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क्या गुजरात ने रूफटॉप सोलर में 5 लाख इंस्टॉलेशंस और 1,879 मेगावाट क्षमता से नया रिकॉर्ड बनाया?

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क्या गुजरात ने रूफटॉप सोलर में 5 लाख इंस्टॉलेशंस और 1,879 मेगावाट क्षमता से नया रिकॉर्ड बनाया?

सारांश

गुजरात ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। 5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशंस के साथ, राज्य ने 1,879 मेगावाट की क्षमता हासिल की है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना के अंतर्गत आई है। जानें इस सफलता के पीछे का रहस्य और गुजरात की ऊर्जा नीति का भविष्य।

मुख्य बातें

5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशंस 1,879 मेगावाट की कुल क्षमता पीएम सूर्य घर योजना के तहत उपलब्धि आकर्षक सब्सिडी लाभ का प्रावधान राज्य में नेट मीटरिंग से छूट

गांधीनगर, 24 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कर लिए हैं, जिनकी कुल क्षमता 1,879 मेगावाट है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत प्राप्त हुई है, जो गुजरात की रूफटॉप सोलर को अपनाने में अग्रणी भूमिका को दर्शाती है।

गुजरात सरकार की योजनाओं और प्रोत्साहन पहलों के तहत राज्य में अब तक 11 लाख से अधिक सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, गुजरात ने मार्च 2027 तक 10 लाख आवासीय रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी समय से पहले ही हासिल कर लिया है।

इस उपलब्धि पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा, “आधुनिक युग में सौर, पवन और हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन द्वारा संचालित ग्रीन ग्रोथ परिलक्षित होती है। गुजरात ने इस परिवर्तन की तैयारी लंबे समय से की है और आज राज्य भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। विशेष रूप से, गुजरात सोलर रूफटॉप योजना में देश में अग्रणी है और सतत प्रगति के मानक स्थापित कर रहा है। यह उपलब्धि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के तहत संभव हुई है।”

रूफटॉप सोलर के व्यापक अपनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी लाभ प्रदान किए जा रहे हैं। इस योजना के तहत 2 किलोवाट तक की क्षमता वाले सिस्टम पर 30,000 रुपए प्रति किलोवाट, 2 किलोवाट से अधिक और 3 किलोवाट तक की क्षमता पर 18,000 रुपए प्रति किलोवाट की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि 3 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले सिस्टम के लिए अधिकतम 78,000 रुपए तक की सब्सिडी का प्रावधान है। अब तक आवासीय उपभोक्ताओं को इस योजना के अंतर्गत ₹3,778 करोड़ की सब्सिडी का लाभ मिल चुका है।

राज्य में 6 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए ₹2,950 तक नियामक शुल्क सहायता भी दी जाती है, नेटवर्क सुदृढ़ीकरण शुल्क माफ किया गया है और उपभोक्ताओं को नेट मीटरिंग समझौते से भी छूट दी गई है। इसके अतिरिक्त, आवासीय सोलर इंस्टॉलेशन के लिए कोई लोड सीमा नहीं है। उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बिजली बेचने की सुविधा भी उपलब्ध है और उन पर कोई बैंकिंग शुल्क नहीं लगाया जाता है।

राजकोट में 10 जनवरी से आयोजित होने वाले वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में गुजरात रूफटॉप सोलर की प्रेरक सफलता की कहानियों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा, जिनमें उन घरों की मिसालें होंगी जिन्होंने न केवल अपने बिजली खर्च को कम किया है बल्कि आज वे रूफटॉप सोलर से अतिरिक्त बिजली जनरेट कर ग्रिड को भी उपलब्ध करा रहे हैं और इससे अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना की कुल संख्या कितनी है?
गुजरात ने 5 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए हैं।
इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को क्या सब्सिडी मिलती है?
उपभोक्ताओं को 2 किलोवाट तक की क्षमता पर 30,000 रुपए प्रति किलोवाट, 2 से 3 किलोवाट तक 18,000 रुपए प्रति किलोवाट, और 3 किलोवाट से अधिक के लिए 78,000 रुपए तक की सब्सिडी मिलती है।
राज्य में रूफटॉप सोलर के लिए अन्य लाभ क्या हैं?
राज्य में 6 किलोवाट तक के सिस्टम पर नियामक शुल्क सहायता, नेटवर्क सुदृढ़ीकरण शुल्क माफ, और नेट मीटरिंग समझौते से छूट प्रदान की जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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