पीएम सूर्य घर योजना: 39.72 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित, 48 लाख परिवारों को मिली मुफ्त बिजली
सारांश
मुख्य बातें
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत देश भर में अब तक 39,72,447 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं और 48,02,717 परिवारों को इसका लाभ मिला है — जिनमें ग्रामीण परिवार भी शामिल हैं। केंद्र सरकार ने 28 जुलाई 2026 को राज्यसभा में यह जानकारी दी। फरवरी 2024 में शुरू हुई यह योजना भारत के आवासीय सौर ऊर्जा विस्तार की सबसे बड़ी पहल बन चुकी है।
मुख्य उपलब्धियाँ
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अकेले वित्त वर्ष 2025-26 में 18.71 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए, जिससे 6.7 गीगावाट (GW) की अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता राष्ट्रीय ग्रिड में जुड़ी। इसी अवधि में 22.71 लाख परिवारों को योजना का सीधा लाभ मिला। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि योजना की रफ्तार साल-दर-साल तेज़ हो रही है।
शून्य बिजली बिल का लाभ
देश भर के डिस्कॉम की रिपोर्टों के अनुसार, 18.93 लाख से अधिक लाभार्थियों को कम से कम एक बिलिंग अवधि के दौरान शून्य बिजली बिल प्राप्त हुआ। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के परिवार भी शामिल हैं, जो पहले महँगे बिजली बिलों से जूझते थे। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने राज्यसभा में बताया कि रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
मंत्री नाइक ने स्पष्ट किया कि यह एक डिमांड-ड्रिवन योजना है — देश का कोई भी आवासीय उपभोक्ता, जिसके पास स्थानीय डिस्कॉम का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकता है। इसके अलावा, सरकारी भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का प्रावधान है। हालाँकि, इन श्रेणियों को केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) नहीं दी जाती, क्योंकि इनके लिए परियोजनाएँ बिना सरकारी सहायता के भी आर्थिक रूप से व्यवहार्य मानी जाती हैं।
वैश्विक संदर्भ और भविष्य की राह
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुमानों के अनुसार, 2030 तक भारत में बिजली की अतिरिक्त माँग का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा होने की संभावना है। वहीं, शेष लगभग 25 प्रतिशत माँग पवन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा जैसे अन्य कम-कार्बन स्रोतों से पूरी होने का अनुमान है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने 2070 नेट-ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विस्तार को प्राथमिकता दे रहा है। पीएम सूर्य घर योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनती जा रही है।