गुजरात के विधायकों से 'वन बूथ, वन योग क्लास' के तहत योग को बढ़ावा देने की अपील
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात में योग का प्रचार
- स्वस्थ जीवनशैली का उद्देश्य
- विधायकों की सक्रिय भागीदारी
- जन आंदोलन में योग का परिवर्तन
- बढ़ते मोटापे से निपटने की पहल
गांधीनगर, १२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। गुजरात के विधायकों को ‘वन बूथ, वन योग क्लास’ अभियान के अंतर्गत अपने निर्वाचन क्षेत्रों में योग को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया है। यह पहल राज्य सरकार के अभियान का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बढ़ते मोटापे से निपटना और एक सुरक्षित जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है।
विधायकों को यह संदेश ‘वन बूथ, वन योग क्लास’ के अंतर्गत आयोजित एक विशेष योग संवाद कार्यक्रम ‘एक कदम योगमय विधानसभा की ओर’ में दिया गया। यह कार्यक्रम गुजरात राज्य योग बोर्ड द्वारा गांधीनगर में नए विधायक निवासों में आयोजित किया गया और इसमें स्पीकर शंकर चौधरी ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विधायकों को योग गतिविधियों का विस्तार करने के लिए एक मंच प्रदान करना था।
यह पहल राज्य के ‘स्वस्थ गुजरात, मेदस्विता मुक्त गुजरात’ अभियान का एक अभिन्न हिस्सा है, जिसका लक्ष्य स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और मोटापे की चुनौती का सामना करना है।
आयोजकों का कहना है कि इस पहल के माध्यम से योग को एक जन आंदोलन में बदलने और ‘विकसित गुजरात, विकसित भारत’ की व्यापक दृष्टि का समर्थन करने का प्रयास किया जा रहा है।
यह अभियान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘मन की बात’ रेडियो संबोधन में बढ़ते मोटापे पर व्यक्त की गई चिंताओं के उत्तर में आरंभ किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान घोषणा की कि इस वर्ष को 'स्वस्थ गुजरात' अभियान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी कर रहे हैं, जबकि खेल मंत्री जयराम गमित के मार्गदर्शन में यह कार्य चल रहा है। शीशपाल राजपूत इन प्रयासों की निगरानी कर रहे हैं।
गांधीनगर में इस कार्यक्रम के दौरान विधायकों को अपने क्षेत्रों में योग गतिविधियों का विस्तार करने और 'योगमय विधानसभा' की स्थापना के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस पहल के अंतर्गत प्रत्येक मतदान बूथ क्षेत्र में कम से कम एक योग कक्षा आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि निवासियों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि योग को केवल शारीरिक व्यायाम के रूप में नहीं, बल्कि एक जीवनशैली के रूप में देखा जाना चाहिए, जो जीवनशैली संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मोटापे और संबंधित बीमारियों को कम करने के लिए योगाभ्यास के साथ संतुलित आहार का संयोजन आवश्यक है।
गुजरात राज्य योग बोर्ड के अनुसार, राज्य में अब तक ५० लाख से अधिक लोगों को उनके कार्यक्रमों के माध्यम से योग से जोड़ा जा चुका है।
बोर्ड ने बताया कि वर्तमान अभियान का लक्ष्य इसे बढ़ाकर पांच करोड़ नागरिकों तक पहुँचाना है, जिसमें विधायकों और स्थानीय समुदाय की पहल का समर्थन शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि यह पहल विकसित भारत के दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में एक स्वस्थ जनसंख्या बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में गुजरात के योगदान को मजबूत करने के लिए है।