होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का 54वाँ MQ-9 ड्रोन मार गिराने का दावा, IRGC ने कहा — दुश्मन को करारा जवाब मिलेगा
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने होर्मुज स्ट्रेट के आकाश में अमेरिकी सेना के एक MQ-9 ड्रोन को मार गिराया। IRGC के अनुसार यह 54वाँ ऐसा अमेरिकी ड्रोन है जिसे ईरानी एयर डिफेंस नेटवर्क द्वारा नष्ट किया गया है। यह दावा ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव लगातार उच्च स्तर पर बना हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'ईरान की सेना की वायु रक्षा प्रणाली ने होर्मुज स्ट्रेट के आकाश में 54वें MQ-9 ड्रोन को मार गिराया।' इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (IRNA) की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने बताया कि मंगलवार तड़के होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को उसकी एयरोस्पेस फोर्स की उन्नत रक्षा प्रणाली की मदद से रोककर नष्ट किया गया।
IRGC के बयान में यह भी कहा गया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल की ओर से कथित सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से ईरानी सशस्त्र सेनाओं ने दर्जनों जासूसी और लड़ाकू ड्रोन, तथा अन्य विमानों को भी मार गिराने का दावा किया है।
ईरान की आधिकारिक प्रतिक्रिया
IRGC ने यह ड्रोन ईरान के इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस नेटवर्क में हाल ही में शामिल किए गए अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम से नष्ट करने का दावा किया। मेहर न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, IRGC ने इस ड्रोन को 'आतंकवादी' अमेरिकी सेना का बताया।
IRGC के बयान में कहा गया है कि इन कार्रवाइयों को वह संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है। IRGC ने यह भी कहा कि दुश्मन की ओर से बार-बार ऐसी हरकतें होती हैं और हर बार ईरानी एयरोस्पेस फोर्स उन्हें नष्ट करती है।
होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण का दावा
IRGC ने जोर देकर कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह ईरान का नियंत्रण बना हुआ है। उसका कहना है कि दुश्मन की हर हरकत का ईरानी सेना कड़ा जवाब देगी। बयान में यह भी जोड़ा गया कि ईरान किसी भी प्रकार के दबाव या अत्याचार का जवाब निर्णायक और भारी तरीके से देगा।
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है — दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुज़रता है। इस जलमार्ग पर किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
व्यापक संदर्भ
यह घटना उस बड़े भू-राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हुई है जो कथित तौर पर 28 फरवरी से चल रहे सैन्य अभियानों के बाद से और गहरा गया है। आलोचकों का कहना है कि होर्मुज क्षेत्र में बार-बार होने वाली ये घटनाएँ न केवल क्षेत्रीय स्थिरता के लिए, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती हैं।
अमेरिकी सेना या प्रशासन की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्वतंत्र स्रोतों द्वारा IRGC के इस दावे की पुष्टि भी अभी बाकी है।
आगे क्या
यदि IRGC का यह दावा सत्य है, तो यह ईरान-अमेरिका के बीच सैन्य टकराव की बढ़ती आवृत्ति को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस प्रकार की घटनाएँ होर्मुज स्ट्रेट पर राजनयिक और सैन्य दबाव दोनों को और बढ़ा सकती हैं, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और तेल की कीमतों पर पड़ने की आशंका है।