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पीएम सूर्य घर योजना: 39.72 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित, 48 लाख परिवारों को मिली मुफ्त बिजली

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पीएम सूर्य घर योजना: 39.72 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित, 48 लाख परिवारों को मिली मुफ्त बिजली

सारांश

फरवरी 2024 में शुरू हुई पीएम सूर्य घर योजना ने 39.72 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित कर 48 लाख से अधिक परिवारों तक मुफ्त बिजली पहुँचाई है। अकेले 2025-26 में 6.7 GW क्षमता जुड़ी और 18.93 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य हुआ — यह भारत के सौर ऊर्जा विस्तार की सबसे तेज़ रफ्तार है।

मुख्य बातें

पीएम सूर्य घर योजना के तहत देशभर में 39,72,447 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं।
फरवरी 2024 से अब तक 48,02,717 परिवारों को योजना का लाभ मिला, जिनमें ग्रामीण परिवार भी शामिल।
वित्त वर्ष 2025-26 में अकेले 18.71 लाख सिस्टम लगे और 6.7 GW अतिरिक्त सौर क्षमता जुड़ी।
18.93 लाख से अधिक लाभार्थियों को कम से कम एक बिलिंग अवधि में शून्य बिजली बिल मिला।
सरकारी व व्यावसायिक भवनों में भी सोलर लगाने का प्रावधान, लेकिन उन्हें केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) नहीं मिलती।
IEA के अनुसार 2030 तक भारत की अतिरिक्त बिजली माँग का 50% सौर ऊर्जा से पूरा होने का अनुमान।

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत देश भर में अब तक 39,72,447 रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं और 48,02,717 परिवारों को इसका लाभ मिला है — जिनमें ग्रामीण परिवार भी शामिल हैं। केंद्र सरकार ने 28 जुलाई 2026 को राज्यसभा में यह जानकारी दी। फरवरी 2024 में शुरू हुई यह योजना भारत के आवासीय सौर ऊर्जा विस्तार की सबसे बड़ी पहल बन चुकी है।

मुख्य उपलब्धियाँ

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अकेले वित्त वर्ष 2025-26 में 18.71 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए, जिससे 6.7 गीगावाट (GW) की अतिरिक्त सौर ऊर्जा क्षमता राष्ट्रीय ग्रिड में जुड़ी। इसी अवधि में 22.71 लाख परिवारों को योजना का सीधा लाभ मिला। यह आँकड़े दर्शाते हैं कि योजना की रफ्तार साल-दर-साल तेज़ हो रही है।

शून्य बिजली बिल का लाभ

देश भर के डिस्कॉम की रिपोर्टों के अनुसार, 18.93 लाख से अधिक लाभार्थियों को कम से कम एक बिलिंग अवधि के दौरान शून्य बिजली बिल प्राप्त हुआ। इनमें ग्रामीण क्षेत्रों के परिवार भी शामिल हैं, जो पहले महँगे बिजली बिलों से जूझते थे। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने राज्यसभा में बताया कि रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

मंत्री नाइक ने स्पष्ट किया कि यह एक डिमांड-ड्रिवन योजना है — देश का कोई भी आवासीय उपभोक्ता, जिसके पास स्थानीय डिस्कॉम का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकता है। इसके अलावा, सरकारी भवनों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, शैक्षणिक संस्थानों और स्वास्थ्य संस्थानों में भी रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने का प्रावधान है। हालाँकि, इन श्रेणियों को केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) नहीं दी जाती, क्योंकि इनके लिए परियोजनाएँ बिना सरकारी सहायता के भी आर्थिक रूप से व्यवहार्य मानी जाती हैं।

वैश्विक संदर्भ और भविष्य की राह

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुमानों के अनुसार, 2030 तक भारत में बिजली की अतिरिक्त माँग का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा होने की संभावना है। वहीं, शेष लगभग 25 प्रतिशत माँग पवन, जलविद्युत और परमाणु ऊर्जा जैसे अन्य कम-कार्बन स्रोतों से पूरी होने का अनुमान है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने 2070 नेट-ज़ीरो लक्ष्य की दिशा में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विस्तार को प्राथमिकता दे रहा है। पीएम सूर्य घर योजना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि इनमें से कितने सिस्टम वर्षों बाद भी पूरी क्षमता से चल रहे हैं — रखरखाव और ग्रिड एकीकरण की चुनौतियाँ अक्सर सरकारी रिपोर्टों में अनदेखी रह जाती हैं। 18.93 लाख परिवारों को शून्य बिल मिलना उत्साहजनक है, पर यह 'कम से कम एक बिलिंग अवधि' की शर्त के साथ आता है — दीर्घकालिक बचत के आँकड़े अभी सार्वजनिक नहीं हैं। IEA का 2030 तक 50% सौर माँग का अनुमान तभी साकार होगा जब ग्रामीण ग्रिड कनेक्टिविटी और डिस्कॉम की वित्तीय सेहत दोनों सुधरें, जो अभी भी बड़ी बाधाएँ हैं।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की फरवरी 2024 में शुरू की गई डिमांड-ड्रिवन योजना है, जिसके तहत आवासीय उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केंद्रीय वित्तीय सहायता (CFA) दी जाती है। अब तक 39.72 लाख सिस्टम स्थापित हो चुके हैं और 48 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं।
इस योजना के लिए कौन पात्र है और आवेदन कैसे करें?
देश का कोई भी आवासीय उपभोक्ता, जिसके पास स्थानीय डिस्कॉम का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकता है। सरकारी भवन, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान भी सोलर लगा सकते हैं, लेकिन उन्हें CFA नहीं मिलती।
क्या इस योजना से बिजली बिल वाकई शून्य हो जाता है?
डिस्कॉम की रिपोर्टों के अनुसार 18.93 लाख से अधिक लाभार्थियों को कम से कम एक बिलिंग अवधि में शून्य बिजली बिल मिला है। बिल में कमी की मात्रा सिस्टम की क्षमता, बिजली खपत और स्थानीय टैरिफ पर निर्भर करती है।
वित्त वर्ष 2025-26 में योजना की क्या उपलब्धि रही?
वित्त वर्ष 2025-26 में 18.71 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए गए, जिससे 6.7 GW की अतिरिक्त सौर क्षमता जुड़ी और 22.71 लाख परिवारों को लाभ मिला। यह योजना के किसी एक वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा विस्तार है।
भारत में सौर ऊर्जा का भविष्य क्या है?
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार 2030 तक भारत की अतिरिक्त बिजली माँग का लगभग 50 प्रतिशत सौर ऊर्जा से और 25 प्रतिशत अन्य कम-कार्बन स्रोतों से पूरा होने का अनुमान है। पीएम सूर्य घर योजना इस लक्ष्य की दिशा में एक प्रमुख नीतिगत साधन है।
राष्ट्र प्रेस
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