मनोहर लाल ने रांची में झारखंड के विद्युत और शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा की, AT&C हानियाँ घटाने पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय विद्युत एवं आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को रांची में झारखंड के विद्युत क्षेत्र और शहरी विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य की बिजली वितरण प्रणाली की कमियों, स्मार्ट मीटरिंग की प्रगति और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
बैठक में झारखंड सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्या कुमार के अलावा राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक झारखंड में बिजली क्षेत्र की संरचनात्मक चुनौतियों को केंद्र-राज्य समन्वय के ज़रिए सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम: AT&C हानियाँ और डिस्कॉम सुधार
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बैठक में झारखंड में उच्च कुल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (AT&C) हानियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और राज्य सरकार से इन्हें स्थायी स्तर पर लाने के लिए ठोस उपाय करने का आग्रह किया। उन्होंने पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS), डिस्कॉम के परिचालन और वित्तीय मापदंडों, संसाधन पर्याप्तता तथा भविष्य की बिजली माँग को पूरा करने के लिए पारेषण अवसंरचना नियोजन पर विस्तृत कार्य योजना बनाने पर जोर दिया।
मंत्री ने राज्य सरकार से राज्य वितरण कंपनी (डिस्कॉम) की ऋण देनदारियों के पुनर्गठन की दिशा में सक्रिय प्रयास करने को कहा। साथ ही, सरकारी विभागों के बकाया भुगतानों के समय पर निपटान के लिए एक सुदृढ़ तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
स्मार्ट मीटरिंग: 31 अगस्त 2026 की समयसीमा
बैठक में 31 अगस्त 2026 तक सरकारी उपभोक्ताओं के यहाँ लगे मीटरों को प्रीपेड मीटरों में बदलने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी समयसीमा तक वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं सहित उच्च खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटरों की स्थापना को अधिकतम करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई, जबकि अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए स्थापना प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए।
आदिवासी विद्युतीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा योजनाएँ
केंद्रीय मंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के तहत आदिवासी परिवारों के लिए ग्रिड विद्युतीकरण की प्रगति की समीक्षा की और राज्य को कार्यान्वयन में तेज़ी लाने का निर्देश दिया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत लक्ष्यों को पूरा करने के लिए राज्य से क्रियान्वयन में तेज़ी लाने का आग्रह किया गया।
राज्य सरकार के भवनों पर प्राथमिकता के आधार पर रूफटॉप सोलर की क्षमता बढ़ाने की सलाह दी गई, जिससे ग्रिड पर बिजली की माँग घटेगी और राज्य के बजट पर वित्तीय बोझ कम होगा। गौरतलब है कि झारखंड जैसे राज्यों में ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची में ऊपर है।
आगे की राह
इस समीक्षा बैठक के बाद झारखंड सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह विद्युत क्षेत्र के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करे, जिसमें AT&C हानियों में कमी, स्मार्ट मीटरिंग लक्ष्यों की पूर्ति और डिस्कॉम के वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार के ठोस रोडमैप शामिल हों। केंद्र और राज्य के बीच इस तरह की उच्चस्तरीय समीक्षाएँ आने वाले महीनों में और तेज़ होने की संभावना है।