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गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सूरत में एसटी बस से की यात्रा, यात्रियों से की सीधी बातचीत

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गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सूरत में एसटी बस से की यात्रा, यात्रियों से की सीधी बातचीत

सारांश

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 40°C से अधिक गर्मी में सूरत से जिनोद गाँव तक साधारण एसटी बस में सफर किया — बिना प्रोटोकॉल, डिजिटल टिकट लेकर। यह उनकी उस कार्यशैली की झलक है जो औपचारिकताओं से परे जाकर आम नागरिकों से सीधे जुड़ती है।

मुख्य बातें

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शनिवार को सूरत के अडाजन बस स्टैंड से जिनोद गाँव, ओलपाड तालुका तक एसटी बस में यात्रा की।
उन्होंने डिजिटल भुगतान से टिकट खरीदा और किसी विशेष प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।
यात्रा 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के बीच हुई।
राज्यपाल इससे पहले भी कई बार एसटी बस में सफर कर चुके हैं।
वे साप्ताहिक 'ग्राम कल्याण' कार्यक्रम के तहत गाँवों में रहते हैं, SC/ST परिवारों के साथ भोजन करते हैं और सरकारी स्कूल कक्षाओं में रात बिताते हैं।

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने शनिवार, 3 मई 2025 को सूरत के अडाजन बस स्टैंड से ओलपाड तालुका के जिनोद गाँव तक राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) की साधारण बस में यात्रा की। सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई इस यात्रा में राज्यपाल ने किसी विशेष प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया और एक आम यात्री की तरह सफर किया। उल्लेखनीय है कि उस दिन क्षेत्र में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर था।

यात्रा का विवरण

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बस में सवार होने के बाद अपना टिकट स्वयं खरीदा और डिजिटल भुगतान के माध्यम से किराया अदा किया। इस कदम का उद्देश्य नकदी रहित लेनदेन को जन-जन तक प्रेरणा देना था। पूरी यात्रा के दौरान उन्होंने सहयात्रियों से उनका हालचाल पूछा और सार्वजनिक परिवहन के बारे में उनके व्यक्तिगत अनुभवों पर खुलकर चर्चा की।

बस में मौजूद यात्री यह देखकर चकित रह गए कि राज्य के संवैधानिक प्रमुख उनके साथ बिना किसी विशेष व्यवस्था के सामान्य बस में बैठे हैं। यात्रियों ने राज्यपाल के इस सहज और जमीनी अंदाज की सराहना की।

यह पहली बार नहीं

राज्यपाल द्वारा एसटी बस में सफर करना कोई नई बात नहीं है। नागरिकों से सीधे जुड़ने के अपने व्यापक दृष्टिकोण के तहत वे इससे पहले भी कई अवसरों पर राज्य-संचालित बस सेवाओं का उपयोग कर चुके हैं। यह उनकी उस कार्यशैली का हिस्सा है जो औपचारिकताओं से परे आम जनता के साथ संवाद को प्राथमिकता देती है।

ग्राम कल्याण कार्यक्रम

राज्यपाल आचार्य देवव्रत गुजरात के विभिन्न तालुकों में साप्ताहिक 'ग्राम कल्याण' कार्यक्रम आयोजित करने के लिए भी जाने जाते हैं। इन दौरों में वे गाँवों का दौरा करते हैं, 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत एक एकड़ भूमि पर वृक्षारोपण में भाग लेते हैं और ग्रामीण स्वच्छता अभियानों में निवासियों के साथ मिलकर काम करते हैं।

इन दौरों के दौरान वे अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के घरों में भोजन करते हैं। शाम को ग्रामीणों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति, पशुपालन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सद्भाव और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर संवाद करते हैं। औपचारिक आवास के बजाय वे सरकारी स्कूल की कक्षाओं में रात बिताना पसंद करते हैं।

किसानों और बच्चों से जुड़ाव

इन ग्रामीण दौरों में राज्यपाल सुबह-सुबह स्कूली बच्चों के साथ योग सत्र आयोजित करते हैं। इसके बाद वे प्राकृतिक खेती करने वाले खेतों का दौरा करते हैं, किसानों से कृषि पद्धतियों पर मार्गदर्शन देते हैं और पशुओं का दूध दुहने जैसी गतिविधियों में भी भाग लेते हैं। यह जमीनी जुड़ाव उनकी कार्यशैली की विशिष्ट पहचान बन चुकी है।

राज्यपाल देवव्रत की यह पहल सार्वजनिक परिवहन और डिजिटल अर्थव्यवस्था को आम जन-जीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में एक व्यावहारिक संदेश देती है — आने वाले समय में ऐसे और प्रयासों की उम्मीद की जा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये प्रतीकात्मक कदम नीतिगत बदलाव में तब्दील होते हैं। गुजरात में एसटी बस सेवाओं की स्थिति, समय-पालन और ग्रामीण कनेक्टिविटी पर नागरिकों की शिकायतें लंबे समय से चली आ रही हैं। राज्यपाल की यात्रा यात्रियों के अनुभवों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर हो सकती है — बशर्ते इन संवादों से निकले सुझाव संबंधित विभागों तक पहुँचें। जब तक ये जमीनी पहल संस्थागत सुधारों से नहीं जुड़तीं, तब तक इनका असर सुर्खियों तक ही सीमित रहने का जोखिम है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने एसटी बस में यात्रा क्यों की?
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह यात्रा की। उन्होंने सूरत के अडाजन बस स्टैंड से ओलपाड तालुका के जिनोद गाँव तक साधारण एसटी बस में सफर किया और डिजिटल माध्यम से टिकट का भुगतान किया।
राज्यपाल देवव्रत का 'ग्राम कल्याण' कार्यक्रम क्या है?
'ग्राम कल्याण' एक साप्ताहिक कार्यक्रम है जिसके तहत राज्यपाल गुजरात के विभिन्न तालुकों के गाँवों का दौरा करते हैं। इसमें वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, SC/ST परिवारों के साथ भोजन, और शिक्षा व प्राकृतिक खेती जैसे विषयों पर ग्रामीणों से संवाद शामिल है।
क्या राज्यपाल देवव्रत पहले भी एसटी बस में यात्रा कर चुके हैं?
हाँ, यह पहली बार नहीं है। नागरिकों से सीधे जुड़ने के अपने व्यापक दृष्टिकोण के तहत राज्यपाल आचार्य देवव्रत इससे पहले भी कई अवसरों पर राज्य-संचालित एसटी बस सेवाओं का उपयोग कर चुके हैं।
इस यात्रा के दौरान सूरत में मौसम कैसा था?
यात्रा के दौरान सूरत क्षेत्र में भीषण गर्मी पड़ रही थी और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया था। इसके बावजूद राज्यपाल ने बिना किसी विशेष व्यवस्था के साधारण बस में यात्रा की।
राज्यपाल देवव्रत ग्रामीण दौरों में कहाँ रहते हैं?
अपने ग्राम कल्याण दौरों के दौरान राज्यपाल आचार्य देवव्रत औपचारिक आवास सुविधाओं के बजाय सरकारी स्कूल की कक्षाओं में रात बिताना पसंद करते हैं। वे सुबह स्कूली बच्चों के साथ योग सत्र भी आयोजित करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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