हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश राज्यसभा उम्मीदवारी पर एल. मुरुगन की शुभकामनाएँ, रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर लगाया सिख-विरोधी रवैये का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) का उम्मीदवार घोषित किए जाने के एक दिन बाद 29 अक्टूबर 2026 को पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने उनसे मुलाकात कर शुभकामनाएँ दीं। इस मुलाकात के साथ ही राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल ने पुरी के नामांकन का स्वागत करते हुए कांग्रेस पर सिख समुदाय के प्रति विरोधी रुख अपनाने का आरोप मढ़ा।
मुरुगन की शुभकामनाएँ और एक्स पर पुरी का संदेश
पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, 'मेरे मित्र और पार्टी के साथी कार्यकर्ता तिरु एल. मुरुगन जी आज मुझसे मिलने आए और मध्य प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में मेरे नामांकन पर अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।' पुरी ने यह भी कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मज़बूत और आत्मनिर्भर विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए मुरुगन के साथ मिलकर काम करने को लेकर उत्सुक हैं।
रिक्त सीट की पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की यह सीट एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है, जिनका कार्यकाल मूल रूप से 2 अप्रैल 2030 तक था। मुरुगन अब तमिलनाडु में भाजपा संगठन को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। BJP की केंद्रीय चुनाव समिति ने इस रिक्त सीट के लिए चुनाव आयोग द्वारा घोषित उपचुनाव हेतु पुरी के नाम को औपचारिक मंज़ूरी दे दी है।
पुरी का संसदीय सफर
74 वर्षीय हरदीप सिंह पुरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में एकमात्र सिख मंत्री हैं। वह इससे पहले उत्तर प्रदेश से निर्विरोध राज्यसभा के लिए चुने गए थे और उनका मौजूदा कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। भाजपा उन्हें अब तक दो बार राज्यसभा भेज चुकी है। उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के लिए आठ उम्मीदवारों की घोषणा की थी, जिसमें जातीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक अनुभव का संतुलन बनाया गया था — परंतु उस सूची में पुरी का नाम शामिल नहीं था।
रजनीश अग्रवाल का कांग्रेस पर हमला
राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल ने पुरी की उम्मीदवारी का स्वागत करते हुए कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'ये लोकतांत्रिक, संवैधानिक और कानूनी रूप से प्रत्याशी बनाए गए हैं। कांग्रेस को क्या आपत्ति है? न कोई तथ्य, न कोई सत्य और न किसी प्रकार का कोई तर्क। केवल विरोध करना, क्योंकि वे सिख हैं।' अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पुरी के सिख समुदाय से होने के कारण उनके विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रही है और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
आगे क्या होगा
अग्रवाल ने कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की माँग करते हुए कहा कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के दौरान सिख समुदाय कांग्रेस को इसका जवाब देगा। यह टकराव ऐसे समय में उभरा है जब भाजपा और कांग्रेस दोनों सिख वोट-बैंक को साधने की कोशिश में हैं। मध्य प्रदेश उपचुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी और पुरी का निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय माना जा रहा है।