29 अक्टूबर 2026
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हरदीप पुरी की मध्य प्रदेश राज्यसभा उम्मीदवारी पर BJP-कांग्रेस में तीखी जुबानी जंग

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हरदीप पुरी की मध्य प्रदेश राज्यसभा उम्मीदवारी पर BJP-कांग्रेस में तीखी जुबानी जंग

सारांश

मध्य प्रदेश राज्यसभा सीट पर हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। भाजपा ने कांग्रेस को '1984 का दोषी' बताया, तो कांग्रेस ने एपस्टीन-कनेक्शन का अनसत्यापित आरोप उछाला। जीत भाजपा की तय है, पर लड़ाई कहीं बड़ी दिख रही है।

मुख्य बातें

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया।
मुरुगन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई; चुनाव आयोग ने अधिसूचना जारी की।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस को 'सिख-विरोधी' बताया और 1984 के दंगों का हवाला दिया।
कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पुरी पर जेफ्री एपस्टीन से कथित संबंधों का आरोप लगाया — यह आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ।
विधानसभा में भाजपा के बहुमत के चलते पुरी की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश की रिक्त राज्यसभा सीट के उपचुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जिसके बाद 29 अक्टूबर 2026 को राज्य की राजनीति में तीखी वाकयुद्ध छिड़ गई। यह सीट तब रिक्त हुई जब राज्य से राज्यसभा सदस्य रहे डॉ. एल. मुरुगन ने इस्तीफा दिया, जिसके बाद चुनाव आयोग ने उपचुनाव की अधिसूचना जारी की।

उम्मीदवारी की पृष्ठभूमि

राज्यसभा की यह सीट भाजपा के पास जाना तय माना जा रहा है, क्योंकि मध्य प्रदेश विधानसभा में उसके पास पर्याप्त बहुमत है। ऐसे में पार्टी ने केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री के रूप में कार्यरत हरदीप सिंह पुरी को प्रदेश से राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब किसी केंद्रीय मंत्री को किसी ऐसे राज्य से राज्यसभा में भेजा जा रहा हो जहाँ उनकी कोई प्रत्यक्ष राजनीतिक जड़ें न हों — यह भाजपा की स्थापित रणनीति का हिस्सा है।

भाजपा का पलटवार: 'कांग्रेस सिख-विरोधी'

कांग्रेस द्वारा पुरी की उम्मीदवारी पर हमले के जवाब में भाजपा के वरिष्ठ विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस को 'सिख-विरोधी' पार्टी करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास सिख समुदाय के खिलाफ षड्यंत्रों से भरा रहा है। शर्मा ने 1984 के सिख-विरोधी दंगों का संदर्भ देते हुए आरोप लगाया कि 1 नवंबर को हज़ारों सिखों को जिंदा जलाने की साजिश में कांग्रेस की भूमिका थी।

शर्मा ने आगे कहा कि इंदिरा गांधी हत्याकांड के बाद कांग्रेसियों ने चुन-चुनकर सिख परिवारों को उजाड़ने का काम किया। उन्होंने कहा, 'आज वे सिखों के जख्मों पर मरहम लगाने या माफी माँगने के बजाय उनके घावों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा पहले भी सिख समाज के साथ खड़ी थी, आज भी है और भविष्य के हर संघर्ष में भी मजबूती से साथ रहेगी।

कांग्रेस का हमला: एपस्टीन कनेक्शन का आरोप

कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पुरी की उम्मीदवारी को 'मध्य प्रदेश की जनता का घोर अपमान' बताया। उन्होंने आरोप लगाया — जिसे भाजपा ने निराधार बताया है — कि कथित तौर पर जेफ्री एपस्टीन से जुड़े 'गंभीर सवालों' के बीच पुरी को प्रदेश का प्रतिनिधि बनाना प्रदेशवासियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

सिंघार ने भाजपा से सवाल किया कि 'मध्य प्रदेश की जनता पर ऐसा व्यक्ति क्यों थोपा जा रहा है' और चेतावनी दी कि नामांकन का प्रस्तावक बनने वाले और समर्थन करने वाले भाजपा नेताओं को जनता के सामने जवाब देना होगा। उल्लेखनीय है कि ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

आगे क्या होगा

चुनाव आयोग की अधिसूचना जारी होने के बाद नामांकन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में भाजपा अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने की कोशिश में है और कांग्रेस राज्यसभा उपचुनाव को राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटी है। बहुमत के आधार पर भाजपा उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन विपक्ष की आक्रामकता से चुनाव प्रचार का स्वर तीखा रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि भाजपा 1984 के दंगों का संदर्भ देकर कांग्रेस की विश्वसनीयता को सिख मतदाताओं के बीच कमज़ोर करना चाहती है। यह बहस राज्यसभा सीट से कम और राष्ट्रीय सिख मतदाताओं के समक्ष नरेटिव की लड़ाई अधिक लगती है। मुख्यधारा की कवरेज इस सांप्रदायिक फ्रेमिंग की व्यापक राजनीतिक रणनीति को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देती है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश राज्यसभा सीट क्यों रिक्त हुई?
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद यह सीट रिक्त हुई। इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग ने उपचुनाव की अधिसूचना जारी की।
हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से क्यों उम्मीदवार बनाया गया?
भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के बहुमत के चलते इस सीट पर पार्टी की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जो इस रणनीतिक नियुक्ति को संभव बनाती है।
भाजपा ने कांग्रेस पर 'सिख-विरोधी' का आरोप क्यों लगाया?
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस द्वारा पुरी की उम्मीदवारी के विरोध को सिख-विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताया। उन्होंने 1984 के सिख-विरोधी दंगों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सिख समुदाय के प्रति षड्यंत्रों से भरा रहा है।
कांग्रेस ने हरदीप पुरी पर क्या आरोप लगाए हैं?
कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कथित तौर पर दावा किया कि हरदीप सिंह पुरी के तार कुख्यात अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े हैं। यह आरोप अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुआ है और भाजपा ने इसे निराधार बताया है।
मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव का परिणाम क्या होने की संभावना है?
मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के स्पष्ट बहुमत के कारण हरदीप सिंह पुरी की जीत लगभग तय मानी जा रही है। राज्यसभा चुनाव विधायकों के मतों से होता है, जिसमें भाजपा की संख्यात्मक बढ़त निर्णायक है।
राष्ट्र प्रेस
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