28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राजभर का अखिलेश पर बड़ा हमला: 'पीडीए हाथ से सरक गया, 2027 में मुख्य विपक्ष बनने लायक नहीं बचेंगे'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राजभर का अखिलेश पर बड़ा हमला: 'पीडीए हाथ से सरक गया, 2027 में मुख्य विपक्ष बनने लायक नहीं बचेंगे'

सारांश

सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे टैग करते हुए दावा किया कि सपा का पीडीए फॉर्मूला बिखर चुका है — कांग्रेस और ओवैसी दोनों मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगा रहे हैं। 2027 में सपा के मुख्य विपक्ष न बचने की भविष्यवाणी के साथ यह यूपी की राजनीति में बड़ी चुनौती का संकेत है।

मुख्य बातें

ओम प्रकाश राजभर ने 28 जुलाई को एक्स पर अखिलेश यादव को टैग कर सपा के पीडीए समीकरण को 'हाथ से सरका हुआ' बताया।
राजभर के अनुसार कांग्रेस और असदुद्दीन ओवैसी दोनों सपा के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगा रहे हैं।
उन्होंने सपा पर 'जंगलराज', माफिया पोषण और 'सैफई सिंडिकेट' चलाने का आरोप लगाया।
राजभर ने भविष्यवाणी की कि 2027 विधानसभा चुनाव में सपा मुख्य विपक्षी दल बनने लायक भी नहीं बचेगी।
राजभर NDA सरकार में मंत्री हैं और पहले सपा के सहयोगी रह चुके हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने मंगलवार, 28 जुलाई को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। राजभर ने दावा किया कि सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) गठजोड़ अब कमज़ोर पड़ चुका है और पार्टी अपने पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक को भी बचाने में संघर्ष कर रही है। यह बयान लखनऊ से आया और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे टैग करते हुए पोस्ट किया गया।

एक्स पर राजभर का सीधा संदेश

राजभर ने एक्स पर अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि उन्हें लड़ना एनडीए से है, लेकिन इस बार उन्हें 'अपनों' से भी लड़ना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि ज़मीनी रिपोर्ट के आधार पर पीडीए समीकरण सपा के हाथ से निकल चुका है और अब स्थिति एमवाई (मुस्लिम-यादव) गठजोड़ बचाने तक सिमट आई है।

राजभर ने इशारों में कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 'पंजा' सपा के मुस्लिम वोट बैंक पर 'झपट्टा मार रहा है', और दूसरी तरफ असदुद्दीन ओवैसी भी उसी वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ओवैसी की बात कर रहे हैं।

माफिया और जंगलराज का आरोप

राजभर ने आरोप लगाया कि गाँव-गाँव में सपा की पहचान 'गुंडे और माफिया वाली पार्टी' के रूप में बन चुकी है। उन्होंने कहा कि जब भी सपा सत्ता में आती है तो 'जंगलराज का पूरा पैकेज' साथ लाती है — जिसमें गैर-यादव पिछड़ों और बहुजनों पर अत्याचार, थाने-तहसीलों का पार्टी कार्यालय में तब्दील होना और हर ज़िले में माफिया का पोषण शामिल है। उन्होंने इसे 'सैफई सिंडिकेट' की संज्ञा दी।

राजभर ने यह भी दावा किया कि इन्हीं कारणों से अब मुस्लिम मतदाता भी सपा से दूरी बनाने लगे हैं।

2027 विधानसभा चुनाव पर चेतावनी

राजभर ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा 'मुख्य विपक्षी दल बनने लायक भी नहीं बचेगी।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में अखिलेश यादव को 'ज़मीन पर आने' और 'अपनों से सावधान रहने' की सलाह दी — यह कहते हुए कि वे यह सलाह इसलिए दे रहे हैं ताकि 2027 में एक मज़बूत विपक्ष मिल सके।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि ओम प्रकाश राजभर पहले सपा के सहयोगी रह चुके हैं और बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हो गए। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं और सभी दल अपने जातीय समीकरण मज़बूत करने में जुटे हैं। पीडीए फॉर्मूले को लेकर सपा और उसके आलोचकों के बीच बयानबाज़ी का यह नया दौर राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि गैर-यादव पिछड़े वर्ग ही राजभर की असली राजनीतिक ज़मीन हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस और ओवैसी का मुस्लिम वोट पर दावा सपा के लिए वाकई चिंताजनक हो सकता है — 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों ने इस खिंचाव के संकेत दिए थे। असली सवाल यह है कि क्या राजभर की 'ज़मीनी रिपोर्ट' वास्तविक सर्वेक्षण पर आधारित है या यह NDA की चुनावी कथा गढ़ने की कोशिश है — इसका जवाब 2027 की मतगणना देगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
राजभर ने दावा किया कि सपा का पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समीकरण टूट चुका है और पार्टी अब केवल एमवाई (मुस्लिम-यादव) गठजोड़ बचाने की स्थिति में आ गई है। उन्होंने सपा पर माफिया पोषण और 'जंगलराज' का भी आरोप लगाया।
राजभर ने कांग्रेस और ओवैसी का ज़िक्र क्यों किया?
राजभर ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 'पंजा' सपा के मुस्लिम वोट बैंक पर झपट्टा मार रहा है, और असदुद्दीन ओवैसी भी उसी वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार यही सपा की सबसे बड़ी आंतरिक चुनौती है।
राजभर ने 2027 चुनाव को लेकर क्या भविष्यवाणी की?
राजभर ने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा मुख्य विपक्षी दल बनने लायक भी नहीं बचेगी। उन्होंने यह बात व्यंग्यात्मक लहजे में अखिलेश यादव को 'सही सलाह' के रूप में दी।
पीडीए समीकरण क्या है और यह सपा के लिए क्यों अहम है?
पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक — यह सपा की वह चुनावी रणनीति है जिसे अखिलेश यादव ने हाल के चुनावों में आगे बढ़ाया। इस फॉर्मूले के ज़रिए सपा ने यादव-मुस्लिम आधार से परे व्यापक गठजोड़ बनाने की कोशिश की थी।
ओम प्रकाश राजभर का सपा से क्या रिश्ता रहा है?
राजभर पहले सपा के सहयोगी दल के रूप में काम कर चुके हैं, लेकिन बाद में वे NDA में शामिल हो गए और अब उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। उनकी सुभासपा पूर्वांचल में गैर-यादव पिछड़े वर्गों में प्रभावशाली मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले