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डॉ. मुरूगन के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर BJP की दौड़ शुरू

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डॉ. मुरूगन के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर BJP की दौड़ शुरू

सारांश

डॉ. मुरूगन के इस्तीफे ने मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक अहम सीट खाली कर दी है। अब भाजपा में भोपाल से दिल्ली तक दावेदारों की दौड़ शुरू हो गई है — सवाल यह है कि पार्टी दक्षिण भारत के किसी नेता पर दाँव लगाएगी या राज्य से ही कोई चौंकाने वाला चेहरा सामने आएगा।

मुख्य बातें

मुरूगन ने केंद्रीय मंत्रिमंडल और मध्य प्रदेश से राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है; उनका कार्यकाल 2030 तक था।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं, जिनमें 8 पर BJP और 2 पर कांग्रेस के सदस्य हैं।
भाजपा सूत्रों के अनुसार दक्षिण भारत के नेता या राज्य से किसी अप्रत्याशित नाम को सीट देने की संभावना है।
पूर्व में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने पर तीनों राज्यसभा सीटें भाजपा को मिली थीं।
भाजपा के कई नेता जो विधानसभा या लोकसभा नहीं जीत सके, वे अब इस सीट की दौड़ में शामिल हो गए हैं।

डॉ. एल. मुरूगन द्वारा मध्य प्रदेश से राज्यसभा की सदस्यता और केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिए जाने के बाद राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा के कई नेता अब इस रिक्त सीट पर अपनी दावेदारी के लिए भोपाल से दिल्ली तक की दौड़-धूप में जुट गए हैं। मुरूगन का कार्यकाल 2030 तक था, लेकिन उनके अचानक इस्तीफे ने राज्य की भाजपा राजनीति में एक नई प्रतिस्पर्धा को जन्म दे दिया है।

सीट की स्थिति और मौजूदा बनावट

मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं, जिनमें से आठ पर अभी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्य काबिज हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्यों में सुमित्रा बाल्मीक, कविता पाटीदार, बंशीलाल गुर्जर, सुमेर सिंह सोलंकी, बालयोगी उमेश नाथ, माया नारोलिया, रजनीश कुमार अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट शामिल हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस/INC) की ओर से विवेक कृष्ण तन्खा और अशोक सिंह राज्यसभा में हैं। अब मुरूगन के इस्तीफे के बाद यह रिक्त सीट चुनाव के लिए तैयार है।

दावेदारों में मचा घमासान

सूत्रों के अनुसार वे प्रभावशाली नेता जो विधानसभा या लोकसभा चुनाव में सफलता नहीं पा सके, वे अब इस राज्यसभा सीट को अपने लिए अवसर के रूप में देख रहे हैं। राज्य के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने स्तर पर सियासी समीकरण बिठाने शुरू कर दिए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र में मंत्रिमंडल फेरबदल की भी चर्चा गर्म है।

दक्षिण भारत का नाम या मध्य प्रदेश का 'सरप्राइज़'

भाजपा के सूत्रों का कहना है कि पार्टी की रणनीति के तहत दक्षिण भारत के किसी नेता को मध्य प्रदेश की इस सीट से राज्यसभा भेजा जा सकता है — ठीक वैसे ही जैसे मुरूगन को भेजा गया था। इसके अलावा, राज्य से ही किसी अप्रत्याशित नाम की संभावना भी जताई जा रही है। गौरतलब है कि पिछले राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने रजनीश अग्रवाल और महेश केवट जैसे चौंकाने वाले नाम मैदान में उतारे थे, जिसने दलीय पंक्ति में हलचल मचाई थी।

पूर्व में कांग्रेस को झटका

राज्य की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर नज़र डालें तो एक अहम प्रसंग सामने आता है — पिछले राज्यसभा चुनाव में तीन सीटों के लिए मतदान हुआ था, जिसमें एक सीट पर कांग्रेस को उम्मीद थी। हालाँकि, कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त हो जाने के कारण तीनों सीटें भाजपा को मिल गईं। इस घटना ने मध्य प्रदेश में राज्यसभा की राजनीति को लेकर भाजपा की पकड़ और मज़बूत की।

आगे क्या होगा

अब जबकि उपचुनाव की संभावना बन गई है, सभी की निगाहें भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व पर टिकी हैं, जो अंतिम नाम तय करेगा। यदि दक्षिण भारत का नेता चुना जाता है तो यह भाजपा की राष्ट्रीय एकता की छवि को मज़बूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि पार्टी किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो क्या 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य इकाई में असंतोष उभरेगा।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डॉ. एल. मुरूगन ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा क्यों दिया?
डॉ. एल. मुरूगन ने केंद्रीय मंत्रिमंडल और मध्य प्रदेश से राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के पीछे के विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किए गए हैं, लेकिन भाजपा सूत्रों के अनुसार आगामी मंत्रिमंडल फेरबदल और रणनीतिक पुनर्गठन इसकी वजह बताई जा रही है।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीट के लिए अब क्या होगा?
मुरूगन के इस्तीफे के बाद इस सीट के लिए उपचुनाव होना तय है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को नए उम्मीदवार का फैसला करना होगा। सूत्रों के अनुसार दक्षिण भारत के किसी नेता या मध्य प्रदेश से किसी अप्रत्याशित नाम को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कितनी सीटें हैं और किसके पास कितनी हैं?
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं। इनमें से 8 पर भाजपा और 2 पर कांग्रेस के सदस्य हैं। मुरूगन के इस्तीफे से एक सीट रिक्त हो गई है जो भाजपा कोटे की है।
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने का मध्य प्रदेश राज्यसभा पर क्या असर पड़ा था?
पिछले राज्यसभा चुनाव में तीन सीटों पर मतदान के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र तकनीकी कारणों से निरस्त हो गया था। इससे कांग्रेस की एक सीट जीतने की उम्मीद धराशायी हो गई और तीनों सीटें भाजपा के खाते में चली गईं।
राज्यसभा सीट की दौड़ में कौन से नेता शामिल हैं?
सूत्रों के अनुसार ऐसे कई भाजपा नेता इस दौड़ में सक्रिय हैं जो विधानसभा या लोकसभा चुनाव नहीं जीत सके। इसके अलावा, पार्टी रणनीति के तहत दक्षिण भारत के किसी नेता का नाम भी विचाराधीन बताया जा रहा है। अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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