यूपी राज्यसभा चुनाव: BJP कोर कमेटी 28 सितंबर को, 8 सीटों के लिए उम्मीदवारों पर मंथन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। यूपी BJP की कोर कमेटी की बैठक 28 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है, जिसमें राज्यसभा की 8 सीटों के लिए संभावित दावेदारों के नाम पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक के बाद नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को अंतिम निर्णय के लिए भेजा जाएगा।
बैठक में कौन-कौन होगा शामिल
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के साथ-साथ BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह समेत प्रदेश संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना है।
बैठक का मुख्य एजेंडा राज्यसभा उम्मीदवारों का चयन होगा। रिपोर्टों के अनुसार, प्रत्येक सीट के लिए तीन नामों का पैनल तैयार करने की योजना है, जिसे बाद में केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजा जाएगा और अंतिम मुहर वहीं से लगेगी।
चुनाव आयोग का कार्यक्रम
चुनाव आयोग की घोषणा के मुताबिक, उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की 1 राज्यसभा सीट पर द्विवार्षिक चुनाव होना है। इसके अतिरिक्त पश्चिम बंगाल की एक रिक्त राज्यसभा सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। सभी सीटों के लिए मतदान 16 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुल 11 राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर 2026 में पूरा हो रहा है, इसी कारण इन सीटों पर चुनाव कराया जा रहा है।
नामांकन और चुनाव की समय-सारणी
राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर 2026 को जारी होगी। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जाँच 7 अक्टूबर को होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
मतदान 16 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। आवश्यकता पड़ने पर उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना प्रारंभ होगी। चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया 19 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण की जानी है।
राजनीतिक समीकरण और महत्व
यह बैठक ऐसे समय में आई है जब राज्यसभा में संख्या बल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों सतर्क हैं। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा में BJP के बहुमत के कारण पार्टी की स्थिति प्रदेश की अधिकांश सीटों पर मज़बूत मानी जा रही है।
राजनीतिक हलकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि BJP किन चेहरों को मैदान में उतारती है — विशेष रूप से क्या संगठनात्मक समीकरण, जाति-संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखा जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व का अंतिम निर्णय आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।