मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव: कांग्रेस ने राजकुमार लोहानी को उतारा, भाजपा के हरदीप पुरी से होगी टक्कर
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव के लिए राजकुमार लोहानी को अपना उम्मीदवार घोषित किया, जिससे केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ सीधा मुकाबला तय हो गया। नामांकन की आखिरी तारीख पर लोहानी ने मध्य प्रदेश विधानसभा में अपने कागजात दाखिल किए।
नामांकन का घटनाक्रम
नामांकन दाखिल करते समय कांग्रेस विधायक एवं विपक्ष के उपनेता हेमंत कटारे लोहानी के प्रस्तावक बने। भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील और पार्टी के कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। हालाँकि, नामांकन के दौरान कांग्रेस का कोई वरिष्ठ नेता वहाँ उपस्थित नहीं था, जो पार्टी की इस उम्मीदवारी को लेकर आंतरिक उत्साह पर सवाल उठाता है।
दूसरी ओर, भाजपा के उम्मीदवार हरदीप सिंह पुरी ने 31 अक्टूबर को अपना नामांकन दाखिल किया। उनके साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव, राज्य भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे — जो भाजपा की इस सीट के प्रति गंभीरता दर्शाता है।
उपचुनाव क्यों जरूरी हुआ
यह उपचुनाव केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन के 14 अक्टूबर को राज्यसभा से इस्तीफा देने के कारण आवश्यक हुआ। मुरुगन का कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था, लेकिन उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा को संगठनात्मक रूप से मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए केंद्रीय मंत्रिपरिषद और उच्च सदन दोनों से इस्तीफा दे दिया।
गौरतलब है कि हरदीप सिंह पुरी का उत्तर प्रदेश से मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है। इस लिहाज से मध्य प्रदेश की इस सीट पर उनकी जीत उनके राजनीतिक भविष्य के लिए अहम है।
संख्या बल का गणित
230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा की प्रभावी सदस्य संख्या इस उपचुनाव के लिए 229 है। इनमें भाजपा के 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास काफी कम संख्या है। इस संख्याबल को देखते हुए भाजपा इस सीट जीतने की मजबूत स्थिति में है।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटों में से 8 पर भाजपा और 2 पर कांग्रेस का कब्जा है, जबकि 1 सीट रिक्त है। कांग्रेस की उम्मीदवारी संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश के रूप में देखी जा रही है।
चुनाव कार्यक्रम
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्रों की जाँच 3 नवंबर को होगी। उम्मीदवार 5 नवंबर तक नामांकन वापस ले सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर मतदान 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच होगा और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे होगी। पूरी प्रक्रिया 16 नवंबर 2026 तक पूरी होनी है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
संख्या बल की दृष्टि से कांग्रेस की जीत लगभग असंभव है, फिर भी लोहानी को मैदान में उतारने के इस फैसले से विपक्ष ने भाजपा को प्रतीकात्मक राजनीतिक चुनौती देने का प्रयास किया है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम राज्य में कांग्रेस की उपस्थिति दर्ज कराने और संगठन को सक्रिय रखने की कोशिश है। चुनाव परिणाम 16 नवंबर से पहले तय हो जाने की उम्मीद है।