ओमप्रकाश राजभर का दावा: अखिलेश का ब्राह्मण सम्मेलन बेकार, सपा के नेता BJP में आने को तैयार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 17 जून 2025 को लखनऊ में एक तीखे बयान से यूपी की सियासत में हलचल मचा दी। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के कई सांसद और नेता जल्द ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का दामन थाम सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव चाहे कितने भी ब्राह्मण सम्मेलन कर लें, उन्हें ब्राह्मण समुदाय के वोट नहीं मिलने वाले।
सपा में 'बगावत' का दावा
मंत्री राजभर ने पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की राजनीतिक घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों में बगावत के सुर उठे और शिवसेना (UBT) के नेता एकनाथ शिंदे गुट की ओर खिंचते दिखे, उसी क्रम में अब उत्तर प्रदेश की बारी है। उनके अनुसार, 'समूची सपा, भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है।' यह बयान कथित तौर पर उन्होंने बिना किसी नाम का उल्लेख किए दिया।
गौरतलब है कि राजभर ने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का भी उल्लेख किया और कहा कि इन मामलों में जैसे-जैसे शिकंजा कस रहा है, सपा की बेचैनी बढ़ रही है।
राम गोपाल यादव के 'पत्र' पर निशाना
राजभर ने दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र और एक सूची सौंपी थी। उन्होंने मांग की कि राम गोपाल यादव वह पत्र सार्वजनिक करें और स्पष्ट करें कि उसमें क्या लिखा था। राजभर के अनुसार, उस पत्र में ऐसे नेताओं के नाम हो सकते हैं जिन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल किया जा सकता है। यह आरोप अभी तक सपा की ओर से न तो स्वीकार किया गया है और न ही खंडन हुआ है।
संजय राउत के 'ऑपरेशन टाइगर' पर प्रतिक्रिया
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के 'ऑपरेशन टाइगर' वाले बयान पर राजभर ने कहा कि जो नेता 'बिकने के लिए तैयार' होते हैं, वे बिक जाते हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे नेता तैयार किए जो अडिग नहीं थे, इसीलिए वे बिक गए। यह टिप्पणी कथित तौर पर TMC के हालिया घटनाक्रम के संदर्भ में की गई।
ब्राह्मण सम्मेलन पर तंज
सपा की ओर से आयोजित ब्राह्मण सभा को राजभर ने सीधे खारिज किया। उन्होंने कहा कि जो ब्राह्मण वहाँ जा रहे हैं, उन्हें अखिलेश यादव से पूछना चाहिए कि उनकी पार्टी के नेता भाटी ने ब्राह्मण समुदाय को लेकर विवादित बयान क्यों दिया था। राजभर ने यह भी कहा कि पूर्वांचल में अखिलेश यादव द्वारा लगवाई गई परशुराम प्रतिमा की कुल्हाड़ी चुनाव से पहले गिर गई थी, जिसे अशुभ संकेत माना गया — और उनकी भविष्यवाणी सच साबित हुई। उनके अनुसार, ब्राह्मण सम्मेलन में केवल वही नेता जाएंगे जो टिकट चाहते हैं, लेकिन वोट नहीं मिलेंगे।
2027 चुनाव और विपक्षी गठबंधन पर राय
2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन और सीट-बँटवारे की बातचीत पर राजभर ने कहा कि 403 सीटों पर चाहे विपक्ष साथ मिलकर लड़े या अलग-अलग, परिणाम में खास फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में गठबंधन के बावजूद एक पार्टी ने केवल 47 सीटें जीती थीं, और अब स्थिति और भी कमज़ोर हो सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष 2027 के लिए एकजुट होने की कोशिश कर रहा है।