गुजरात में 15,000 सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर: 65 MW क्षमता जुड़ेगी, ₹314 करोड़ आवंटित
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 15,000 अतिरिक्त सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस विस्तार से राज्य की मौजूदा रूफटॉप सोलर क्षमता में लगभग 65 मेगावाट की वृद्धि अपेक्षित है, जिससे कार्यक्रम की संचयी क्षमता 160 मेगावाट से अधिक हो जाएगी। यह अब तक इस पहल का सबसे बड़ा एकल-वर्षीय विस्तार होगा।
मौजूदा स्थिति और पृष्ठभूमि
मार्च 2026 तक गुजरात में 6,014 सरकारी इमारतों पर ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता 95 मेगावाट है। यह कार्यक्रम 2011-12 से जलवायु परिवर्तन विभाग के अधीन गुजरात एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (GEDA) द्वारा संचालित किया जा रहा है। इसका मूल उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और परंपरागत बिजली पर सरकारी व्यय घटाना है।
जलवायु परिवर्तन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने बताया कि अकेले 2025-26 में 1,377 सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए, जिससे 17.1 मेगावाट की अतिरिक्त नवीकरणीय क्षमता जुड़ी।
बजट आवंटन और विभागीय वितरण
राज्य सरकार ने 2026-27 में इस कार्यक्रम के लिए ₹314 करोड़ निर्धारित किए हैं। इस राशि का विभागीय वितरण इस प्रकार है:
₹278 करोड़ सामान्य सरकारी इमारतों के लिए, ₹33 करोड़ जनजातीय विकास विभाग (Tribal Development Department) द्वारा प्रबंधित इमारतों के लिए, और ₹3 करोड़ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (Social Justice and Empowerment Department) के अंतर्गत आने वाली इमारतों के लिए आवंटित किए गए हैं। योजना के तहत 100 प्रतिशत पूँजी-लागत सहायता जलवायु परिवर्तन विभाग के वार्षिक बजट से दी जाती है।
IIoT आधारित निगरानी तंत्र
गुजरात सरकार ने इस वर्ष सरकारी इमारतों पर स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों की दूरस्थ निगरानी के लिए 'इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स' (IIoT) आधारित रिन्यूएबल एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम भी शुरू किया है। मोढवाडिया के अनुसार, यह प्रणाली स्मार्ट मीटर, सेंसर और IoT गेटवे को GPRS, 4G तथा इथरनेट के माध्यम से जोड़ती है। यह हर 15 मिनट में प्रदर्शन डेटा दर्ज करती है, जिससे प्रतिदिन 96 रीडिंग प्राप्त होती हैं और स्वचालित रिमोट अलर्ट भी प्रदान किए जाते हैं। वर्तमान में यह इंटरफेस 142.5 मेगावाट सोलर और 68.3 मेगावाट पवन ऊर्जा उत्पादन की निगरानी करता है।
पर्यावरण और आर्थिक लाभ
जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री प्रवीण माली ने कहा कि सोलर इंस्टॉलेशन से सरकारी दफ्तरों की पारंपरिक बिजली खपत एवं उस पर होने वाले व्यय में कमी आने के साथ-साथ परंपरागत बिजली उत्पादन से जुड़े प्रदूषण में भी कटौती होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय संदर्भ में गुजरात की स्थिति
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के नवीनतम आँकड़ों के अनुसार, गुजरात की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 47,178 मेगावाट है। इसके साथ राज्य ने राजस्थान को पीछे छोड़ते हुए नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के मामले में देश का अग्रणी राज्य होने का दर्जा हासिल किया है। यह विस्तार गुजरात के उस व्यापक ऊर्जा रूपांतरण एजेंडे को और मजबूत करता है, जिसमें सोलर और पवन ऊर्जा की निर्णायक भूमिका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी इमारतों पर 100 प्रतिशत पूँजी-लागत सहायता के साथ इस पैमाने पर विस्तार भविष्य में निजी क्षेत्र के लिए भी एक मॉडल बन सकता है। आने वाले महीनों में 15,000 इमारतों पर सोलर सिस्टम की स्थापना की प्रगति इस कार्यक्रम की वास्तविक सफलता का पैमाना तय करेगी।