31 जुलाई 2026
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बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर ईरानी ड्रोन हमला, अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को बनाया निशाना

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बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर ईरानी ड्रोन हमला, अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को बनाया निशाना

सारांश

ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा किया है — यह अमेरिका-ईरान के बीच कई दिनों की रुकावट के बाद फिर से भड़की हिंसा है। साथ ही ईरान ने बुल्गारिया और साइप्रस को चेतावनी दी कि वे अपने इलाके अमेरिकी हमलों के लिए न दें।

मुख्य बातें

ईरानी सेना ने 31 जुलाई को बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर अमेरिकी पावर जनरेटर, नेविगेशन सिस्टम और इमारतों पर ड्रोन हमले का दावा किया।
IRGC ने बुधवार रात कुवैत के अली अल-सलेम और जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस पर भी अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए।
अमेरिका ने पहले होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में ईरानी ठिकानों पर कई चरणों में हमले किए थे।
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुल्गारिया और साइप्रस को चेतावनी दी कि वे अपने इलाकों में स्थित बेस अमेरिका को ईरान के खिलाफ इस्तेमाल न करने दें।
बुल्गारिया और साइप्रस दोनों ने कहा कि वे किसी के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में भाग नहीं लेंगे।

ईरानी सेना ने 31 जुलाई को दावा किया कि उसने दक्षिणी बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया। ईरानी सेना के आधिकारिक बयान के अनुसार, इन हमलों में अमेरिकी सेना के पावर जनरेटर, नेविगेशन सिस्टम और बेस पर स्थित ऑफिस व बैकअप बिल्डिंग को टारगेट किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

बहरीन पर हमले से पहले, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार रात कुवैत में अली अल-सलेम एयर बेस और जॉर्डन में अल-अजराक एयर बेस पर भी अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। IRGC ने इन्हें ईरान के खिलाफ अमेरिका के नए हमलों का प्रतिशोध बताया।

गौरतलब है कि ये ताज़ा झड़पें अमेरिका और ईरान के बीच कई दिनों की सापेक्षिक शांति के बाद हुई हैं। इससे पहले अमेरिका ने कई चरणों में ईरानी ठिकानों पर हमले किए थे, जिनका उद्देश्य कथित तौर पर होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों को धमकाने की ईरान की क्षमता को कमज़ोर करना था। ईरान ने इसके जवाब में क्षेत्र भर के अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

ईरान की कूटनीतिक कोशिशें

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने गुरुवार को बुल्गारिया और साइप्रस के अपने समकक्षों से फोन पर बात की और उनसे अनुरोध किया कि वे अमेरिका को अपने इलाकों में स्थित सैन्य अड्डों का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न करने दें।

बुल्गारिया की विदेश मंत्री वेलिस्लावा पेट्रोवा के साथ बातचीत में अराघची ने कहा कि बेजमर एयर बेस पर अमेरिकी टैंकर विमानों की तैनाती बुल्गारिया की संसदीय मंजूरी, अंतरराष्ट्रीय कानून और द्विपक्षीय संबंधों का उल्लंघन है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 3314 का भी हवाला दिया, जो किसी तीसरे देश पर हमले के लिए अपना इलाका उपलब्ध कराने को आक्रामकता मानता है।

पेट्रोवा ने स्पष्ट किया कि बुल्गारिया का ईरान के खिलाफ किसी संघर्ष में भाग लेने का कोई इरादा नहीं है और वह क्षेत्रीय तनाव घटाने के लिए कूटनीति का समर्थन करता है।

साइप्रस की स्थिति

साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस के साथ अलग बातचीत में अराघची ने साइप्रस में विदेशी अड्डों के कथित दुरुपयोग पर चिंता जताई। कोम्बोस ने बताया कि साइप्रस ने ब्रिटेन से संपर्क किया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि साइप्रस में स्थित ब्रिटिश सैन्य अड्डों का उपयोग किसी भी देश के खिलाफ नहीं किया जाएगा।

व्यापक संदर्भ और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। एक के बाद एक सैन्य अड्डों पर हमले और जवाबी हमलों का यह सिलसिला व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका को बढ़ा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें अब इस पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस बढ़ते तनाव को थाम पाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

कुवैत और जॉर्डन में एक साथ अमेरिकी अड्डों को निशाना बनाना यह संकेत देता है कि ईरान इस संघर्ष को सीमित और स्थानीय नहीं रहने दे रहा — वह खाड़ी के हर कोने में अमेरिकी उपस्थिति को चुनौती दे रहा है। बुल्गारिया और साइप्रस को दी गई कूटनीतिक चेतावनियाँ दर्शाती हैं कि ईरान यूरोपीय नाटो सहयोगियों को भी इस संघर्ष की कीमत का एहसास दिलाना चाहता है। मुख्यधारा की कवरेज हमलों की गिनती पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या दोनों पक्षों के पास अभी भी 'डी-एस्केलेशन' का कोई राजनीतिक रास्ता बचा है — या यह टकराव अपनी खुद की गति से आगे बढ़ रहा है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर हमले का दावा क्यों किया?
ईरानी सेना ने इन हमलों को ईरान के खिलाफ अमेरिका के नए हमलों का जवाब बताया। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने पहले होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर ईरानी हमलों का हवाला देकर ईरानी ठिकानों पर कई चरणों में हमले किए थे, जिसके प्रतिशोध में ये कार्रवाई की गई।
शेख ईसा एयर बेस पर हमले में क्या-क्या निशाना बनाया गया?
ईरानी सेना के बयान के अनुसार, बहरीन के शेख ईसा एयर बेस पर अमेरिकी सेना के पावर जनरेटर, नेविगेशन सिस्टम और बेस पर स्थित ऑफिस व बैकअप बिल्डिंग को ड्रोन हमलों से निशाना बनाया गया। यह दावा ईरानी सेना की वेबसाइट पर प्रकाशित बयान पर आधारित है।
IRGC ने कुवैत और जॉर्डन में किन अड्डों पर हमला किया?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बुधवार रात कुवैत में अली अल-सलेम एयर बेस और जॉर्डन में अल-अजराक एयर बेस पर अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। IRGC ने इन्हें ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों का प्रतिशोध बताया।
ईरान ने बुल्गारिया और साइप्रस को क्या चेतावनी दी?
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुल्गारिया और साइप्रस से कहा कि वे अमेरिका को अपने इलाकों में स्थित सैन्य अड्डों का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न करने दें। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 3314 का हवाला दिया, जो ऐसे इस्तेमाल को आक्रामकता मानता है।
बुल्गारिया और साइप्रस ने ईरान की चेतावनी पर क्या कहा?
बुल्गारिया की विदेश मंत्री वेलिस्लावा पेट्रोवा ने कहा कि बुल्गारिया का ईरान के खिलाफ युद्ध में भाग लेने का कोई इरादा नहीं है और वह कूटनीति का समर्थन करता है। साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस ने बताया कि साइप्रस ने ब्रिटेन से संपर्क किया है ताकि साइप्रस में ब्रिटिश अड्डों का उपयोग किसी देश के खिलाफ न हो।
राष्ट्र प्रेस
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