गुजरात में 9.08 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगे, 2027 के 10 लाख लक्ष्य का 90% पूरा
सारांश
मुख्य बातें
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत गुजरात में अब तक 9.08 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे मार्च 2027 तक 10 लाख घरों में सोलर सिस्टम लगाने के राज्य के लक्ष्य का 90 प्रतिशत हासिल हो गया है। इन प्रणालियों की संयुक्त क्षमता 3,408 मेगावाट है, और रूफटॉप सोलर क्षमता के मामले में गुजरात अब देश का अग्रणी राज्य बन चुका है।
राष्ट्रीय स्तर पर गुजरात की स्थिति
आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में देश की कुल रूफटॉप सोलर क्षमता का 18.21 प्रतिशत हिस्सा स्थापित है। यह उपलब्धि ऐसे समय में विशेष महत्त्व रखती है जब राज्य नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता घटाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। गौरतलब है कि 30 सितंबर 2026 तक राज्य की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता 55,511.46 मेगावाट तक पहुँच चुकी है, जो भारत की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता का 18.55 प्रतिशत है।
सौर और पवन ऊर्जा में गुजरात की हिस्सेदारी
राज्य की कुल अक्षय ऊर्जा क्षमता में सौर ऊर्जा का अकेला योगदान 36,234.55 मेगावाट है, जो भारत की कुल सोलर क्षमता का 21.2 प्रतिशत है। इसके अलावा, पवन ऊर्जा की स्थापित क्षमता 17,043.76 मेगावाट है, जो देश की कुल पवन ऊर्जा क्षमता का 28.8 प्रतिशत है। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि गुजरात भारत की हरित ऊर्जा रणनीति की धुरी बनता जा रहा है।
सरकार की वित्तीय सहायता और नीतिगत रियायतें
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार ने आवासीय उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। 6 किलोवाट तक के सिस्टम लगाने वाले उपभोक्ताओं को नियामकीय शुल्क के रूप में ₹2,950 की सहायता दी जाती है। इसके साथ ही, 'नेटवर्क मजबूत करने का शुल्क' माफ किया गया है और 'नेट मीटरिंग एग्रीमेंट' की अनिवार्यता भी समाप्त की गई है।
अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) परिवारों को 2.18 किलोवाट-पीक तक की क्षमता के सिस्टम पर निर्धारित लागत का केवल 5 प्रतिशत अंशदान देना होगा, जबकि अन्य उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 10 प्रतिशत है। शेष राशि का बोझ केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाती हैं।
उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त सुविधाएँ
राज्य की सोलर नीति के तहत घरेलू उपभोक्ता 'नेट मीटरिंग' का लाभ उठा सकते हैं, जिसमें ग्रिड से ली गई और वापस दी गई बिजली दोनों का हिसाब रखा जाता है। रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए 'कनेक्टेड लोड' की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। उपभोक्ता अपनी अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेच भी सकते हैं और उन्हें बैंकिंग शुल्क से भी छूट प्रदान की गई है।
राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों से जुड़ाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि देश ने 2030 तक अपनी बिजली जरूरतों का 50 प्रतिशत अक्षय ऊर्जा से पूरा करने का संकल्प लिया है। गुजरात का यह प्रदर्शन राष्ट्रीय लक्ष्यों को गति देने में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो रहा है। आने वाले महीनों में शेष 92,000 घरों में सिस्टम लगाने की रफ्तार यह तय करेगी कि राज्य मार्च 2027 की समयसीमा से पहले लक्ष्य पार कर पाता है या नहीं।