ओमप्रकाश राजभर का बड़ा दावा: सपा में जल्द होगी बड़ी टूट, रामगोपाल ने अमित शाह को लिखी चिट्ठी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 17 जून 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए दावा किया कि पार्टी में शीघ्र ही बड़ी टूट देखने को मिलेगी। राजभर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर यह दावा किया और साथ ही पत्रकारों से बातचीत में सपा नेतृत्व को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा।
राजभर का दावा और एक्स पर पोस्ट
ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर लिखा कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कहा है कि कुछ नेताओं को अपने साथ ले लिया जाए, लेकिन उन्हें सुरक्षित रखा जाए। राजभर ने कहा, 'किसी को तभी खरीदा जा सकता है, जब वह खुद बिकने के लिए तैयार हो।'
भ्रष्टाचार के आरोप और जांच एजेंसियों का जिक्र
सुभासपा प्रमुख ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि अवैध खनन प्रकरण और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है, यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियाँ अवैध खनन मामले में अखिलेश यादव का नाम पहले ही दर्ज कर चुकी हैं। राजभर के अनुसार, 'शिकंजा कस रहा है तो सपा परेशान है।' गौरतलब है कि ये आरोप राजभर के अपने बयान पर आधारित हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्रीय दलबदल की पृष्ठभूमि
यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में दलबदल की राजनीति चर्चा में है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ विधायकों और सांसदों के पार्टी छोड़ने की खबरें सामने आई हैं। वहीं महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के कुछ नेताओं के दूसरे राजनीतिक विकल्प तलाशने की रिपोर्टें भी सियासी हलकों में चर्चा का विषय बनी हैं। राजभर ने इसी संदर्भ में कहा कि 'सिर्फ महाराष्ट्र पर ही ध्यान मत दीजिए, अब उत्तर प्रदेश की बारी है।'
सपा पर असर और राजनीतिक प्रतिक्रिया
राजभर के इस बयान ने लखनऊ के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 'महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल छोड़िए, समूची सपा भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने को तैयार बैठी है।' हालांकि, सपा की ओर से अभी तक इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या
राजभर के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में और हलचल की संभावना है। रामगोपाल यादव द्वारा अमित शाह को लिखे गए कथित पत्र की सत्यता और सपा के आंतरिक समीकरण अब राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र में हैं।