तमिलनाडु के 200 सरकारी दफ्तरों पर लगेंगे रूफटॉप सोलर पैनल, ₹200 करोड़ की योजना तैयार
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TGECL) ने राज्य के करीब 200 सरकारी दफ्तरों की छतों पर 200 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसकी अनुमानित लागत ₹200 करोड़ बताई जा रही है। यह विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) राज्य सरकार को सौंपी जा चुकी है और अधिकारियों के अनुसार सरकार की मंजूरी मिलने के बाद इसकी औपचारिक घोषणा आगामी विधानसभा सत्र में किए जाने की उम्मीद है।
योजना की संरचना और मॉडल
इस परियोजना को नवीकरणीय ऊर्जा सेवा कंपनी (RESCO) मॉडल के तहत लागू करने का प्रस्ताव है। इस व्यवस्था में निजी कंपनियाँ सरकारी इमारतों की छतों पर संयंत्र स्थापित करेंगी, उनकी मालिक रहेंगी और संचालन व रखरखाव की ज़िम्मेदारी भी संभालेंगी। इन्हीं संयंत्रों से उत्पादित बिजली सीधे संबंधित सरकारी दफ्तरों को आपूर्ति की जाएगी।
बुनियादी ढाँचे के आकलन के बाद TGECL ने जिला कलेक्टर कार्यालयों और राजस्व विभाग के दफ्तरों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है, क्योंकि इन इमारतों की छतों पर संयंत्र लगाने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। अधिकारियों ने स्वीकार किया कि कई सरकारी इमारतों में छत की सीमित जगह एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
पिछली योजना की विफलता और नई शुरुआत
TGECL के अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्ताव पिछली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) सरकार के दौर में शुरू की गई इसी तरह की एक योजना का संशोधित रूप है, जो सफल नहीं हो सकी थी। उस योजना के तहत तमिलनाडु बिजली वितरण निगम और TGECL की संयुक्त व्यवहार्यता जाँच के बाद चेन्नई, तिरुवल्लुर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम जिलों में 20 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर संयंत्रों के लिए निविदाएँ जारी की गई थीं।
हालाँकि, वह परियोजना निजी कंपनियों को आकर्षित नहीं कर सकी और ठंडे बस्ते में चली गई। इसके अलावा, अधिकारियों के अनुसार मौजूदा सरकार ने निविदा प्रक्रिया में अनियमितताएँ पाए जाने के बाद अक्टूबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच जारी की गई सभी निविदाएँ रद्द कर दीं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार ने राज्यों से नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में तेज़ी लाने की अपील की है।
सरकारी दफ्तरों पर असर
प्रस्तावित संयंत्र चालू होने के बाद दिन के समय इन दफ्तरों की बिजली ज़रूरत का बड़ा हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा होने की उम्मीद है। इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता घटेगी, बिजली का खर्च कम होगा और राज्य को अपने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की दिशा में भी मदद मिलेगी।
बिजली मंत्री की समीक्षा बैठक
इस बीच, बिजली मंत्री सी.टी.आर. निर्मलकुमार ने चेन्नई में तमिलनाडु बिजली बोर्ड के मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के बिजली क्षेत्र की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने बिजली उत्पादन, खरीद और वितरण व्यवस्था के साथ-साथ अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती की प्रगति का भी जायज़ा लिया।
बैठक में उडांगुडी ताप बिजली परियोजना और प्रस्तावित एन्नोर विशेष आर्थिक क्षेत्र ताप बिजली परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद TGECL RESCO मॉडल के तहत निजी कंपनियों से नई निविदाएँ आमंत्रित करेगा।