पीएम सूर्य घर योजना: रूफटॉप सोलर से जुड़े 40 लाख घर, हरदीप पुरी ने दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत देशभर में 40 लाख से अधिक आवासीय घर रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़े जा चुके हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार, 29 मई को यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। यह उपलब्धि भारत की क्लीन एनर्जी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।
मंत्री पुरी ने क्या कहा
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल देश के आम नागरिकों को बिजली के बिलों से राहत दिलाकर उन्हें 'आत्मनिर्भर' बना रही है और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब सोलर पावर का 'सुपरहाउस' बन चुका है और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में यह देश की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
पीयूष गोयल की प्रतिक्रिया
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'परिवार सशक्त हो रहा है और जीवन आत्मनिर्भर बन रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 40 लाख से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह नया भारत न केवल बिजली बचा रहा है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति भी लिख रहा है।
योजना का वित्तीय विस्तार
आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में (5 मार्च तक) इस योजना के तहत ₹14,585.29 करोड़ की धनराशि का उपयोग किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह राशि ₹7,822.92 करोड़ थी। यह वर्ष-दर-वर्ष लगभग दोगुनी वृद्धि योजना की बढ़ती माँग और कार्यान्वयन गति को दर्शाती है।
योजना की संरचना और पात्रता
2024 में शुरू की गई यह योजना एक मांग-आधारित कार्यक्रम है। देश के सभी आवासीय उपभोक्ता जिनके पास स्थानीय वितरण कंपनी का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, वे योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने का लाभ उठा सकते हैं। सरकार का अनुमान है कि एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाने से 1,000 अरब यूनिट नवीकरणीय बिजली उत्पन्न हो सकती है, जिससे सिस्टम के 25 साल के जीवनकाल में 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन में कमी आ सकती है।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य
2025 के अंत तक योजना को लागू करने वाले शीर्ष पाँच राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल और राजस्थान रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने 2030 के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या शेष राज्य भी इसी गति से इस योजना को अपनाते हैं।