सेमीकॉन इंडिया 2026 का उद्घाटन: PM मोदी बोले — मोहाली-सूरत में शुरू हुआ कमर्शियल चिप उत्पादन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2026 को सेमीकॉन इंडिया 2026 के 5वें संस्करण का उद्घाटन किया और घोषणा की कि मोहाली और सूरत के सेमीकंडक्टर प्लांट से भारत में निर्मित चिप्स अब देश और विदेश के ग्राहकों तक पहुँचने लगी हैं। उन्होंने इस अवसर पर विश्वकर्मा जयंती की बधाई देते हुए इसे आत्मनिर्भर और विकसित भारत की प्रेरणा का प्रतीक बताया।
उद्घाटन और विश्वकर्मा जयंती का संयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, 'आज विश्वकर्मा जयंती भी है — हमारी परंपरा में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन की शक्ति का प्रतीक माना गया है और संयोग देखिए, आज से ही सेमीकॉन इंडिया की शुरुआत हो रही है। एक तरफ हमारी सदियों पुरानी निर्माण की परंपरा और दूसरी तरफ 21वीं सदी की टेक्नोलॉजी और विजन — यही आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की प्रेरणा है।' उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए हर देशवासी एक प्रतिबद्धता के साथ जुटा हुआ है।
भारत की आर्थिक रफ्तार का संदर्भ
मोदी ने बीते 15 दिनों की घटनाओं का हवाला देते हुए भारत की प्रगति की तस्वीर खींची। उन्होंने बताया कि सितंबर में मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का आयोजन हुआ, जिसमें एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर चर्चा हुई। इसी दौरान देश में करीब 3,000 किलोमीटर का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरी तरह ऑपरेशनल हो गया, जिससे लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग को नई ताकत मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत की तिमाही जीडीपी 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी है और जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की सॉवरिन रेटिंग में सुधार किया है — जो कथित तौर पर करीब 35 वर्षों में पहली बार हुआ है।
मुख्य घटनाक्रम: मोहाली और सूरत में कमर्शियल उत्पादन
सेमीकंडक्टर क्षेत्र की उपलब्धियों पर विस्तार से बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमारी चिप्स अब भारत के प्लांट से देश और दुनियाभर के ग्राहकों तक पहुँच रही हैं।' उन्होंने मोहाली और सूरत में दो सेमीकंडक्टर प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत को ऐतिहासिक बताया और कहा कि किसी भी देश के लिए इस स्तर तक पहुँचना आसान नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेमीकंडक्टर सेक्टर अन्य उद्योगों से भिन्न है — यहाँ तकनीकी क्षमता और विशेषज्ञता विकसित करने में दशकों लगते हैं।
फैबलेस कंपनियाँ और आईपी निर्माण पर जोर
मोदी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि भारत में फैबलेस कंपनियों की वृद्धि हो और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का सृजन भी भारत में ही हो। गौरतलब है कि फैबलेस कंपनियाँ माइक्रोचिप का डिजाइन और बिक्री स्वयं करती हैं, लेकिन निर्माण किसी 'फाउंड्री' को आउटसोर्स करती हैं। उन्होंने कंपाउंड सेमीकंडक्टर, सिलिकॉन फोटोनिक्स और एआई-सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को भविष्य की ज़रूरत बताया।
प्रतिभा और आरएंडडी: 70,000 इंजीनियर ट्रेन्ड
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने 1 लाख इंजीनियरिंग छात्रों को सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 70 हज़ार युवाओं को अब तक प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि देश-विदेश में रिसर्च कर रहे प्रतिभाशाली युवा भारत में उन्नत तकनीक के विकास से जुड़ें। उद्योग जगत के नेताओं से भी आग्रह किया गया कि वे देश में आरएंडडी का नेतृत्व करें।
एआई और पावर सेक्टर में निवेश की ज़रूरत
मोदी ने कहा कि वैश्विक सेमीकंडक्टर सेक्टर की ग्रोथ 20 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि एआई डेटा सेंटर्स में हजारों हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर एक साथ काम करते हैं और जैसे-जैसे एआई का विस्तार होगा, बिजली की माँग भी उसी अनुपात में बढ़ेगी। इसलिए भारत पावर सेक्टर में बड़ा निवेश कर रहा है ताकि सेमीकंडक्टर प्लांट को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया को मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई और भरोसेमंद लोकेशन की तलाश है, और भारत स्वयं को उस भूमिका के लिए तैयार कर रहा है।