अहवाज में ईरान ने मार गिराया अमेरिकी MQ-9 ड्रोन, IRGC की कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने 19 जुलाई 2026 को दावा किया कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने अहवाज क्षेत्र में अमेरिका के MQ-9 ड्रोन को मार गिराया। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव अपने चरम पर है और दोनों पक्षों के बीच लगातार हमलों का सिलसिला जारी है।
ड्रोन को कैसे मार गिराया
IRGC के अनुसार, उसकी एयरोस्पेस फोर्स द्वारा संचालित आधुनिक एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली ने इस ड्रोन को नष्ट किया। ईरानी मीडिया के अनुसार यह कार्रवाई ईरान की वायु सुरक्षा के व्यापक ढाँचे के तहत अंजाम दी गई। अमेरिकी पक्ष की ओर से इस दावे की तत्काल पुष्टि या खंडन उपलब्ध नहीं है।
ईरानी कमांडर की कड़ी चेतावनी
ईरान के केंद्रीय खात्म अल-अनबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने कोई भी हमला किया तो ईरानी सेना उसका 'बेहद कड़ा और निर्णायक' जवाब देगी। अब्दुल्लाही ने कहा कि ईरान किसी भी 'लालच, दबाव, विस्तारवादी नीति या अत्याचार' का जवाब इतने भारी तरीके से देगा कि इसका नुकसान अमेरिका को पहले और दूसरे विश्वयुद्ध से भी अधिक उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार-बार सैन्य असफलताओं के बाद अमेरिका ईरान की जनता और सरकार के बीच फूट डालने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, देश की आंतरिक एकता इस 'साजिश' को विफल करने की सबसे बड़ी ताकत है।
IRGC के दावे — जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में हमले
इससे एक दिन पहले, शनिवार को IRGC ने दावा किया कि उसने जॉर्डन के अल-अजराक स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर लड़ाकू विमानों के शेल्टर और पार्किंग क्षेत्र को निशाना बनाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हमले में कम से कम दो लड़ाकू विमान और तीन अन्य अमेरिकी विमान नष्ट हुए, जबकि कई अन्य को भारी क्षति पहुँची — हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
शुक्रवार रात IRGC नौसेना ने दावा किया कि उसने ड्रोन और मिसाइल हमलों के ज़रिए कुवैत के बंदर अल-अहमदी में अमेरिकी बेड़े के ईंधन सप्लाई डॉक और बहरीन के शेख ईसा में युद्धक विमानों के ठिकाने को निशाना बनाया। इसके साथ ही बहरीन में 'बटेलको' नामक एक कथित खुफिया डेटा सेंटर और कुवैत में अमेरिकी सिग्नल व संचार केंद्र को भी नष्ट किए जाने का दावा किया गया।
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई — सातवीं रात
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि 17 जुलाई को रात 9:30 बजे (ET) अमेरिकी सेनाओं ने ईरान के खिलाफ लगातार सातवीं रात की कार्रवाई पूरी की। इन हमलों में निगरानी ठिकानों, सैन्य रसद ढाँचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री क्षमताओं को लड़ाकू विमानों, ड्रोन, युद्धपोतों और अन्य सैन्य साधनों से निशाना बनाया गया। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, अमेरिका के ताज़ा हमलों में तीन लोगों की मौत हुई और आठ अन्य घायल हुए।
आगे क्या हो सकता है
यह टकराव ऐसे समय गहराया है जब कूटनीतिक चैनल लगभग बंद हैं और दोनों पक्षों की सैन्य कार्रवाइयाँ दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष का खतरा अब पहले से कहीं अधिक वास्तविक दिखता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है।