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त्रिपुरा में 2 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर का लक्ष्य, खट्टर ने बिजली और शहरी योजनाओं की समीक्षा की

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त्रिपुरा में 2 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर का लक्ष्य, खट्टर ने बिजली और शहरी योजनाओं की समीक्षा की

सारांश

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अगरतला यात्रा महज समीक्षा नहीं थी — यह समयसीमाओं की कसौटी थी। मार्च 2027 तक 2 लाख घरों में रूफटॉप सोलर, अगस्त 2026 तक प्रीपेड मीटर — त्रिपुरा के बिजली क्षेत्र के लिए अब वादों से ज़्यादा जवाबदेही की घड़ी है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 31 मई को अगरतला में CM माणिक साहा के साथ बिजली और शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा की।
त्रिपुरा सरकार ने मार्च 2027 तक 2 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
सभी सरकारी उपभोक्ताओं को अगस्त 2026 तक प्रीपेड मीटर से जोड़ने और जुलाई 2027 तक स्मार्ट मीटर परियोजनाएँ पूरी करने का आश्वासन दिया गया।
AT&C घाटे में कमी और डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति सुधारना बैठक की प्रमुख प्राथमिकता रही।
पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के ज़रिए दूरदराज क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा पहुँचाने पर ज़ोर दिया गया।

केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार, 31 मई को अगरतला में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें राज्य के बिजली क्षेत्र और शहरी विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बैठक में मार्च 2027 तक 2 लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लक्ष्य सहित कई महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताएँ सामने आईं।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) और बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) की परिचालन एवं वित्तीय स्थिति की समीक्षा की गई। खट्टर ने एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (AT&C) घाटे को कम करने और डिस्कॉम की वित्तीय सेहत सुधारने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सरकारी उपभोक्ताओं और संस्थानों में लगे मीटरों को प्रीपेड मीटर में बदलने और राजस्व संग्रह बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

स्मार्ट मीटरिंग की प्रगति की भी समीक्षा हुई। राज्य सरकार ने अगस्त 2026 तक सभी सरकारी उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर से जोड़ने और जुलाई 2027 तक लंबित स्मार्ट मीटर परियोजनाओं को पूरा करने का आश्वासन दिया।

ट्रांसमिशन अवसंरचना पर जोर

बढ़ती बिजली माँग को देखते हुए खट्टर ने राज्य की संसाधन पर्याप्तता और आंतरिक ट्रांसमिशन नेटवर्क की योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली माँग के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता का विस्तार अनिवार्य है। इस पर राज्य सरकार ने आंतरिक ट्रांसमिशन अवसंरचना को तेज़ी से मज़बूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

सौर ऊर्जा और केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा

बैठक में पीएम-कुसुम और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति भी परखी गई। केंद्रीय मंत्री ने त्रिपुरा को इन योजनाओं का लाभ उठाकर दूरदराज और वंचित क्षेत्रों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुँच बढ़ाने की सलाह दी। राज्य सरकार ने मार्च 2027 तक 2 लाख उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।

सरकार की प्रतिक्रिया

खट्टर ने राज्य के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य सरकार स्वीकृत परियोजनाओं को तेज़ी से लागू करने और बिजली क्षेत्र के समग्र प्रदर्शन में सुधार के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी।

बैठक में त्रिपुरा के ऊर्जा मंत्री, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, ऊर्जा मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा बिजली क्षेत्र के केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

क्या होगा आगे

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में बिजली क्षेत्र के सुधारों को गति देने पर विशेष ध्यान दे रही है। गौरतलब है कि AT&C घाटे में कमी और स्मार्ट मीटरिंग का विस्तार डिस्कॉम की वित्तीय स्थिरता के लिए राष्ट्रीय प्राथमिकता बन चुकी है। निर्धारित समयसीमाओं पर अमल त्रिपुरा की ऊर्जा क्षेत्र में साख का असली पैमाना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पीएम सूर्य घर योजना की राष्ट्रव्यापी प्रगति अब तक अपेक्षाओं से पीछे रही है। असली सवाल यह है कि क्या इस बार निर्धारित समयसीमाएँ — अगस्त 2026 और मार्च 2027 — महज़ घोषणाएँ रहेंगी या इनके साथ सत्यापन-योग्य जवाबदेही का ढाँचा भी होगा।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा में 2 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य कब तक पूरा होगा?
त्रिपुरा सरकार ने मार्च 2027 तक 2 लाख उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ 31 मई की समीक्षा बैठक में तय किया गया।
त्रिपुरा में स्मार्ट मीटरिंग और प्रीपेड मीटर कब तक लागू होंगे?
राज्य सरकार ने अगस्त 2026 तक सभी सरकारी उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर से जोड़ने और जुलाई 2027 तक लंबित स्मार्ट मीटर परियोजनाएँ पूरी करने का आश्वासन दिया है। केंद्रीय मंत्री खट्टर ने इस कार्य में तेज़ी लाने का निर्देश दिया।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम का त्रिपुरा में क्या महत्व है?
इन दोनों केंद्रीय योजनाओं का उद्देश्य दूरदराज और वंचित क्षेत्रों तक स्वच्छ ऊर्जा की पहुँच बढ़ाना है। बैठक में खट्टर ने त्रिपुरा को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी, जिससे उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है।
AT&C घाटा क्या है और त्रिपुरा के लिए यह क्यों अहम है?
एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (AT&C) घाटा बिजली वितरण में तकनीकी हानि और बिलिंग-संग्रह की कमी को मापता है। इसे कम करना डिस्कॉम की वित्तीय सेहत के लिए अनिवार्य है, और खट्टर ने इसे त्रिपुरा के बिजली क्षेत्र सुधार की प्राथमिकता बताया।
इस बैठक में केंद्र और त्रिपुरा की ओर से कौन शामिल हुए?
बैठक में त्रिपुरा के ऊर्जा मंत्री, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी, ऊर्जा मंत्रालय और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधि तथा बिजली क्षेत्र के केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की।
राष्ट्र प्रेस
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