ईरान का दावा: केश्म द्वीप और होर्मुज स्ट्रेट में मार गिराए तीन अमेरिकी ड्रोन, ट्रंप बोले — 'कोई जल्दी नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 3 नवंबर 2026 को दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी ईरानी हवाई क्षेत्र में तीन अमेरिकी ड्रोन को रोककर नष्ट किया — दो केश्म द्वीप के ऊपर और एक होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी समुद्री क्षेत्र में। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक संभावित कूटनीतिक समझौते की संभावनाओं का भी जिक्र कर रहे थे।
कौन से ड्रोन मार गिराए गए
IRGC के बयान के अनुसार, जिन दो ड्रोन को केश्म द्वीप के ऊपर रोका गया, वे MQM-170 आउटलॉ श्रेणी के थे। तीसरा ड्रोन MQ-9 रीपर था, जिसे होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में मार गिराया गया। MQ-9 रीपर अमेरिका के सबसे उन्नत निगरानी और हमलावर ड्रोन में शुमार है, जो इस घटना की सामरिक गंभीरता को और बढ़ाता है।
अमेरिका के गुप्त सैन्य अभियान का खुलासा
अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया कि सोमवार को अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में स्थित ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण केश्म द्वीप पर हमला किया। रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई हाल के हफ्तों में किए गए कई सीमित और गुप्त सैन्य अभियानों की एक कड़ी है।
कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को 'रक्षात्मक कार्रवाई' करार दिया और कहा कि इनका उद्देश्य ईरान को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करने से रोकना है। गौरतलब है कि अमेरिका ने इस बार इन हमलों की कोई सार्वजनिक घोषणा नहीं की — एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार यह जानबूझकर किया गया ताकि यह संदेश न जाए कि वाशिंगटन बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर शुरू कर रहा है।
ट्रंप का बयान: सैन्य कार्रवाई पर 'कोई जल्दी नहीं'
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को Axios को दिए एक फोन इंटरव्यू में कहा कि उन्हें ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर शुरू करने की 'कोई जल्दबाजी नहीं' है। उन्होंने कहा, 'किसी न किसी तरीके से हम कुछ करेंगे, लेकिन कोई जल्दी नहीं है। हमने उनकी अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचाया है। उनके पास पैसा नहीं है, ईंधन नहीं है और वहां के लोग भी इस स्थिति से थक चुके हैं।' यह बयान एक साथ सैन्य दबाव और कूटनीतिक लचीलेपन — दोनों का संकेत देता है।
ईरान की चेतावनी और कूटनीतिक प्रयास
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। हालाँकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका सैन्य कार्रवाई और बढ़ाता है तो उसे 'कहीं अधिक कड़ा और गंभीर' जवाब मिलेगा। यह ऐसे समय में आया है जब मंगलवार तड़के ईरानी मीडिया ने केश्म द्वीप पर कई धमाकों की खबर दी, जिनकी वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी।
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, इन धमाकों की आवाज दक्षिणी हेंगम द्वीप और बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में भी सुनी गई। केश्म द्वीप पर हुए विस्फोटों के वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर भी सामने आईं।
क्या होगा आगे
अमेरिका-ईरान तनाव का यह ताजा दौर एक पेचीदा स्थिति पेश करता है — एक तरफ गुप्त सैन्य अभियान जारी हैं, दूसरी तरफ कूटनीतिक चैनल खुले हैं। होर्मुज स्ट्रेट, जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए सीधा खतरा बना हुआ है। अब नज़रें इस पर हैं कि ट्रंप प्रशासन कूटनीति और सैन्य दबाव के बीच कौन-सा रास्ता चुनता है।