति और नौवहन सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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