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गुजरात से आती है देश की 50 गीगावॉट ग्रीन एनर्जी, PM मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया खुलासा

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गुजरात से आती है देश की 50 गीगावॉट ग्रीन एनर्जी, PM मोदी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया खुलासा

सारांश

विश्व पर्यावरण दिवस पर PM मोदी ने सूरत से एक बड़ा आँकड़ा साझा किया — गुजरात अकेले देश की 250 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का पाँचवाँ हिस्सा यानी 50 GW देता है। चारंका सोलर पार्क से शुरू हुई यह यात्रा अब ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया तक पहुँच रही है।

मुख्य बातें

भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 250 गीगावॉट तक पहुँची; इसमें गुजरात का योगदान 50 गीगावॉट यानी एक-पाँचवाँ हिस्सा।
पाटन जिले के चारंका गाँव में स्थापित देश का पहला सोलर पार्क भारत के नवीकरणीय ऊर्जा अभियान का आधार बना।
तापी बैराज परियोजना को मंज़ूरी — सूरत को आने वाले दशकों तक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए।
PM मोदी ने ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया में गुजरात की भविष्य की भूमिका को निर्णायक बताया।
BJP ने गुजरात के हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की; मोदी ने कार्यकर्ताओं से जीत को सेवा का अवसर मानने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 जून 2025 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरत में आयोजित कार्यक्रम में घोषणा की कि भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 250 गीगावॉट तक पहुँच चुकी है, जिसमें गुजरात का अकेले 50 गीगावॉट यानी एक-पाँचवाँ हिस्सा है। उन्होंने गुजरात को देश की हरित ऊर्जा क्रांति का अग्रदूत बताते हुए राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा नीति की सराहना की।

गुजरात की हरित ऊर्जा यात्रा

मोदी ने बताया कि इस सदी की शुरुआत में गुजरात ने नवीकरणीय ऊर्जा के लिए एक अलग सरकारी विभाग की स्थापना की थी — यह कदम तब देश में अपनी तरह का पहला था। पाटन जिले के चारंका गाँव में देश का पहला सोलर पार्क स्थापित किया गया, जिसने भारत के सौर ऊर्जा अभियान को एक ठोस दिशा दी।

उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा उत्पादन में गुजरात की उपलब्धियाँ उल्लेखनीय रही हैं और अब ग्रीन हाइड्रोजन तथा ग्रीन अमोनिया जैसे भविष्य के ऊर्जा क्षेत्रों में भी राज्य की भूमिका निर्णायक होने वाली है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब वैश्विक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

वैश्विक ऊर्जा संकट और भारत की आत्मनिर्भरता

वैश्विक परिस्थितियों पर बोलते हुए मोदी ने कहा कि दुनिया इस समय अभूतपूर्व चुनौतियों से जूझ रही है — पहले कोरोना महामारी, फिर विभिन्न क्षेत्रों में सशस्त्र संघर्ष, और अब वैश्विक ऊर्जा संकट। पेट्रोल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और गैस आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं ने कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित किया है।

उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक प्रयासों की बदौलत भारत इन चुनौतियों का मज़बूती से सामना कर रहा है। उनके अनुसार, पिछले 12 वर्षों में देश ने जो नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित की है, वह आज ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सुरक्षा कवच साबित हो रही है।

सूरत के लिए विकास परियोजनाएँ

मोदी ने बताया कि सूरत को आने वाले कई दशकों तक पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए तापी बैराज परियोजना को मंज़ूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त, जल प्रबंधन और ड्रेनेज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए भी कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया।

उन्होंने 'वेस्ट टू वेल्थ' यानी कचरे से संपदा बनाने के जनआंदोलन की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में इस अभियान ने शहरों को अधिक स्वच्छ और हरित बनाने में अहम भूमिका निभाई है। गौरतलब है कि सूरत, जो कभी प्लेग महामारी से प्रभावित हुआ था, आज देश के सबसे स्वच्छ शहरों में गिना जाता है।

भाजपा की स्थानीय निकाय चुनावों में जीत

मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में मिली जीत पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिला परिषद, तहसील परिषद, नगर पालिका और महानगर पालिका चुनावों में गुजरात की जनता ने BJP को इतना प्रचंड समर्थन दिया कि पुराने सभी रिकॉर्ड टूट गए।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि इस जीत को सत्ता नहीं, बल्कि सेवा के अवसर के रूप में देखा जाए। उनका लक्ष्य 'विकसित गुजरात-विकसित भारत' के संकल्प को साकार करना है। आने वाले समय में ग्रीन हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में गुजरात की बढ़ती भूमिका इस संकल्प की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि समान रूप से वितरित है या कुछ बड़े औद्योगिक परियोजनाओं की बदौलत आँकड़े फुले हुए हैं। ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया की घोषणाएँ नई नहीं हैं — ये वादे पिछले दो बजट भाषणों में भी थे, लेकिन ठोस उत्पादन क्षमता अभी भी प्रारंभिक चरण में है। विश्व पर्यावरण दिवस पर ऊर्जा उपलब्धियाँ गिनाना और स्थानीय निकाय चुनावों की जीत को एक ही मंच पर जोड़ना यह दर्शाता है कि पर्यावरण नीति और चुनावी राजनीति के बीच की रेखा तेज़ी से धुंधली हो रही है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात देश की कुल ग्रीन एनर्जी में कितना योगदान देता है?
गुजरात भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का पाँचवाँ हिस्सा यानी 50 गीगावॉट उत्पन्न करता है। देश की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 250 गीगावॉट है।
चारंका सोलर पार्क क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
चारंका सोलर पार्क गुजरात के पाटन जिले में स्थित देश का पहला सोलर पार्क है। इसने भारत के नवीकरणीय ऊर्जा अभियान को प्रारंभिक दिशा और ढाँचा प्रदान किया।
तापी बैराज परियोजना सूरत के लिए क्यों ज़रूरी है?
तापी बैराज परियोजना का उद्देश्य सूरत को आने वाले कई दशकों तक पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसे केंद्र सरकार की मंज़ूरी मिल चुकी है।
ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया में गुजरात की क्या भूमिका होगी?
PM मोदी के अनुसार, गुजरात भविष्य में ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया उत्पादन में देश में अग्रणी भूमिका निभाएगा। सौर ऊर्जा में मौजूदा क्षमता इन क्षेत्रों के विस्तार का आधार बनेगी।
BJP ने गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों में कैसा प्रदर्शन किया?
BJP ने जिला परिषद, तहसील परिषद, नगर पालिका और महानगर पालिका चुनावों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जिससे पुराने सभी रिकॉर्ड टूट गए। PM मोदी ने इसे जनता का सेवाभाव पर भरोसा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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