विश्व व्यापार रिपोर्ट 2026: शांगहाई में संगोष्ठी, बहुपक्षीय व्यापार मजबूत हो तो 2050 तक $30 खरब की वृद्धि संभव
सारांश
मुख्य बातें
विश्व व्यापार संगठन (WTO) की विश्व व्यापार रिपोर्ट 2026 पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी 7 नवंबर 2026 को पूर्वी चीन के शांगहाई में आयोजित हुई। यह कार्यक्रम 9वें होंगछ्याओ अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच के उप-मंच के रूप में सम्पन्न हुआ, जिसमें रिपोर्ट के चीनी संस्करण का विमोचन भी किया गया। WTO सचिवालय सहित राजनीतिक, औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों से 200 से अधिक घरेलू और विदेशी प्रतिनिधियों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया।
रिपोर्ट का मुख्य विषय और निष्कर्ष
इस वर्ष की रिपोर्ट का केंद्रीय विषय 'महत्वपूर्ण मोड़ पर विश्व व्यापार व्यवस्था' है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को सुदृढ़ किया जाए, तो वर्ष 2050 तक वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) आधारभूत परिदृश्य की तुलना में लगभग 2.9 प्रतिशत अधिक हो सकता है — जो करीब 30 खरब अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त वृद्धि के बराबर है। इसके साथ ही वैश्विक निर्यात में 17.9 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव बताई गई है।
दूसरी ओर, रिपोर्ट में यह गंभीर चेतावनी भी दी गई है कि यदि देश सामूहिक कार्रवाई नहीं करते और बहुपक्षीय व्यापार नियम कमज़ोर होते रहे, तो वैश्विक उत्पादन अधिकतम लगभग 10 प्रतिशत तक घट सकता है। यह आँकड़ा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़े झटके की ओर इशारा करता है।
प्रतिनिधियों की सहमति और प्रमुख चुनौतियाँ
संगोष्ठी में उपस्थित प्रतिनिधियों ने सामान्य सहमति व्यक्त की कि बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के विकास और वैश्विक आर्थिक वृद्धि में अपरिहार्य भूमिका निभाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में एकपक्षवाद, संरक्षणवाद, विकास अंतराल और तकनीकी क्रांति जैसी गंभीर चुनौतियाँ वैश्विक व्यापार तंत्र के सामने खड़ी हैं।
गौरतलब है कि यह संगोष्ठी ऐसे समय में आयोजित हुई है जब वैश्विक स्तर पर व्यापार प्रतिबंधों और टैरिफ विवादों में तेज़ी देखी जा रही है। ऐसे में WTO के ढाँचे को प्रासंगिक और प्रभावी बनाए रखना एक केंद्रीय बहस बन चुकी है।
WTO सुधार की दिशा
प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि WTO के सदस्य देशों को आपसी विश्वास और सहयोग बढ़ाना चाहिए। रिपोर्टों के अनुसार, संगठन के सुधार को अधिक न्यायसंगत और समतापूर्ण दिशा में आगे बढ़ाने की ज़रूरत पर व्यापक सहमति बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि और सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए बहुपक्षीय ढाँचे को मजबूत करना ही एकमात्र व्यावहारिक रास्ता है।
आगे की राह
होंगछ्याओ मंच पर इस रिपोर्ट के चीनी संस्करण का विमोचन इस बात का संकेत है कि चीन बहुपक्षीय व्यापार चर्चाओं में अपनी सक्रिय भूमिका को रेखांकित करना चाहता है। रिपोर्ट में निहित आँकड़े और नीतिगत सुझाव आने वाले महीनों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं को प्रभावित कर सकते हैं।