भारत ने पीएम सूर्य घर योजना के तहत 9.566 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ी

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भारत ने पीएम सूर्य घर योजना के तहत 9.566 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ी

सारांश

भारत में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 9.566 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ी गई है, जो न केवल ऊर्जा उत्पादन में सुधार करेगी, बल्कि रोजगार सृजन में भी मदद करेगी। जानें इस योजना के लाभ और इसके दूरगामी प्रभाव!

मुख्य बातें

9.566 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ी गई है।
एक करोड़ घरों में सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य।
लगभग 1,000 अरब यूनिट नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन।
17 लाख नए रोजगार सृजित होने का अनुमान।
हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता 50 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष।

नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत, जो फरवरी 2024 में प्रारंभ हुई, अब तक देश में 9.566 गीगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ी जा चुकी है। यह जानकारी सरकार ने बुधवार को साझा की।

सरकार ने यह भी बताया कि एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने से 25 वर्षों की परियोजना अवधि में लगभग 1,000 अरब यूनिट नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिससे 720 मिलियन टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से विभिन्न उद्योगों में लगभग 17 लाख नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

इसके अतिरिक्त, सरकार ने बताया कि भारत की हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता 2030 तक 50 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंचने की संभावना है।

राज्य मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने राज्यसभा में कहा, "उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फरवरी 2026 तक भारत में करीब 8000 टन प्रति वर्ष की हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता चालू की जाएगी।"

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) का लक्ष्य भारत को हरित हाइड्रोजन और इसके उत्पादों का वैश्विक केंद्र बनाना है।

विश्व बैंक समूह के अनुसार, हरित हाइड्रोजन उत्पादन की कुल लागत में नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान 50-70 प्रतिशत है।

जो आवासीय उपभोक्ता स्थानीय डिस्कॉम से ग्रिड से जुड़े बिजली कनेक्शन का लाभ ले रहे हैं, वे राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके आरटीएस सिस्टम स्थापित कर सकते हैं।

रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने आवेदन से लेकर सब्सिडी के वितरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं के बैंक खातों में सीधे धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

इसके अलावा, राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा आवेदकों को बिना गारंटी के रियायती ब्याज दर (रेपो दर प्लस 50 बीपीएस) पर, वर्तमान में 5.75 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से 10 वर्षों के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी। सरकार की यह पहल दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य एक करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन और पर्यावरण संरक्षण किया जा सके।
इस योजना से कितने रोजगार सृजित होंगे?
इस योजना के तहत लगभग 17 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना है।
भारत की हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता क्या होगी?
2030 तक भारत की हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता 50 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक पहुंचने की संभावना है।
आवेदन करने की प्रक्रिया क्या है?
उपभोक्ता राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन करके आरटीएस सिस्टम स्थापित कर सकते हैं।
ऋण के लिए क्या शर्तें हैं?
आवेदकों को बिना गारंटी के रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस