10 अगस्त 2026
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मनोहर लाल ने रांची में झारखंड के विद्युत और शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा की, AT&C हानियाँ घटाने पर जोर

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मनोहर लाल ने रांची में झारखंड के विद्युत और शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा की, AT&C हानियाँ घटाने पर जोर

सारांश

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने रांची में झारखंड के बिजली और शहरी विकास की समीक्षा की — AT&C हानियाँ घटाना, 31 अगस्त तक स्मार्ट मीटरिंग और आदिवासी विद्युतीकरण में तेज़ी प्रमुख एजेंडा रहे।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 19 जून 2026 को रांची में झारखंड के विद्युत और शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की।
झारखंड में उच्च AT&C हानियों को स्थायी स्तर पर लाने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया गया।
31 अगस्त 2026 तक सरकारी उपभोक्ताओं के मीटर प्रीपेड और वाणिज्यिक-औद्योगिक उपभोक्ताओं के यहाँ स्मार्ट मीटर लगाने की समयसीमा तय।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के तहत आदिवासी परिवारों के ग्रिड विद्युतीकरण में तेज़ी लाने के निर्देश।
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और PM कुसुम योजना के लक्ष्यों की पूर्ति के लिए क्रियान्वयन में तेज़ी लाने का आग्रह।
राज्य सरकार के भवनों पर रूफटॉप सोलर को प्राथमिकता देने की सलाह, जिससे बजट पर वित्तीय बोझ घटेगा।

केंद्रीय विद्युत एवं आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को रांची में झारखंड के विद्युत क्षेत्र और शहरी विकास योजनाओं की व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में राज्य की बिजली वितरण प्रणाली की कमियों, स्मार्ट मीटरिंग की प्रगति और केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए

बैठक में झारखंड सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्या कुमार के अलावा राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक झारखंड में बिजली क्षेत्र की संरचनात्मक चुनौतियों को केंद्र-राज्य समन्वय के ज़रिए सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम: AT&C हानियाँ और डिस्कॉम सुधार

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बैठक में झारखंड में उच्च कुल तकनीकी एवं वाणिज्यिक (AT&C) हानियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की और राज्य सरकार से इन्हें स्थायी स्तर पर लाने के लिए ठोस उपाय करने का आग्रह किया। उन्होंने पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS), डिस्कॉम के परिचालन और वित्तीय मापदंडों, संसाधन पर्याप्तता तथा भविष्य की बिजली माँग को पूरा करने के लिए पारेषण अवसंरचना नियोजन पर विस्तृत कार्य योजना बनाने पर जोर दिया।

मंत्री ने राज्य सरकार से राज्य वितरण कंपनी (डिस्कॉम) की ऋण देनदारियों के पुनर्गठन की दिशा में सक्रिय प्रयास करने को कहा। साथ ही, सरकारी विभागों के बकाया भुगतानों के समय पर निपटान के लिए एक सुदृढ़ तंत्र स्थापित करने का निर्देश दिया गया।

स्मार्ट मीटरिंग: 31 अगस्त 2026 की समयसीमा

बैठक में 31 अगस्त 2026 तक सरकारी उपभोक्ताओं के यहाँ लगे मीटरों को प्रीपेड मीटरों में बदलने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी समयसीमा तक वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं सहित उच्च खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटरों की स्थापना को अधिकतम करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई, जबकि अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए स्थापना प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए।

आदिवासी विद्युतीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा योजनाएँ

केंद्रीय मंत्री ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के तहत आदिवासी परिवारों के लिए ग्रिड विद्युतीकरण की प्रगति की समीक्षा की और राज्य को कार्यान्वयन में तेज़ी लाने का निर्देश दिया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत लक्ष्यों को पूरा करने के लिए राज्य से क्रियान्वयन में तेज़ी लाने का आग्रह किया गया।

राज्य सरकार के भवनों पर प्राथमिकता के आधार पर रूफटॉप सोलर की क्षमता बढ़ाने की सलाह दी गई, जिससे ग्रिड पर बिजली की माँग घटेगी और राज्य के बजट पर वित्तीय बोझ कम होगा। गौरतलब है कि झारखंड जैसे राज्यों में ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव केंद्र सरकार की प्राथमिकता सूची में ऊपर है।

आगे की राह

इस समीक्षा बैठक के बाद झारखंड सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह विद्युत क्षेत्र के लिए एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करे, जिसमें AT&C हानियों में कमी, स्मार्ट मीटरिंग लक्ष्यों की पूर्ति और डिस्कॉम के वित्तीय स्वास्थ्य में सुधार के ठोस रोडमैप शामिल हों। केंद्र और राज्य के बीच इस तरह की उच्चस्तरीय समीक्षाएँ आने वाले महीनों में और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और स्मार्ट मीटरिंग की धीमी गति इस समस्या की जड़ में है। केंद्र की 31 अगस्त 2026 की समयसीमा महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य के पास इसे लागू करने की प्रशासनिक क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति दोनों हैं। डिस्कॉम की ऋण देनदारियाँ और सरकारी विभागों के बकाये — ये वे संरचनात्मक समस्याएँ हैं जो वर्षों से समीक्षा बैठकों का हिस्सा रही हैं, पर हल नहीं हुईं। बिना जवाबदेही के ढाँचे के, यह बैठक भी पिछली समीक्षाओं की तरह कागज़ों तक सीमित रहने का जोखिम उठाती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने रांची में किन मुद्दों की समीक्षा की?
मनोहर लाल ने 19 जून 2026 को रांची में झारखंड के विद्युत क्षेत्र की AT&C हानियाँ, डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति, स्मार्ट मीटरिंग की प्रगति और केंद्रीय योजनाओं — RDSS, PM सूर्य घर, PM कुसुम — के क्रियान्वयन की समीक्षा की। आदिवासी परिवारों के ग्रिड विद्युतीकरण की प्रगति भी एजेंडे में रही।
झारखंड में स्मार्ट मीटर लगाने की समयसीमा क्या है?
31 अगस्त 2026 तक सरकारी उपभोक्ताओं के मीटरों को प्रीपेड में बदलना और वाणिज्यिक व औद्योगिक उपभोक्ताओं के यहाँ स्मार्ट मीटर की स्थापना को अधिकतम करना अनिवार्य किया गया है। अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए भी प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
झारखंड में AT&C हानियाँ क्यों चिंता का विषय हैं?
AT&C (कुल तकनीकी एवं वाणिज्यिक) हानियाँ बिजली वितरण में होने वाले तकनीकी और राजस्व नुकसान का संयुक्त माप हैं। झारखंड में ये हानियाँ राष्ट्रीय औसत से अधिक हैं, जिससे डिस्कॉम की वित्तीय सेहत कमज़ोर होती है और बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान क्या है?
यह केंद्र सरकार का अभियान है जिसके तहत आदिवासी गाँवों और परिवारों को ग्रिड बिजली से जोड़ा जा रहा है। समीक्षा बैठक में मनोहर लाल ने झारखंड को इस अभियान के तहत विद्युतीकरण की गति बढ़ाने का निर्देश दिया।
PM सूर्य घर और PM कुसुम योजना का झारखंड में क्या हाल है?
समीक्षा बैठक में राज्य से दोनों योजनाओं के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए क्रियान्वयन में तेज़ी लाने का आग्रह किया गया। सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई ताकि ग्रिड पर निर्भरता और राज्य के बजट पर बोझ कम हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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