2 अगस्त 2026
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ओमप्रकाश राजभर का बड़ा दावा: सपा में जल्द होगी बड़ी टूट, रामगोपाल ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी

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ओमप्रकाश राजभर का बड़ा दावा: सपा में जल्द होगी बड़ी टूट, रामगोपाल ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी

सारांश

सुभासपा प्रमुख और यूपी मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर पोस्ट और प्रेस वार्ता में दावा किया कि सपा में जल्द बड़ी टूट होगी। उन्होंने रामगोपाल यादव द्वारा अमित शाह को कथित पत्र का हवाला दिया और अखिलेश यादव पर खनन घोटाले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई का जिक्र किया।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 17 जून 2026 को दावा किया कि समाजवादी पार्टी में जल्द बड़ी टूट होगी।
राजभर ने कहा कि सपा नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कथित तौर पर पत्र लिखकर कुछ नेताओं को BJP में शामिल करने का अनुरोध किया।
सुभासपा प्रमुख ने अवैध खनन और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में अखिलेश यादव का नाम जांच एजेंसियों द्वारा दर्ज होने का दावा किया।
राजभर के अनुसार, 'समूची सपा BJP में शामिल होने को तैयार बैठी है।' पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में भी दलबदल की खबरों के बीच यूपी की सियासत गरमाई।

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 17 जून 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि पार्टी में शीघ्र ही बड़ी टूट देखने को मिलेगी। राजभर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर यह दावा किया और साथ ही पत्रकारों से बातचीत में सपा नेतृत्व को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा।

राजभर का दावा और एक्स पर पोस्ट

ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर लिखा कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कहा है कि कुछ नेताओं को अपने साथ ले लिया जाए, लेकिन उन्हें सुरक्षित रखा जाए। राजभर ने कहा, 'किसी को तभी खरीदा जा सकता है, जब वह खुद बिकने के लिए तैयार हो।'

भ्रष्टाचार के आरोप और जांच एजेंसियों का जिक्र

सुभासपा प्रमुख ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि अवैध खनन प्रकरण और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है, यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियाँ अवैध खनन मामले में अखिलेश यादव का नाम पहले ही दर्ज कर चुकी हैं। राजभर के अनुसार, 'शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है।' गौरतलब है कि ये आरोप राजभर के अपने बयान पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

राष्ट्रीय दलबदल की पृष्ठभूमि

यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में दलबदल की राजनीति चर्चा में है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ विधायकों और सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरें सामने आई हैं। वहीं महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के कुछ नेताओं के दूसरे राजनीतिक विकल्प तलाशने की रिपोर्टें भी सियासी हलकों में चर्चा का विषय बनी हैं। राजभर ने इसी संदर्भ में कहा कि 'सिर्फ महाराष्ट्र पर ही ध्यान मत दीजिए, अब उत्तर प्रदेश की बारी है।'

सपा पर असर और राजनीतिक प्रतिक्रिया

राजभर के इस बयान ने लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 'महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल छोड़िए, समूची सपा भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने को तैयार बैठी है।' हालांकि, सपा की ओर से अभी तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या

राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और हलचल की संभावना है। रामगोपाल यादव द्वारा अमित शाह को लिखे गए कथित पत्र की सत्यता और सपा के आंतरिक समीकरण अब राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव की आहट सुनाई देने लगी है। रामगोपाल यादव द्वारा अमित शाह को लिखे कथित पत्र की न तो सपा ने पुष्टि की है और न ही सरकार ने, जो इस दावे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। दलबदल की राजनीति का यह दौर — बंगाल, महाराष्ट्र और अब यूपी — एक बड़े राष्ट्रीय पैटर्न की ओर इशारा करता है जिसमें विपक्षी दलों को भीतर से कमज़ोर करने की कोशिशें तेज़ हो रही हैं। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर बयान को बयान की तरह रिपोर्ट करती है — यह पूछे बिना कि इसका समय और मंच क्यों चुना गया।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओमप्रकाश राजभर ने सपा में टूट का दावा क्यों किया?
राजभर ने दावा किया कि खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में जांच एजेंसियों के शिकंजे से सपा परेशान है और इसी दबाव में पार्टी के नेता BJP से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने रामगोपाल यादव द्वारा अमित शाह को लिखे कथित पत्र को इसका प्रमाण बताया।
रामगोपाल यादव ने अमित शाह को क्या पत्र लिखा?
ओमप्रकाश राजभर के दावे के अनुसार, सपा नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कुछ नेताओं को BJP में शामिल करने और बदले में उन्हें सुरक्षित रखने का अनुरोध किया। इस दावे की न सपा ने और न ही केंद्र सरकार ने अभी तक पुष्टि की है।
अखिलेश यादव पर खनन घोटाले में क्या आरोप हैं?
राजभर ने दावा किया कि जांच एजेंसियाँ अवैध खनन प्रकरण में अखिलेश यादव का नाम पहले ही दर्ज कर चुकी हैं। यह राजभर का अपना बयान है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक नहीं हुई है।
क्या महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में भी दलबदल हो रहा है?
हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में TMC के कुछ विधायकों और सांसदों के पार्टी छोड़ने तथा महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की पार्टी के कुछ नेताओं के दूसरे विकल्प तलाशने की खबरें सामने आई हैं। इसी पृष्ठभूमि में राजभर ने यूपी में सपा की टूट का दावा किया है।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) का BJP से क्या संबंध है?
सुभासपा उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है और ओमप्रकाश राजभर यूपी सरकार में मंत्री हैं। इस नाते उनके बयान को सत्तारूढ़ गठबंधन की राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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