13 जुलाई 2026
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गुजरात: कृषि मंत्री जीतू वघानी का आदेश — सभी सरकारी दफ्तर, यूनिवर्सिटी और कॉर्पोरेशन पर लगेंगे सोलर रूफटॉप

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गुजरात: कृषि मंत्री जीतू वघानी का आदेश — सभी सरकारी दफ्तर, यूनिवर्सिटी और कॉर्पोरेशन पर लगेंगे सोलर रूफटॉप

सारांश

गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वघानी ने युद्धस्तर पर कृषि विभाग के सभी दफ्तरों, विश्वविद्यालयों और कॉर्पोरेशनों में सोलर रूफटॉप लगाने का आदेश दिया है। सात दिनों में GEDA को प्रस्ताव भेजने का निर्देश — मोदी की हरित ऊर्जा अपील पर गुजरात की ठोस प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

कृषि मंत्री जीतू वघानी ने 28 मई 2026 को कृषि विभाग के सभी सरकारी दफ्तरों, यूनिवर्सिटी, बोर्ड और कॉर्पोरेशन में तत्काल सोलर रूफटॉप लगाने का आदेश दिया।
सभी संबंधित कार्यालय 7 दिनों के भीतर प्रस्ताव तैयार कर GEDA (गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी) को भेजेंगे।
यह पहल जिला और तालुका मुख्यालयों के उन दफ्तरों पर भी लागू होगी जहाँ अभी तक सोलर रूफटॉप नहीं लगे।
उद्देश्य: पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटाना, सरकारी बिजली बिल में कमी और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना।
यह निर्णय मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरित ऊर्जा अपील के अनुरूप लिया गया।

गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वघानी ने 28 मई 2026 को कृषि विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी दफ्तरों, कृषि विश्वविद्यालयों, बोर्डों, कॉर्पोरेशनों और शैक्षणिक संस्थानों में तत्काल सोलर रूफटॉप स्थापित करने का आदेश जारी किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में लिया गया यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और हरित ऊर्जा विस्तार की अपील के अनुरूप है।

मुख्य घटनाक्रम

कृषि मंत्री वघानी के निर्देश के बाद यह परियोजना कृषि, किसान कल्याण एवं सहकारिता विभाग के तहत आने वाले समस्त विभागाध्यक्षों के कार्यालयों, कृषि विश्वविद्यालयों, बोर्डों और कॉर्पोरेशनों में लागू होगी। इसके साथ ही उन सभी जिला और तालुका मुख्यालयों के दफ्तरों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा जहाँ अभी तक सोलर रूफटॉप नहीं लगे हैं।

यह काम युद्धस्तर पर पूरा करने के लिए सभी संबंधित कार्यालयों को अगले सात दिनों के भीतर अपने प्रस्ताव तैयार कर गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी (GEDA) को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार की मंशा और उद्देश्य

मंत्री वघानी ने कहा कि सरकारी दफ्तरों और संस्थानों में सोलर रूफटॉप लगाने से पारंपरिक ईंधन से उत्पादित बिजली पर निर्भरता घटेगी और सौर ऊर्जा जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। उनके अनुसार, इस पहल से सरकारी दफ्तरों के बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी।

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के तहत देशभर में सोलर रूफटॉप अपनाने को प्राथमिकता दे रही है। गुजरात पहले से ही नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में गिना जाता है।

गुजरात की हरित ऊर्जा नेतृत्व की भूमिका

गौरतलब है कि गुजरात देश में सौर ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी राज्यों में से एक है। इस नई पहल से राज्य सरकार न केवल अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, बल्कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने के संकल्प को भी मजबूती दे रही है।

आगे क्या होगा

सभी संबंधित कार्यालयों को सात दिनों के भीतर GEDA को प्रस्ताव भेजने हैं, जिसके बाद क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू होगी। यह परियोजना कृषि विभाग से शुरू होकर आगे अन्य राज्य विभागों के लिए एक मॉडल बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — सात दिन का प्रस्ताव-समयसीमा महत्वाकांक्षी है, और GEDA पर एक साथ इतने प्रस्तावों को संसाधित करने का दबाव पड़ेगा। गौरतलब है कि राज्य में पहले भी सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाने की घोषणाएँ हुई हैं, जिनकी प्रगति असमान रही है। यदि यह पहल केवल कृषि विभाग तक सीमित रहती है और अन्य विभागों में नहीं फैलती, तो इसका समग्र ऊर्जा बचत पर प्रभाव सीमित रहेगा। सार्थक बदलाव के लिए ज़रूरी है कि GEDA के पास पर्याप्त क्षमता हो और प्रत्येक संस्थान में स्थापना की समयबद्ध निगरानी हो।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीतू वघानी का सोलर रूफटॉप आदेश क्या है?
कृषि मंत्री जीतू वघानी ने 28 मई 2026 को कृषि, किसान कल्याण एवं सहकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी दफ्तरों, कृषि विश्वविद्यालयों, बोर्डों और कॉर्पोरेशनों में तत्काल सोलर रूफटॉप लगाने का आदेश दिया है। इसमें जिला और तालुका मुख्यालयों के वे दफ्तर भी शामिल हैं जहाँ अभी तक सोलर रूफटॉप नहीं लगे।
इस योजना के तहत प्रस्ताव कब तक देने होंगे?
सभी संबंधित सरकारी कार्यालयों को आदेश जारी होने के 7 दिनों के भीतर अपने प्रस्ताव तैयार कर गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी (GEDA) को सौंपने हैं। इसके बाद GEDA स्थापना प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी।
इस पहल से क्या फायदा होगा?
सोलर रूफटॉप लगाने से सरकारी दफ्तरों के बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आएगी और पारंपरिक ईंधन से उत्पादित बिजली पर निर्भरता घटेगी। यह गुजरात को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनाए रखने में भी मदद करेगा।
यह आदेश किन संस्थानों पर लागू होगा?
यह आदेश कृषि विभाग के तहत आने वाले सभी विभागाध्यक्षों के कार्यालयों, कृषि विश्वविद्यालयों, बोर्डों, कॉर्पोरेशनों और जिला व तालुका मुख्यालयों के उन दफ्तरों पर लागू होगा जहाँ अभी तक सोलर रूफटॉप नहीं लगे हैं।
यह पहल प्रधानमंत्री मोदी की किस अपील से जुड़ी है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों और सरकारी संस्थानों से ईंधन बचाने और हरित ऊर्जा का दायरा बढ़ाने की अपील की थी। गुजरात सरकार ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में इस अपील को अपनाते हुए कृषि विभाग से इसकी शुरुआत की है।
राष्ट्र प्रेस
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