10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ओमप्रकाश राजभर का दावा: अखिलेश का ब्राह्मण सम्मेलन बेकार, सपा के नेता BJP में आने को तैयार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ओमप्रकाश राजभर का दावा: अखिलेश का ब्राह्मण सम्मेलन बेकार, सपा के नेता BJP में आने को तैयार

सारांश

यूपी की योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि सपा के कई नेता BJP में शामिल होने को तैयार हैं और अखिलेश यादव का ब्राह्मण सम्मेलन महज टिकट की जुगाड़ है — वोट नहीं मिलेंगे। 2027 चुनाव से पहले यह बयान यूपी की सियासत में नई हलचल का संकेत है।

मुख्य बातें

मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 17 जून 2025 को लखनऊ में दावा किया कि सपा के कई सांसद और नेता NDA में शामिल होने को तैयार हैं।
राजभर ने राम गोपाल यादव द्वारा गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर सौंपे गए पत्र को सार्वजनिक करने की मांग की।
अखिलेश यादव के ब्राह्मण सम्मेलन को राजभर ने खारिज किया, कहा — सिर्फ टिकट के लिए जाएंगे नेता, वोट नहीं मिलेंगे।
2017 में गठबंधन के बावजूद विपक्ष की एक पार्टी केवल 47 सीटें जीत पाई थी; राजभर के अनुसार 2027 में स्थिति और कमज़ोर होगी।
राजभर ने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का हवाला देते हुए सपा की बढ़ती बेचैनी का संकेत दिया।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 17 जून 2025 को लखनऊ में एक तीखे बयान से यूपी की सियासत में हलचल मचा दी। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (सपा) के कई सांसद और नेता जल्द ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का दामन थाम सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव चाहे कितने भी ब्राह्मण सम्मेलन कर लें, उन्हें ब्राह्मण समुदाय के वोट नहीं मिलने वाले।

सपा में 'बगावत' का दावा

मंत्री राजभर ने पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की राजनीतिक घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसदों में बगावत के सुर उठे और शिवसेना (UBT) के नेता एकनाथ शिंदे गुट की ओर खिंचते दिखे, उसी क्रम में अब उत्तर प्रदेश की बारी है। उनके अनुसार, 'समूची सपा, भाजपा में शामिल होने को तैयार बैठी है।' यह बयान कथित तौर पर उन्होंने बिना किसी नाम का उल्लेख किए दिया।

गौरतलब है कि राजभर ने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का भी उल्लेख किया और कहा कि इन मामलों में जैसे-जैसे शिकंजा कस रहा है, सपा की बेचैनी बढ़ रही है।

राम गोपाल यादव के 'पत्र' पर निशाना

राजभर ने दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र और एक सूची सौंपी थी। उन्होंने मांग की कि राम गोपाल यादव वह पत्र सार्वजनिक करें और स्पष्ट करें कि उसमें क्या लिखा था। राजभर के अनुसार, उस पत्र में ऐसे नेताओं के नाम हो सकते हैं जिन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल किया जा सकता है। यह आरोप अभी तक सपा की ओर से न तो स्वीकार किया गया है और न ही खंडन हुआ है।

संजय राउत के 'ऑपरेशन टाइगर' पर प्रतिक्रिया

शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत के 'ऑपरेशन टाइगर' वाले बयान पर राजभर ने कहा कि जो नेता 'बिकने के लिए तैयार' होते हैं, वे बिक जाते हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे नेता तैयार किए जो अडिग नहीं थे, इसीलिए वे बिक गए। यह टिप्पणी कथित तौर पर TMC के हालिया घटनाक्रम के संदर्भ में की गई।

ब्राह्मण सम्मेलन पर तंज

सपा की ओर से आयोजित ब्राह्मण सभा को राजभर ने सीधे खारिज किया। उन्होंने कहा कि जो ब्राह्मण वहाँ जा रहे हैं, उन्हें अखिलेश यादव से पूछना चाहिए कि उनकी पार्टी के नेता भाटी ने ब्राह्मण समुदाय को लेकर विवादित बयान क्यों दिया था। राजभर ने यह भी कहा कि पूर्वांचल में अखिलेश यादव द्वारा लगवाई गई परशुराम प्रतिमा की कुल्हाड़ी चुनाव से पहले गिर गई थी, जिसे अशुभ संकेत माना गया — और उनकी भविष्यवाणी सच साबित हुई। उनके अनुसार, ब्राह्मण सम्मेलन में केवल वही नेता जाएंगे जो टिकट चाहते हैं, लेकिन वोट नहीं मिलेंगे।

2027 चुनाव और विपक्षी गठबंधन पर राय

2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन और सीट-बँटवारे की बातचीत पर राजभर ने कहा कि 403 सीटों पर चाहे विपक्ष साथ मिलकर लड़े या अलग-अलग, परिणाम में खास फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में गठबंधन के बावजूद एक पार्टी ने केवल 47 सीटें जीती थीं, और अब स्थिति और भी कमज़ोर हो सकती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष 2027 के लिए एकजुट होने की कोशिश कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका कोई दस्तावेज़ी आधार अभी सामने नहीं आया — यह दबाव की राजनीति भी हो सकती है। ब्राह्मण मतदाताओं को लेकर सपा और BJP दोनों की कोशिशें यह बताती हैं कि यह वर्ग 2027 में निर्णायक भूमिका में है। असली सवाल यह है कि क्या इस तरह के बयान वास्तविक राजनीतिक बदलाव की आहट हैं या महज चुनावी शोर।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओमप्रकाश राजभर ने सपा के बारे में क्या दावा किया?
मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कई सांसद और नेता NDA में शामिल होने को तैयार हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की राजनीतिक उथल-पुथल का हवाला देते हुए कहा कि अब उत्तर प्रदेश की बारी है।
राम गोपाल यादव और अमित शाह के 'पत्र' का विवाद क्या है?
राजभर ने आरोप लगाया कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र और सूची सौंपी थी, जिसमें कथित तौर पर उन सपा नेताओं के नाम थे जो BJP में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने मांग की कि वह पत्र सार्वजनिक किया जाए। सपा की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अखिलेश यादव के ब्राह्मण सम्मेलन पर राजभर की क्या राय है?
राजभर ने कहा कि ब्राह्मण सम्मेलन में केवल वही नेता जाएंगे जो टिकट चाहते हैं। उन्होंने सपा नेता भाटी के ब्राह्मण समुदाय पर दिए विवादित बयान का हवाला देते हुए कहा कि अखिलेश यादव को इस पर जवाब देना चाहिए, और चाहे कितने भी सम्मेलन हों, वोट नहीं मिलेंगे।
2027 UP चुनाव में विपक्षी गठबंधन को राजभर कितना प्रभावी मानते हैं?
राजभर के अनुसार विपक्ष चाहे 403 सीटों पर साथ लड़े या अलग-अलग, परिणाम में खास फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने 2017 का उदाहरण दिया जब गठबंधन के बावजूद एक पार्टी केवल 47 सीटें जीत पाई थी।
संजय राउत के 'ऑपरेशन टाइगर' बयान पर राजभर ने क्या कहा?
राजभर ने कहा कि जो नेता 'बिकने के लिए तैयार' होते हैं, उन्हें कोई भी खरीद सकता है। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे नेता तैयार किए जो अडिग नहीं थे, इसलिए वे बिक गए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 1 साल पहले