गुजरात राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने PM मोदी से मिलकर प्राकृतिक खेती व ग्राम कल्याण योजनाओं की दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने गुरुवार, 25 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की और राज्य में संचालित विकास एवं जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। इस बैठक में प्राकृतिक खेती के विस्तार, बिजली संरक्षण अभियान और ग्राम कल्याण कार्यक्रमों पर केंद्रित चर्चा हुई।
प्राकृतिक खेती: विष-मुक्त कृषि की ओर अभियान
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने प्रधानमंत्री को गुजरात में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों और अब तक के परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि किसानों को रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करते हुए 'विष-मुक्त प्राकृतिक खेती' की ओर प्रोत्साहित करने के लिए एक गहन राज्यव्यापी अभियान जारी है।
राज्यपाल के अनुसार, गौ-आधारित कृषि पद्धतियों को मज़बूत करना और किसान समुदायों में टिकाऊ कृषि के प्रति जागरूकता बढ़ाना इस पहल के मुख्य स्तंभ हैं। सामुदायिक भागीदारी के ज़रिए गाँवों में प्राकृतिक खेती के प्रसार और सामाजिक सद्भाव को मज़बूत करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
बिजली संरक्षण: मिशन मोड में अभियान
बैठक में राज्यपाल ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण लक्ष्यों के अनुरूप गुजरात में चलाए जा रहे बिजली बचत अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजभवन के माध्यम से जारी निर्देशों के तहत राज्य के सरकारी कार्यालयों, विश्वविद्यालयों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में मिशन मोड में यह अभियान संचालित किया जा रहा है।
ग्राम कल्याण कार्यक्रम: बहुआयामी पहल
चर्चा में गुजरात के ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित 'ग्राम कल्याण' कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया गया। आचार्य देवव्रत ने प्रधानमंत्री को ग्राम स्तर पर की जा रही पहलों की जानकारी दी, जिनमें स्वच्छता, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, मूल्य-आधारित शिक्षा, रोज़गार सृजन, स्वास्थ्य सेवा, नशामुक्ति, पशुपालन और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं।
राज्यपाल ने यह भी बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों में ग्रामीणों के साथ प्रत्यक्ष संवाद के दौरान चल रहे कल्याण एवं विकास प्रयासों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
बैठक का व्यापक संदर्भ
यह बैठक गुजरात में ग्रामीण आजीविका सुधार, टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रोत्साहन और सार्वजनिक कल्याण सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे कार्यक्रमों की व्यापक समीक्षा का हिस्सा रही। गौरतलब है कि आचार्य देवव्रत स्वयं प्राकृतिक खेती के प्रबल पैरोकार रहे हैं और इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। यह मुलाकात केंद्र और राज्य के बीच विकास एजेंडे पर समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।