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पीएम सूर्य घर योजना: रूफटॉप सोलर से जुड़े 40 लाख घर, हरदीप पुरी ने दी जानकारी

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पीएम सूर्य घर योजना: रूफटॉप सोलर से जुड़े 40 लाख घर, हरदीप पुरी ने दी जानकारी

सारांश

पीएम सूर्य घर योजना ने 40 लाख घरों तक पहुँचने का मील का पत्थर पार किया। वित्त वर्ष 2026 में खर्च लगभग दोगुना होकर ₹14,585 करोड़ पर पहुँचा। सरकार का लक्ष्य एक करोड़ घरों तक पहुँचना और 720 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन घटाना है।

मुख्य बातें

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत देशभर में 40 लाख से अधिक घर रूफटॉप सोलर से जोड़े जा चुके हैं।
वित्त वर्ष 2026 (5 मार्च तक) में योजना पर ₹14,585.29 करोड़ खर्च हुए, जो वित्त वर्ष 2025 के ₹7,822.92 करोड़ से लगभग दोगुने हैं।
सरकार का लक्ष्य एक करोड़ घरों में सोलर सिस्टम लगाना और 25 वर्षों में 720 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन घटाना है।
योजना लागू करने में शीर्ष पाँच राज्य: गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल और राजस्थान ।
यह योजना 2024 में शुरू हुई और सभी ग्रिड-कनेक्टेड आवासीय उपभोक्ताओं के लिए खुली है।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत देशभर में 40 लाख से अधिक आवासीय घर रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़े जा चुके हैं। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार, 29 मई को यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। यह उपलब्धि भारत की क्लीन एनर्जी दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।

मंत्री पुरी ने क्या कहा

हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह पहल देश के आम नागरिकों को बिजली के बिलों से राहत दिलाकर उन्हें 'आत्मनिर्भर' बना रही है और साथ ही पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब सोलर पावर का 'सुपरहाउस' बन चुका है और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में यह देश की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

पीयूष गोयल की प्रतिक्रिया

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'परिवार सशक्त हो रहा है और जीवन आत्मनिर्भर बन रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 40 लाख से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं।' उन्होंने आगे जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह नया भारत न केवल बिजली बचा रहा है, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति भी लिख रहा है।

योजना का वित्तीय विस्तार

आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में (5 मार्च तक) इस योजना के तहत ₹14,585.29 करोड़ की धनराशि का उपयोग किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह राशि ₹7,822.92 करोड़ थी। यह वर्ष-दर-वर्ष लगभग दोगुनी वृद्धि योजना की बढ़ती माँग और कार्यान्वयन गति को दर्शाती है।

योजना की संरचना और पात्रता

2024 में शुरू की गई यह योजना एक मांग-आधारित कार्यक्रम है। देश के सभी आवासीय उपभोक्ता जिनके पास स्थानीय वितरण कंपनी का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, वे योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने का लाभ उठा सकते हैं। सरकार का अनुमान है कि एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाने से 1,000 अरब यूनिट नवीकरणीय बिजली उत्पन्न हो सकती है, जिससे सिस्टम के 25 साल के जीवनकाल में 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन में कमी आ सकती है।

शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य

2025 के अंत तक योजना को लागू करने वाले शीर्ष पाँच राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल और राजस्थान रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने 2030 के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या शेष राज्य भी इसी गति से इस योजना को अपनाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एक करोड़ के लक्ष्य के सामने यह अभी भी 40% पर ही है — और समय सीमा तेज़ी से पास आ रही है। वित्त वर्ष 2026 में खर्च का दोगुना होना गति का संकेत देता है, परंतु असली परीक्षा यह है कि क्या लाभार्थियों को वास्तव में शून्य बिजली बिल मिल रहे हैं या सब्सिडी वितरण में देरी बाधा बन रही है। शीर्ष पाँच राज्यों का एकाधिकार यह भी दर्शाता है कि बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर जैसे कम-आय वाले राज्य अभी भी पीछे हैं — जहाँ ऊर्जा राहत की सबसे अधिक ज़रूरत है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक मांग-आधारित योजना है जो 2024 में शुरू की गई, जिसके तहत ग्रिड-कनेक्टेड आवासीय उपभोक्ता राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके अपनी छत पर सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। इसका उद्देश्य बिजली बिल कम करना और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना है।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब तक कितने घर जुड़े हैं?
29 मई 2026 तक इस योजना के तहत 40 लाख से अधिक घर रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़े जा चुके हैं। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एक्स पर साझा की।
इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
देश के सभी आवासीय उपभोक्ता जिनके पास स्थानीय वितरण कंपनी का ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, वे योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
इस योजना से पर्यावरण को क्या फायदा होगा?
सरकार के अनुमान के अनुसार, एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर लगाने से 1,000 अरब यूनिट नवीकरणीय बिजली उत्पन्न होगी और सिस्टम के 25 साल के जीवनकाल में 720 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर उत्सर्जन में कमी आ सकती है।
योजना में सबसे आगे कौन से राज्य हैं?
2025 के अंत तक योजना लागू करने में शीर्ष पाँच राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल और राजस्थान रहे हैं। ये राज्य कुल पंजीकरण में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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