11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सपा में सदन से पहले होगी बड़ी टूट, पीएम मोदी विश्व शांति के दूत हैं: ओपी राजभर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सपा में सदन से पहले होगी बड़ी टूट, पीएम मोदी विश्व शांति के दूत हैं: ओपी राजभर

सारांश

सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने बड़ा दावा किया है — मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही सपा में टूट होगी और रामगोपाल यादव ने कथित तौर पर अमित शाह को पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की सूची सौंपी है। साथ ही उन्होंने 2047 तक सपा के सत्ता से बाहर रहने की भविष्यवाणी की।

मुख्य बातें

ओमप्रकाश राजभर ने 18 जून को आजमगढ़ में दावा किया कि मानसून सत्र शुरू होने से पहले सपा में बड़ी राजनीतिक टूट होगी।
राजभर ने दावा किया कि रामगोपाल यादव ने गृह मंत्री अमित शाह को पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की सूची सौंपी है — यह दावा स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ।
उन्होंने भविष्यवाणी की कि 2047 तक समाजवादी पार्टी सत्ता में नहीं आएगी।
गोमती खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना की जाँच तेज होने से सपा नेताओं में बेचैनी बढ़ी है — राजभर का आरोप।
पीएम मोदी को 32 देशों द्वारा सम्मानित किए जाने को राजभर ने वैश्विक नेतृत्व का प्रमाण बताया।
राहुल गांधी के विदेश में भारतीय संस्थाओं पर सवाल उठाने को राजभर ने 'अनुचित' करार दिया।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने 18 जून को आजमगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में कई बड़े राजनीतिक दावे किए — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक छवि की सराहना से लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) में आसन्न टूट की भविष्यवाणी तक। उन्होंने दावा किया कि मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही सपा में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिलेगा।

पीएम मोदी की वैश्विक साख पर राजभर का बयान

राजभर ने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता की प्रशंसा करते हुए कहा कि 32 देशों द्वारा उन्हें सम्मानित किया जाना उनके वैश्विक नेतृत्व का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जहाँ भी जाते हैं, शांति, सहयोग और विकास का संदेश लेकर जाते हैं। राजभर के अनुसार, मोदी का मानना है कि देशों के बीच आपसी व्यापार और सहयोग बढ़ना चाहिए — जो देश जो वस्तु बेहतर बनाता है, उसका आदान-प्रदान होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध किसी भी देश के विकास में बाधा है, इसलिए वैश्विक सौहार्द ज़रूरी है।

सपा में टूट का दावा — 'सदन से पहले खेल हो जाएगा'

राजभर ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस दावे का समर्थन किया जिसमें सपा के कई सांसदों के पाला बदलने की संभावना जताई गई थी। उन्होंने कहा — 'सदन शुरू होने से पहले ही खेल हो जाएगा, बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिलेगा।' राजभर ने यह भी दावा किया कि 2047 तक समाजवादी पार्टी सत्ता में नहीं आने वाली। उन्होंने आरोप लगाया कि गोमती खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट परियोजना में जाँच तेज होने से सपा नेताओं में बेचैनी बढ़ गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सपा के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को उन नेताओं की सूची सौंपी है जो भविष्य में पार्टी छोड़ सकते हैं — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर पलटवार

सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा प्रदेश सरकार पर ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार के आरोपों के जवाब में राजभर ने कहा कि यह कार्य अधिकारियों के स्तर पर होता है, मंत्रियों के स्तर पर नहीं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि आरोप लगाने वालों को पहले अपनी संपत्ति का स्रोत स्पष्ट करना चाहिए। राजभर ने सवाल उठाया कि कथित खनन घोटाले, लैपटॉप घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट मामले में यदि कोई अनियमितता नहीं हुई, तो हज़ारों करोड़ रुपये की संपत्ति कहाँ से आई और विशेष चार्टर विमानों से यात्रा का धन किसका है।

राहुल गांधी और चुनाव आयोग पर टिप्पणी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए राजभर ने कहा कि विदेशों में जाकर भारत की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग (ECI) पर भरोसा नहीं है, तो उन्हें अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। गौरतलब है कि राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं।

मानसून सत्र और संविधान संशोधन पर विश्वास

राजभर ने कहा कि आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार जो भी विधेयक लाएगी — चाहे परिसीमन से जुड़ा हो या संविधान संशोधन से — वह संसद में पारित हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि सरकार के पास पर्याप्त संसदीय समर्थन है। राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र अब इस पर होगी कि सपा के भीतर कथित असंतोष का असर आने वाले हफ्तों में किस रूप में सामने आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे सत्तापक्ष की उस परंपरागत रणनीति के संदर्भ में देखना ज़रूरी है जिसमें विपक्षी दलों में दरार दिखाकर माहौल बनाया जाता है। रामगोपाल यादव द्वारा कथित सूची सौंपने का दावा अब तक असत्यापित है और इसे सपा ने खारिज नहीं किया है — यह अपने आप में एक राजनीतिक संकेत है। गोमती खनन और रिवर फ्रंट घोटाले की जाँच वर्षों से चल रही है, लेकिन अभी तक कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हुई है — जो राजभर के दावों की धार को कुछ कमज़ोर करती है। 2027 के चुनाव की आहट में इस तरह के बयान जनमानस को प्रभावित करने के लिए हैं, न कि केवल तथ्य-कथन के लिए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओपी राजभर ने सपा में टूट को लेकर क्या दावा किया?
राजभर ने कहा कि मानसून सत्र शुरू होने से पहले ही समाजवादी पार्टी में बड़ा राजनीतिक उलटफेर होगा और कई सांसद पाला बदल सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि रामगोपाल यादव ने गृह मंत्री अमित शाह को पार्टी छोड़ने वाले नेताओं की सूची सौंपी है, हालाँकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राजभर ने पीएम मोदी को 'विश्व शांति का दूत' क्यों कहा?
राजभर ने कहा कि 32 देशों द्वारा पीएम मोदी को सम्मानित किया जाना उनकी वैश्विक स्वीकार्यता का प्रमाण है। उनके अनुसार मोदी जहाँ भी जाते हैं, शांति, व्यापारिक सहयोग और विकास का संदेश लेकर जाते हैं और युद्ध को विकास में बाधा मानते हैं।
गोमती खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट मामले से सपा का क्या संबंध है?
राजभर ने आरोप लगाया कि इन दोनों मामलों में जाँच तेज होने से सपा नेताओं में बेचैनी है। उन्होंने सवाल किया कि यदि इन मामलों में कोई अनियमितता नहीं हुई, तो हज़ारों करोड़ रुपये की संपत्ति का स्रोत क्या है। ये आरोप राजभर के हैं और सपा की ओर से इनका खंडन किया जाता रहा है।
राजभर ने राहुल गांधी पर क्या टिप्पणी की?
राजभर ने कहा कि विदेशों में जाकर भारत की संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी नेताओं को चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है, तो उन्हें अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए।
राजभर ने मानसून सत्र में किन विधेयकों के पारित होने की बात कही?
राजभर ने कहा कि आगामी मानसून सत्र में केंद्र सरकार परिसीमन या संविधान संशोधन से जुड़े जो भी विधेयक लाएगी, वे संसद में पारित हो जाएँगे। उनका दावा है कि सरकार के पास पर्याप्त संसदीय समर्थन है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले